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सात माह में नहीं बनाईं सड़कें, अब फैला कीचड़
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हिसार। शहर के वार्ड-11 स्थित सातरोड में अमरूत योजना के तहत टेंडर अलॉटमेंट के सात माह बाद भी सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। सड़कें पहले से ही खराब थीं, अब मानसून सीजन ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दो दिन पहले हुई बारिश सें गलियों में कीचड़ फैला है, जिससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही हैं। स्थिति यह है कि लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। बता दें कि सातरोड की 10 गलियों के निर्माण पर करीब 6 करोड़ 77 लाख रुपये खर्च होंगे।
अमरूत योजना के तहत सातरोड में सीवर व पेयजल लाइन बिछाई जानी थी। सीवर लाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है।,मगर पेयजल लाइन बिछाने का काम कछुआ चाल चल रहा है। निर्धारित समय पूरा होने के बाद भी काम अधूरा पड़ा है। उधर, निगम की तरफ सातरोड में इंटरलॉकिंग सड़कों के निर्माण के टेंडर जारी कर दिए गए। यही नहीं टेंडर अलॉट भी कर दिए गए, मगर इन गलियों में पेयजल लाइन बिछाने का काम पूरा न होने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
इन गलियों का किया जाना है निर्माण (लागत रुपये में)
रामफल के घर से होशियार के घर व होशियार के घर से माता के मंदिर तक सड़क का निर्माण 98.81 लाख
गायत्री किरयाणा स्टोर से संजय के घर व संजय के घर से रामफल सोनी के घर तक 97.60 लाख
लीलू राम के घर से धीरा व धर्मशाला और अशोक के घर से कुलदीप के घर तक सड़क निर्माण 98.13 लाख
रघुवीर के घर से बारूराम के घर तक सड़क निर्माण 94.74 लाख
दीपा चौक से प्रताप फौजी के मकान तक, नरेश ग्रेवाल के घर से माता मंदिर तक सड़क निर्माण 99.24 लाख
रामफल के घर से रामसिंह और रामसिंह के घर से माता मंदिर तक सड़क निर्माण 98.72 लाख
बलजीत के घर से श्मशान तक 98.39 लाख
छह माह में बनानी थीं सड़कें, सात माह बाद भी काम शुरू नहीं
टेंडर की शर्तों के अनुसार ठेकेदार को इन सड़कों को छह माह में बनाना था, मगर सात माह बाद भी इन सड़कों का निर्माण कार्य शुरू तक नहीं हुआ है। अगर काम निर्धारित समय पर शुरू हो जाता है तो अब तक पूरा भी हो जाता।
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निगम की लापरवाही का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। निगम के अधिकारी भी वार्डवासियों की सुध नहीं ले रहे हैं। वार्ड के लोग नरकीय जीवन जीने को मजबूर हो रहे हैं। - कर्मवीर, पार्षद प्रतिनिधि, वार्ड-11
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अमरूत योजना के तहत सातरोड में सीवर व पेयजल लाइन बिछाई जानी थी। सीवर लाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है।,मगर पेयजल लाइन बिछाने का काम कछुआ चाल चल रहा है। निर्धारित समय पूरा होने के बाद भी काम अधूरा पड़ा है। उधर, निगम की तरफ सातरोड में इंटरलॉकिंग सड़कों के निर्माण के टेंडर जारी कर दिए गए। यही नहीं टेंडर अलॉट भी कर दिए गए, मगर इन गलियों में पेयजल लाइन बिछाने का काम पूरा न होने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
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इन गलियों का किया जाना है निर्माण (लागत रुपये में)
रामफल के घर से होशियार के घर व होशियार के घर से माता के मंदिर तक सड़क का निर्माण 98.81 लाख
गायत्री किरयाणा स्टोर से संजय के घर व संजय के घर से रामफल सोनी के घर तक 97.60 लाख
लीलू राम के घर से धीरा व धर्मशाला और अशोक के घर से कुलदीप के घर तक सड़क निर्माण 98.13 लाख
रघुवीर के घर से बारूराम के घर तक सड़क निर्माण 94.74 लाख
दीपा चौक से प्रताप फौजी के मकान तक, नरेश ग्रेवाल के घर से माता मंदिर तक सड़क निर्माण 99.24 लाख
रामफल के घर से रामसिंह और रामसिंह के घर से माता मंदिर तक सड़क निर्माण 98.72 लाख
बलजीत के घर से श्मशान तक 98.39 लाख
छह माह में बनानी थीं सड़कें, सात माह बाद भी काम शुरू नहीं
टेंडर की शर्तों के अनुसार ठेकेदार को इन सड़कों को छह माह में बनाना था, मगर सात माह बाद भी इन सड़कों का निर्माण कार्य शुरू तक नहीं हुआ है। अगर काम निर्धारित समय पर शुरू हो जाता है तो अब तक पूरा भी हो जाता।
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निगम की लापरवाही का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। निगम के अधिकारी भी वार्डवासियों की सुध नहीं ले रहे हैं। वार्ड के लोग नरकीय जीवन जीने को मजबूर हो रहे हैं। - कर्मवीर, पार्षद प्रतिनिधि, वार्ड-11