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Hisar News: खेल कोटे से क्लर्क भर्ती पर 18 साल बाद उठे सवाल, बिजली मंत्री को भेजी शिकायत
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हिसार। यूडीसी क्लर्क की खेल कोटे से हुई भर्ती को लेकर 18 साल बाद बिजली मंत्री को शिकायत भेजकर सवाल खड़े किए हैं। बिजली निगम के कर्मी राजेंद्र सिंह ने भर्ती की जांच की मांग करते हुए बिजली निगम के एमडी, बिजली मंत्री, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री, हरियाणा के सीएम, प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति को भी शिकायत भेजी है।
शिकायतकर्ता राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने 8-2006 विज्ञापन के तहत खेलकूद कोटे व अक्षम कोटे के तहत क्लर्क पद के लिए हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को मांग भेजी थी। आयोग की ओर से आवेदन मांगे जाने के बाद यह दोनों पद खाली रह गए। आयोग ने 13-2007 के तहत बैकलाग भरते हुए वैकेंसी निकाली। इसमें खेलकूद भर्ती कोटे के बजाय सामान्य कोटे से भर्ती कर ली गई। इस पद पर जिस व्यक्ति को भर्ती किया गया उसका खेलों से दूर दूर तक कोई नाता नहीं है। बड़ी चालाकी के साथ खेल कोटे के पद को सामान्य में बदल कर भर्ती कर दी गई।
नियम के अनुसार अगर किसी पद के लिए तीन बार विज्ञापन निकालने के बाद भी उसे भरा नहीं जा सके तो सामान्य पद में बदला जा सकता है। इस केस में दोबारा विज्ञापन निकाला ही नहीं गया। शिकायत कर्ता ने राजेंद्र ने बताया कि डीएचबीवीएन ने खेल कोटे के जनरल केटेगरी के लिए कभी डिमांड नहीं भेजी। इसके बावजूद इस पद पर भर्ती कर दी गई। बिजली मंत्री चौधरी रणजीत सिंह ने बताया कि इस बारे में शिकायत अभी मिली नहीं है। शिकायत सही होगी तो उस पर कार्रवाई होगी।
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शिकायतकर्ता राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने 8-2006 विज्ञापन के तहत खेलकूद कोटे व अक्षम कोटे के तहत क्लर्क पद के लिए हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को मांग भेजी थी। आयोग की ओर से आवेदन मांगे जाने के बाद यह दोनों पद खाली रह गए। आयोग ने 13-2007 के तहत बैकलाग भरते हुए वैकेंसी निकाली। इसमें खेलकूद भर्ती कोटे के बजाय सामान्य कोटे से भर्ती कर ली गई। इस पद पर जिस व्यक्ति को भर्ती किया गया उसका खेलों से दूर दूर तक कोई नाता नहीं है। बड़ी चालाकी के साथ खेल कोटे के पद को सामान्य में बदल कर भर्ती कर दी गई।
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नियम के अनुसार अगर किसी पद के लिए तीन बार विज्ञापन निकालने के बाद भी उसे भरा नहीं जा सके तो सामान्य पद में बदला जा सकता है। इस केस में दोबारा विज्ञापन निकाला ही नहीं गया। शिकायत कर्ता ने राजेंद्र ने बताया कि डीएचबीवीएन ने खेल कोटे के जनरल केटेगरी के लिए कभी डिमांड नहीं भेजी। इसके बावजूद इस पद पर भर्ती कर दी गई। बिजली मंत्री चौधरी रणजीत सिंह ने बताया कि इस बारे में शिकायत अभी मिली नहीं है। शिकायत सही होगी तो उस पर कार्रवाई होगी।
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