फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   religion converted : Sunil Sardana in hisar

सुनील सरदाना के परिवार ने किया धर्म परिवर्तन, अपनाया इस्लाम धर्म

Fri, 18 Sep 2015 12:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला हिसार
ब्यूरो/अमर उजाला हिसार Updated Fri, 18 Sep 2015 12:31 AM IST
विज्ञापन
religion converted : Sunil Sardana in hisar

सुनील सरदाना के भाई शुभम सरदाना ने बताया कि

विज्ञापन
उनके परिवार ने खट्टर सरकार में न्याय न मिलने पर आज उन्होंने, उनके पिता-माता, बहनों, मौसी, मामा, मौसेरे व ममेरे भाई सहित 4 परिवार के सदस्यों ने हिन्दू धर्म छोड़कर इस्लाम धर्म अपना लिया।

शुभम ने बताया कि  उन्होंने गत 10 सितंबर को राज्यपाल हरियाणा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री को पहले से ही इस मामले में कार्यवाही के लिए ज्ञापन सौंप रखा था लेकिन हमारी शिकायतों पर किसी भी जांच एजेंसी द्वारा कोई भी कार्यवाही नहीं कराई गई और न ही दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है और दोषी खुलेआम घूम रहे हैं। मेरे भाई सुनील के ऊपर 309 का मुकदमा बनाया गया जो कि जेल में है।

हम फरियाद लेकर मुख्यमंत्री निवास पर गए थे और हम सब पर ही झूठा केस बना दिया गया था। इसी को लेकर राज्य सरकार को धर्म परिवर्तन करने के लिए एक सप्ताह अल्टीमेटम दिया था। राज्य सरकार ने हमारी कोई सुनवाई नहीं की और न ही सरकार का कोई नुमाइंदा हमारे पास आया।

हमने पंजाबी समुदाय के धर्म गुरु स्वामी धर्मदेव, स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, सुभाष सुधा विधायक कुरुक्षेत्र को भी सारे मामले अवगत करवाया था लेकिन समुदाय किसी भी व्यक्ति ने हमारे सुध नहीं ली। प्रशासन का कोई नुमाइंदा हमारे पास नहीं आया क्योंकि पंजाबी समाज के जितने भी ठेकेदार हैं वे पैसे वाले पंजाबी समुदाय के तो हितैषी हैं लेकिन हम गरीब पंजाबी हैं इसलिए हमारा कोई हितैषी व साथ देने वाला नहीं है।

शुभम ने बताया कि अन्य समुदाय के लोगों से हमने संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि अब तो मुख्यमंत्री तुम्हारे समुदाय से है और अब भी तुम्हारी सुनवाई नहीं होती उल्टा मुख्यमंत्री निवास से ही तुम्हारे परिवार के सभी सदस्यों को गिरफ्तार करके पंचकूला ले जाकर मुकदमा बनाया गया।

संविधान के तहत महिला को सूर्यास्त होने के बावजूद किसी भी मामले में गिरफ्तार नहीं किया जाता और हमारे परिवार की महिलाएं जिनमें मेरी बहनें थी जो फरियाद लेकर मुख्यमंत्री निवास पर गई थी उन्हें मुख्यमंत्री निवास चंडीगढ़ से ही देर रात को गिरफ्तार कर पंचकूला लाया गया था। इस्लाम धर्म अपना चुकी शुभम सरदाना की मां ने कहा कि अब आखिरी लड़ाई आर-पार की लड़ी जाएगी।
 एक सप्ताह पूर्व ही सरकार को दे दिया था अल्टीमेटम
पुलिस महानिदेशक हरियाणा के कार्यालय के बाहर आत्महत्या की कोशिश करने वाले हिसार के देव वाटिका निवासी सुनील सरदाना के परिवार ने हरियाणा के मुख्यमंत्री को एक सप्ताह में मामले में कार्यवाही की मांग करते हुए चेताया था कि यदि उनकी सुनवाई नहीं हुई, तो वे धर्म परिवर्तन कर लेंगे।

परिजनों का कहना है कि यदि प्रदेश का मुखिया पंजाबी होते हुए पंजाबियों की सुनवाई नहीं करेगा, तो ऐसे धर्म में रहने का कोई मतलब नहीं है और हम धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम धर्म को अपनाएंगे। परिजनों ने हरियाणा के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और चंडीगढ़ पुलिस प्रमुख को अलग-अलग पत्र लिखकर मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है और आरोपी पक्ष के खिलाफ तुरंत मामला दर्ज करने की गुहार लगाई थी।

यह था मामला
सुनील भाई शुभम ने बताया कि सुनील को विवेक मक्कड़, उसकी पत्नी निती मक्कड़ और सब इंसपेक्टर (सिटी हिसार थाना) ने आत्महत्या के लिए मजबूर किया था। जिसके चलते सुनील ने डीजीपी कार्यालय में सल्फास खाकर आत्महत्या की कोशिश की थी।

पंचकूला पुलिस ने इस मामले में सुनील के खिलाफ धारा 309 के तहत मामला दर्ज कर लिया था, लेकिन मामले में 10 दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी विवेक, निती और सतबीर सिंह के खिलाफ उसे आत्महत्या के लिए मजबूर करने, परेशान करने का कोई मामला दर्ज नहीं किया और अभी भी आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि पुलिस ने सुनील के ही पूरे परिवार को जेल में ठोंक दिया था।

सुनील के परिवार ने बताया कि 2 एवं 3 सितंबर को डीजीपी आफिस सेक्टर 6 पंचकूला के बाहर शांतिपूर्वक ढंग से धरने पर बैठे थे। इस दौरान सुनील के परिवारजन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से मिले और पूरे मामले में लिखित शिकायत दी। सीएम ने आश्वासन दिया था कि जल्द ही कार्यवाही होगी। कार्यवाही ना होने के चलते सुनील के परिवार ने धरना जारी रखा।

उन्होंने बताया कि 3 सितंबर को सीएम के ओएसडी भूनेश्वर दयाल से मुलाकात हुई और उन्हें पूरे मामले से अवगत करवाया। उन्होंने आश्वासन दिया था कि आज (3 सितंबर) शाम को सीएम हाऊस में बुलाकर आपकी समस्या का समाधान किया जाएगा। परिजनों के मुताबिक सीएम के ओएसडी अभिमन्यु ने 3 सितंबर को पौने 8 बजे फोन करके सीएम हाऊस बुलाया गया।

जैसे ही हम सीएम हाऊस के गेट पर पहुंचे, तो पंचकूला पुलिस सेक्टर 5 थाना प्रभारी ललित कुमार, एसीपी दिलीप कुमार, एएसआइ ईश्वर सहित कई अन्य कर्मचारी मौजूद थे। हमारे गाड़ी से उतरते ही पंचकूला पुलिस ने हमें घेर लिया और सुनील की बहन नीलम, ज्योति, भाई शुभम, जीजा राजेंद्र और मामा नरेश को जबरन पुलिस की गाड़ी में बिठाकर पंचकूला ले आए।

पंचकूला पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करने का कोई कारण नहीं बताया। परिजनों के मुताबिक पुलिस ने थाने में लाकर डराया, धमकाया और कहा कि यदि पंचकूला से वापिस नहीं गए, तो कई केस बना दिए जाएंगे। उनके मुताबिक पुलिस ने उन पर झूठा 7/51 का मामला दर्ज कर लिया।

इसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश कर दिया। जब हमारे वकील और परिजनों ने जमानत करवाने चाही, तो एसीपी दिलीप कुमार ने जमानत की कार्यवाही को लटकाए रखा और उन्हें झूठे मामले में 5 दिन जेल में काटने पड़े। परिवार को 9 सितंबर को पुलिस ने जमानत दी।  

परिजनों ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री से गुहार लगाई थी कि पूरे मामले में स्पेशल इंवेस्टिंग टीम (क्राइम ब्रांच) से करवाएं और सुनील को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के लिए आरोपी विवेक, निती और सतबीर पर केस दर्ज किया जाए, क्योंकि सुनील ने सुसाइड नोट एडीजीपी को सौंप था, जिसमें स्पष्ट तौर पर आरोपियों के नाम लिखे हैं।

साथ ही परिवार पर दर्ज झूठे मामले को तुरंत खारिज करने की मांग की थी। परिजनों के मुताबिक वह पंचकूला पुलिस की अनैतिक कार्यवाही से इतने भयभीत हैं कि पुन: पंचकूला या सीएम हाऊस जाने से भी घबरा रहे हैं।

वहीं उन्होंने चंडीगढ़ पुलिस प्रमुख को भी पत्र लिखकर मांग की है कि पंचकूला पुलिस के उन अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की जाए, जिन्होंने गैर कानूनी ढंग से चंडीगढ़ में घुसकर मुख्यमंत्री निवास से परिवार को महिला सहित गिरफ्तार किया।

यदि पंचकूला पुलिस को उन्हें गिरफ्तार करना ही था, तो चंडीगढ़ पुलिस की भी मदद ली जा सकती थी। हमारी आवाज को दबाने के लिए पंचकूला पुलिस ने सीमा का उल्लंघन किया और हमें गिरफ्तार किया।

चार परिवारों के कुल 12 लोगों ने धर्म परिवर्तन किया है। हिसार के एक मौलवी ने हमें कलमा पढ़वा कर धर्म परिवर्तन करवाया है। जल्द ही दिल्ली जाकर इसे रजिस्टर्ड करवाएंगे। - शुभम सरदाना।


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed