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Hisar News: किसान आंदोलन से रोडवेज को नुकसान, लोकल रूटों पर कम चल रहीं बसें
Sun, 25 Feb 2024 12:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 25 Feb 2024 12:11 AM IST
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हांसी के बस स्टैंड पर बसों के इंतजार में खड़े यात्री।
हांसी। किसान आंदोलन के चलते रोडवेज को बीते 14 दिनों से आर्थिक नुकसान हो रहा है। वहीं पुलिस द्वारा 10 बसें लेने के कारण बस स्टैंड पर रोडवेज बसों की संख्या घट गई है। जिसके चलते लोकल रूटों के यात्रियों को परेशानी हो रही है। रोडवेज को करीब तीन लाख रुपये का नुकसान हो चुका है।
किसान आंदोलन के चलते बस अड्डे पर 70 में से 60 बसें बच गई हैं। 10 बसें बीते 14 दिनों से पुलिस ने ले रखी हैं। बस स्टैंड पर रोडवेज बसों की संख्या कम होने से लोकल रूटों पर असर पड़ रहा है। जिसके चलते यात्री निजी बसों व अन्य प्राइवेट वाहनों के सहारे काम चला रहे हैं। चंडीगढ़ जाने वाली सभी बसें चंडीगढ़ नहीं पहुंच पा रही हैं। इस रूट पर सात बसें चलती हैं। अंबाला तक सभी बसें जा रही हैं। लेकिन वहां से चंडीगढ़ के लिए लिंक रोड का सहारा लेना पड़ रहा है। कई बसें अंबाला से लौट रही हैं।
वहीं दिल्ली जाने वाली बसें बहादुरगढ़ से लौट रही हैं। बस स्टैंड पर रोडवेज बसों की संख्या घटने से जींद, भिवानी, पेटवाड़, बास, तोशाम, बरवाला जैसे रूटों पर असर पड़ा है। रोडवेज अधिकारियों के अनुसार अन्य बसों के फेरे बढ़ाए गए हैं ताकी यात्री परेशान न हो।
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पांच बसें लगाई पशु मेले में
महेंद्रगढ़ के पाली स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर में 24 से 26 फरवरी तक राज्यस्तरीय पशु मेला लगाया जा रहा है। इसके लिए पांच रोडवेज बसें लगाई गई हैं। जो विभिन्न गांवों से किसानों को पशु मेले में ले जा रही हैं।
प्रतिदिन 20 से 30 हजार का नुकसान
रोडवेज के अनुसार किसान आंदोलन शुरू होने के बाद से कमाई पर कम असर ही पड़ा है। आम दिनों में रोडवेज को करीब 6 लाख रुपये की कमाई होती है। लेकिन किसान आंदोलन के चलते कमाई में करीब 20 से 30 हजार रुपये तक की कमी आई है। 14 दिनों में करीब 3 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
बसों की कमी से लोकल रूटों पर असर पड़ रहा है। इनके स्थान पर अन्य बसों की एडजस्टमेंट की जा रही है। पांच बसें महेंद्रगढ़ पशु मेले में भी लगाई गई हैं।- रणबीर सोरखी, डीआई, बस स्टैंड
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किसान आंदोलन के चलते बस अड्डे पर 70 में से 60 बसें बच गई हैं। 10 बसें बीते 14 दिनों से पुलिस ने ले रखी हैं। बस स्टैंड पर रोडवेज बसों की संख्या कम होने से लोकल रूटों पर असर पड़ रहा है। जिसके चलते यात्री निजी बसों व अन्य प्राइवेट वाहनों के सहारे काम चला रहे हैं। चंडीगढ़ जाने वाली सभी बसें चंडीगढ़ नहीं पहुंच पा रही हैं। इस रूट पर सात बसें चलती हैं। अंबाला तक सभी बसें जा रही हैं। लेकिन वहां से चंडीगढ़ के लिए लिंक रोड का सहारा लेना पड़ रहा है। कई बसें अंबाला से लौट रही हैं।
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वहीं दिल्ली जाने वाली बसें बहादुरगढ़ से लौट रही हैं। बस स्टैंड पर रोडवेज बसों की संख्या घटने से जींद, भिवानी, पेटवाड़, बास, तोशाम, बरवाला जैसे रूटों पर असर पड़ा है। रोडवेज अधिकारियों के अनुसार अन्य बसों के फेरे बढ़ाए गए हैं ताकी यात्री परेशान न हो।
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पांच बसें लगाई पशु मेले में
महेंद्रगढ़ के पाली स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर में 24 से 26 फरवरी तक राज्यस्तरीय पशु मेला लगाया जा रहा है। इसके लिए पांच रोडवेज बसें लगाई गई हैं। जो विभिन्न गांवों से किसानों को पशु मेले में ले जा रही हैं।
प्रतिदिन 20 से 30 हजार का नुकसान
रोडवेज के अनुसार किसान आंदोलन शुरू होने के बाद से कमाई पर कम असर ही पड़ा है। आम दिनों में रोडवेज को करीब 6 लाख रुपये की कमाई होती है। लेकिन किसान आंदोलन के चलते कमाई में करीब 20 से 30 हजार रुपये तक की कमी आई है। 14 दिनों में करीब 3 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
बसों की कमी से लोकल रूटों पर असर पड़ रहा है। इनके स्थान पर अन्य बसों की एडजस्टमेंट की जा रही है। पांच बसें महेंद्रगढ़ पशु मेले में भी लगाई गई हैं।- रणबीर सोरखी, डीआई, बस स्टैंड