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चक्कर आने की शिकायत थी, हाथ नाकारा कर दिया
सिरसा/ब्यूरो
Updated Thu, 28 Nov 2013 07:40 PM IST
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वाल्मीकि समाज के विभिन्न संगठनाें ने एक निजी अस्पताल के चिकित्सक पर कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन कर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों को नेतृत्व दलित एवं पिछड़ा वर्ग महापंचायत और हरियाणा बेरोजगार युवा संगठन के जिलाध्यक्ष विजय कंडारा कर रहे थे। बाद में स्वास्थ्य मंत्री को संबोधित ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा गया। प्रदर्शनकारियों ने कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
विजय कंडारा ने कहा कि डबवाली रोड स्थित एक निजी अस्पताल में पिछले दिनाें वाल्मीकि समाज से संबंधित रेलवे के पूर्व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी परमानंद को भर्ती करवाया गया था। उस समय उसे चक्कर आने की शिकायत थी लेकिन डॉक्टराें द्वारा बेवजह ही परमानंद के हाथ का इलाज शुरू कर दिया गया।
डाक्टराें की लापरवाही के कारण पीड़ित परमानंद का हाथ नकारा हो गया है साथ ही कहा गया कि मरीज का जीवन बचाने के लिए उसका हाथ काटना होगा।
ज्ञापन में कहा है कि मरीज के साथ अस्पताल स्टाफ द्वारा कथित तौर पर मारपीट की जाती थी। इलाज के नाम पर मोटी राशि भी वसूली गई। कंडारा ने कहा कि इस संबंध में संगठन द्वारा उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत दी गई थी, जिस पर उन्हाेंने सिविल सर्जन से इस मामले की जांच करवाने के बारे में निर्देश दिए गए थे जो अभी तक जारी हैं। कंडारा ने मांग की कि दोषी चिकित्सक और स्टाफ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
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विजय कंडारा ने कहा कि डबवाली रोड स्थित एक निजी अस्पताल में पिछले दिनाें वाल्मीकि समाज से संबंधित रेलवे के पूर्व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी परमानंद को भर्ती करवाया गया था। उस समय उसे चक्कर आने की शिकायत थी लेकिन डॉक्टराें द्वारा बेवजह ही परमानंद के हाथ का इलाज शुरू कर दिया गया।
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डाक्टराें की लापरवाही के कारण पीड़ित परमानंद का हाथ नकारा हो गया है साथ ही कहा गया कि मरीज का जीवन बचाने के लिए उसका हाथ काटना होगा।
ज्ञापन में कहा है कि मरीज के साथ अस्पताल स्टाफ द्वारा कथित तौर पर मारपीट की जाती थी। इलाज के नाम पर मोटी राशि भी वसूली गई। कंडारा ने कहा कि इस संबंध में संगठन द्वारा उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत दी गई थी, जिस पर उन्हाेंने सिविल सर्जन से इस मामले की जांच करवाने के बारे में निर्देश दिए गए थे जो अभी तक जारी हैं। कंडारा ने मांग की कि दोषी चिकित्सक और स्टाफ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
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