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Hisar News: एसएलसी रोकने पर दो स्कूलों की मान्यता खतरे में
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हिसार। शिक्षा विभाग के नियमों की अवहेलना करने पर कार्यकारी जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय की ओर से लाडवा व बरवाला के निजी स्कूलों की मान्यता रद्द करने की सिफारिश के लिए शिक्षा निदेशालय को पत्र लिखा है। इन स्कूलों के खिलाफ लगातार दाखिले से जुड़ी शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन की ओर से छात्रों को स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (एसएलसी) जारी नहीं किए जा रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों को अन्य स्कूलों में प्रवेश लेने में परेशानी आ रही है।
डीईओ कार्यालय की ओर से शिकायतों की पुष्टि के बाद दोनों स्कूलों के प्राचार्यों को बार-बार चेतावनी और निर्देश जारी किए गए, परंतु आदेशों की अनदेखी की गई। इस अनुशासनहीनता को देखते हुए दोनों स्कूलों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए। बता दें कि शिक्षा निदेशालय ने यह स्पष्ट किया है कि नए शैक्षणिक सत्र के दौरान किसी भी छात्र और अभिभावक को दाखिले संबंधी परेशानियों का सामना न करना पड़े, इसके लिए बीईओ के माध्यम से समय-समय पर निर्देश दिए जा रहे हैं।
एसएलसी न देने की बढ़ रहीं शिकायतें
सूत्रों के अनुसार, जिले में 15 से अधिक निजी स्कूलों के खिलाफ शिक्षा विभाग को शिकायतें प्राप्त हुई हैं कि वे स्कूली लीविंग सर्टिफिकेट जारी नहीं कर रहे। इन शिकायतों पर संबंधित बीईओ (खंड शिक्षा अधिकारी) द्वारा स्कूल प्रबंधनों को बार-बार सचेत किया जा रहा है। हालांकि, कई मामलों की जांच अब भी विचाराधीन है।
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निजी स्कूल डाले अड़चन तो क्या करें अभिभावक?
सबसे पहले स्कूल प्राचार्य और स्कूल प्रबंधन समिति को लिखित शिकायत करें।
यदि समाधान न मिले तो हेड क्लस्टर और बीईओ कार्यालय में लिखित शिकायत करें।
बीईओ की कार्रवाई से असंतुष्ट होने पर डीईईओ या डीईओ कार्यालय को शिकायत भेजें।
उसके बाद भी राहत न मिले तो डिप्टी कमिश्नर और शिक्षा निदेशालय को शिकायत की जा सकती है।
प्रधान सचिव, शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री तक भी मामला पहुंचाया जा सकता है।
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हमने दो निजी स्कूलों की मान्यता रद्द करने के लिए शिक्षा निदेशालय को पत्र लिखा है। साथ ही एसएलसी नहीं देने पर स्कूल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस भेजे हैं। -
वेद दहिया, कार्यकारी जिला शिक्षा अधिकारी, हिसार
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डीईओ कार्यालय की ओर से शिकायतों की पुष्टि के बाद दोनों स्कूलों के प्राचार्यों को बार-बार चेतावनी और निर्देश जारी किए गए, परंतु आदेशों की अनदेखी की गई। इस अनुशासनहीनता को देखते हुए दोनों स्कूलों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए। बता दें कि शिक्षा निदेशालय ने यह स्पष्ट किया है कि नए शैक्षणिक सत्र के दौरान किसी भी छात्र और अभिभावक को दाखिले संबंधी परेशानियों का सामना न करना पड़े, इसके लिए बीईओ के माध्यम से समय-समय पर निर्देश दिए जा रहे हैं।
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एसएलसी न देने की बढ़ रहीं शिकायतें
सूत्रों के अनुसार, जिले में 15 से अधिक निजी स्कूलों के खिलाफ शिक्षा विभाग को शिकायतें प्राप्त हुई हैं कि वे स्कूली लीविंग सर्टिफिकेट जारी नहीं कर रहे। इन शिकायतों पर संबंधित बीईओ (खंड शिक्षा अधिकारी) द्वारा स्कूल प्रबंधनों को बार-बार सचेत किया जा रहा है। हालांकि, कई मामलों की जांच अब भी विचाराधीन है।
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निजी स्कूल डाले अड़चन तो क्या करें अभिभावक?
सबसे पहले स्कूल प्राचार्य और स्कूल प्रबंधन समिति को लिखित शिकायत करें।
यदि समाधान न मिले तो हेड क्लस्टर और बीईओ कार्यालय में लिखित शिकायत करें।
बीईओ की कार्रवाई से असंतुष्ट होने पर डीईईओ या डीईओ कार्यालय को शिकायत भेजें।
उसके बाद भी राहत न मिले तो डिप्टी कमिश्नर और शिक्षा निदेशालय को शिकायत की जा सकती है।
प्रधान सचिव, शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री तक भी मामला पहुंचाया जा सकता है।
हमने दो निजी स्कूलों की मान्यता रद्द करने के लिए शिक्षा निदेशालय को पत्र लिखा है। साथ ही एसएलसी नहीं देने पर स्कूल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस भेजे हैं। -
वेद दहिया, कार्यकारी जिला शिक्षा अधिकारी, हिसार