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रोडवेज कार्यशाला में पेड़ कटाई मामला : सीएम फ्लाइंग ने तीसरी बार खंगाला रिकॉर्ड, साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका
Tue, 04 Aug 2026 12:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Tue, 04 Aug 2026 12:13 AM IST
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हिसार। रोडवेज हिसार कार्यशाला में पेड़ों की कटाई के मामले में सीएम फ्लाइंग टीम ने सोमवार को तीसरी बार निरीक्षण कर रिकॉर्ड की जांच की। टीम ने करीब तीन घंटे तक जीएम कार्यालय में दस्तावेज की पड़ताल की और अधिकारियों से मामले से जुड़े सवाल-जवाब किए।
सीएम फ्लाइंग हिसार रेंज की प्रभारी सुनैना के नेतृत्व में पहुंची टीम ने जीएम और टीएम की मौजूदगी में ठेकेदार से संबंधित रिकॉर्ड भी जांचे। जांच के दौरान टीम ने पहले चिह्नित किए गए कुछ साक्ष्यों के मौके पर नहीं मिलने पर साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका जताई।
टीम की ओर से मामले में पहले भी रोडवेज अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था लेकिन तीन बार नोटिस भेजने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। अब टीम मामले की अंतिम रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजेगी।
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जांच में पेड़ों की कटाई से जुड़े दस्तावेज, अनुमति प्रक्रिया और ठेकेदार की भूमिका सहित अन्य पहलुओं को शामिल किया जा रहा है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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दूसरी जांच में गायब मिले थे 19 पेड़
दूसरी जांच के दौरान रोडवेज कार्यशाला परिसर में वन विभाग द्वारा चिह्नित करीब 19 पेड़ों की जड़ें गायब मिलीं। वहीं परिसर के बाहर रखी गई कटी लकड़ी की जड़ों को भी हटा दिया गया था। जांच अधिकारियों ने इसे गंभीर मानते हुए साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका जताई है।
जांच में रिकॉर्ड और मौके की स्थिति में भी अंतर सामने आया। दस्तावेजों में 40 से 50 पेड़ काटे जाने का उल्लेख था जबकि मौके पर इससे अधिक पेड़ों के ठूंठ मिले। एक रिकॉर्ड में 128 पेड़ काटे जाने और दो पेड़ खड़े होने की जानकारी दी गई थी लेकिन मौके पर कोई पेड़ खड़ा नहीं मिला। सफेदा पेड़ों के मामले में भी रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति में अंतर पाया गया।
सीएम फ्लाइंग की प्रभारी सुनैना ने बताया कि 26 जून को मिली सूचना के आधार पर पहली जांच की गई थी। उस दौरान परिसर में 86 पेड़ों के कटे ठूंठ और 132 पोल साइज पौधे उखड़े मिले थे। जांच में लकड़ी का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं मिला और उसे खुर्द-बुर्द किए जाने के संकेत भी मिले। मामले की अंतिम रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।
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सीएम फ्लाइंग हिसार रेंज की प्रभारी सुनैना के नेतृत्व में पहुंची टीम ने जीएम और टीएम की मौजूदगी में ठेकेदार से संबंधित रिकॉर्ड भी जांचे। जांच के दौरान टीम ने पहले चिह्नित किए गए कुछ साक्ष्यों के मौके पर नहीं मिलने पर साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका जताई।
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टीम की ओर से मामले में पहले भी रोडवेज अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था लेकिन तीन बार नोटिस भेजने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। अब टीम मामले की अंतिम रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजेगी।
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जांच में पेड़ों की कटाई से जुड़े दस्तावेज, अनुमति प्रक्रिया और ठेकेदार की भूमिका सहित अन्य पहलुओं को शामिल किया जा रहा है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी जांच में गायब मिले थे 19 पेड़
दूसरी जांच के दौरान रोडवेज कार्यशाला परिसर में वन विभाग द्वारा चिह्नित करीब 19 पेड़ों की जड़ें गायब मिलीं। वहीं परिसर के बाहर रखी गई कटी लकड़ी की जड़ों को भी हटा दिया गया था। जांच अधिकारियों ने इसे गंभीर मानते हुए साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका जताई है।
जांच में रिकॉर्ड और मौके की स्थिति में भी अंतर सामने आया। दस्तावेजों में 40 से 50 पेड़ काटे जाने का उल्लेख था जबकि मौके पर इससे अधिक पेड़ों के ठूंठ मिले। एक रिकॉर्ड में 128 पेड़ काटे जाने और दो पेड़ खड़े होने की जानकारी दी गई थी लेकिन मौके पर कोई पेड़ खड़ा नहीं मिला। सफेदा पेड़ों के मामले में भी रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति में अंतर पाया गया।
सीएम फ्लाइंग की प्रभारी सुनैना ने बताया कि 26 जून को मिली सूचना के आधार पर पहली जांच की गई थी। उस दौरान परिसर में 86 पेड़ों के कटे ठूंठ और 132 पोल साइज पौधे उखड़े मिले थे। जांच में लकड़ी का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं मिला और उसे खुर्द-बुर्द किए जाने के संकेत भी मिले। मामले की अंतिम रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।

गगरेट दौलतपुर मार्ग पर जलस्तर कम होने का इंतजार करते हुए वाहन चालक। संवाद