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Hisar News: इंटरनेट बंद होने से राशन के लिए आफत, मशीनें ने चलने से नहीं हो पाया राशन का वितरण
Tue, 13 Feb 2024 03:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Tue, 13 Feb 2024 03:32 AM IST
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फतेहाबाद की चार मरला कॉलोनी में बंद पड़ा राशन डिपो।
फतेहाबाद। फतेहाबाद में इंटरनेट बंद होने के कारण अब राशन डिपो संचालक भी परेशान हो गए हैं। राशन डिपो संचालकों को राशन वितरण के लिए अंगूठा लगाने के लिए दी गई ओपीएस मशीन सिम के सहारे चलती है, लेकिन इंटरनेट बंद होने के कारण मशीनें बंद हो गई हैं। राशन डिपो भी बंद रहे, जिस कारण लोग मायूस होकर लौट रहे हैं।
फतेहाबाद जिले में इस समय 1, 84, 467 राशन कार्ड धारक हैं। रविवार से जैसे ही जिले में इंटरनेट बंद हुआ तो राशन डिपोओं पर सरकार द्वारा दी गई ओपीएस मशीन भी बंद हो गई। राशन डिपो धारकों के अनुसार उनको जो ओपीएस मशीन दी गई है, उसमें सिम डलती है, जो इंटरनेट से जुड़ी है। सरकार ने रविवार को इंटरनेट बंद कर दिया, जिस कारण ओपीएस मशीनों में इंटरनेट बंद हो गया है और मशीन नहीं चली। उन्होंने बताया कि इस मशीन के माध्यम से राशन लेने वाले का अंगूठा लगाया जाता है और उसका रिकॉर्ड आगे दर्ज हो जाता है। इसके बाद ही राशन दिया जाता है, लेकिन इंटरनेट बंद होने के कारण ओपीएस मशीनों पर अंगूठे नहीं लग पा रहे हैं और वह राशन न देने को बेबस हैं।
मात्र 10 फीसदी लोगों को मिला राशन
जिले में 10 फरवरी से राशन डिपो धारकों ने राशन देना आरंभ किया था। 11 फरवरी को इंटरनेट बंद हो गया और दो दिनों से इंटरनेट न चलने के कारण राशन वितरण नहीं हो पाया है। जिले में केवल 10 फीसदी लोगों को ही राशन मुहैया हो पाया है। चीनी व तेल अभी राशन डिपोओं पर नहीं पहुंचा है। वहीं इस बार सरकार ने गेहूं में कटौती की है और बाजरा अधिक दिया जा रहा है। एक यूनिट पर डेढ़ किलो गेहूं व साढ़े 3 किलो बाजरा दिया जा रहा है। ओपीएस मशीन बंद होने के कारण जिले के राशन डिपो सोमवार को बंद रहे।
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ओपीएस मशीन इंटरनेट बंद होने के कारण नहीं चल पा रही है। जिस कारण राशन कार्ड धारकाें के अंगूठे सर्च नहीं हो पा रहे हैं। कोई दूसरा विकल्प भी सरकार की ओर से नहीं मिल रहा है। 13 फरवरी तक इंटरनेट बंद रहेगा, इसलिए राशन कार्ड धारक 14 फरवरी को ही डिपोओं पर पहुंचे। शीशपाल गोदारा, प्रदेशाध्यक्ष फेयर प्राइस वेलफेयर एसोसिएशन।
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फतेहाबाद जिले में इस समय 1, 84, 467 राशन कार्ड धारक हैं। रविवार से जैसे ही जिले में इंटरनेट बंद हुआ तो राशन डिपोओं पर सरकार द्वारा दी गई ओपीएस मशीन भी बंद हो गई। राशन डिपो धारकों के अनुसार उनको जो ओपीएस मशीन दी गई है, उसमें सिम डलती है, जो इंटरनेट से जुड़ी है। सरकार ने रविवार को इंटरनेट बंद कर दिया, जिस कारण ओपीएस मशीनों में इंटरनेट बंद हो गया है और मशीन नहीं चली। उन्होंने बताया कि इस मशीन के माध्यम से राशन लेने वाले का अंगूठा लगाया जाता है और उसका रिकॉर्ड आगे दर्ज हो जाता है। इसके बाद ही राशन दिया जाता है, लेकिन इंटरनेट बंद होने के कारण ओपीएस मशीनों पर अंगूठे नहीं लग पा रहे हैं और वह राशन न देने को बेबस हैं।
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मात्र 10 फीसदी लोगों को मिला राशन
जिले में 10 फरवरी से राशन डिपो धारकों ने राशन देना आरंभ किया था। 11 फरवरी को इंटरनेट बंद हो गया और दो दिनों से इंटरनेट न चलने के कारण राशन वितरण नहीं हो पाया है। जिले में केवल 10 फीसदी लोगों को ही राशन मुहैया हो पाया है। चीनी व तेल अभी राशन डिपोओं पर नहीं पहुंचा है। वहीं इस बार सरकार ने गेहूं में कटौती की है और बाजरा अधिक दिया जा रहा है। एक यूनिट पर डेढ़ किलो गेहूं व साढ़े 3 किलो बाजरा दिया जा रहा है। ओपीएस मशीन बंद होने के कारण जिले के राशन डिपो सोमवार को बंद रहे।
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ओपीएस मशीन इंटरनेट बंद होने के कारण नहीं चल पा रही है। जिस कारण राशन कार्ड धारकाें के अंगूठे सर्च नहीं हो पा रहे हैं। कोई दूसरा विकल्प भी सरकार की ओर से नहीं मिल रहा है। 13 फरवरी तक इंटरनेट बंद रहेगा, इसलिए राशन कार्ड धारक 14 फरवरी को ही डिपोओं पर पहुंचे। शीशपाल गोदारा, प्रदेशाध्यक्ष फेयर प्राइस वेलफेयर एसोसिएशन।