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Hisar News: डेयरी फार्मिंग वाले प्रगतिशील किसान अरुणा देवी, प्रदीप को आज मिलेगा पुरस्कार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 23 Dec 2025 01:44 AM IST
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Progressive dairy farmers Aruna Devi and Pradeep will receive awards today
अरुणा देवी पुरस्कार प्राप्त करते हुए। स्रोत आयोजक फाइल फोटो
हिसार। डेयरी फार्मिंग के लिए प्रगतिशील महिला किसान अरुणा तथा प्रगतिशील किसान प्रदीप कुमार को मंगलवार 23 दिसंबर को किसान दिवस पर सम्मानित किया जाएगा। इन दोनों ने डेयरी फार्मिंग में बेहतरीन मिसाल साबित की है। इसी आधार पर हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय ने प्रदेश के 42 किसानों का चयन किया है।
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इसमें हिसार से तीन किसानों को चयनित किया गया है। डेयरी फार्मिंग से नई मिसाल साबित करने वाले किसानों को कुलपति प्रो. बीआर कांबोज पुरस्कार देकर सम्मानित करेंगे। एमए इंग्लिश अरुणा देवी आदमपुर में अपनी डेयरी चलाती हैं। अरुणा इससे पहले महिला दिवस सहित कई अन्य दिवस पर सम्मान हासिल कर चुकी हैं।
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अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने बताया कि उनके पति हरियाणा पुलिस में थे। 2004 में 1600 पुलिस कर्मियों को बर्खास्त किया गया। जिसमें उनके पति भी शामिल थे। उस समय वह निजी स्कूल में पढ़ाती थी। पति की नौकरी छूट गई तो उन्होंने डेयरी प्रोजेक्ट शुरू किया। पहले उनके पति ने कई साल तक डेयरी को चलाया। 2011 में उनके पति की दोबारा से बहाली हो गई।
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इस पर उन्होंने टीचिंग की नौकरी छोड़ कर डेयरी को संभाला। इसके लिए उन्होंने लुवास तथा सीआईआरबी से ट्रेनिंग ली। दूध की प्रोसेसिंग कर लस्सी, दही, पनीर बनाकर भी बेचे। अभी उनके पास 30 भैंस तथा 8 गाय हैं। डेयरी फार्मिंग से उनको हर महीने तीन से चार लाख रुपये की आय होती है।

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गाय के दूध से पारंपरिक तरीके से तैयार करते हैं घी
गांव चिड़ौद निवासी बारहवीं पास प्रदीप कुमार ने बताया उन्होंने 2023 में एचएयू के साइना नेहवाल कॉलेज से ट्रेनिंग ली। इसके बाद उन्होंने अपना डेयरी फार्म शुरू किया। उनके पास 8 देसी गाय तथा 4 भैंस हैं। गायों का दूध निकाल कर पारंपरिक तरीके से घी तैयार करते हैं। उनके पास गाय के घी की अग्रिम बुकिंग रहती है। गाय का घी 1500 से 2000 रुपये किलोग्राम तक के भाव पर बिकता है। प्रदीप ने बताया कि वह जल संरक्षण के लिए टपका विधि से सिंचाई कर खेती करते हैं। उन्होंने बागवानी के लिए भी प्रशिक्षण लिया है। इस सीजन में बागवानी शुरू करेंगे। प्रदीप कुमार ने कहा कि गाय के गोबर का खेत में उपयोग कर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देते हैं। गाय के लिए उगाए जाने वाले पशु चारे में कीटनाशकों का प्रयोग नहीं करते।
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अरुणा देवी पुरस्कार प्राप्त करते हुए। स्रोत आयोजक फाइल फोटो

अरुणा देवी पुरस्कार प्राप्त करते हुए। स्रोत आयोजक फाइल फोटो

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