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पर्वतारोही अनीता कुंडू तेनजिंग नोर्गे नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित, परिवार में खुशी

Sun, 30 Aug 2020 12:36 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 30 Aug 2020 12:36 AM IST
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president awarded anita kundy by tenjing norge national award
सम्मानित होने के बाद अनीता कुंडू। - फोटो : Hisar
हिसार। पर्वतारोही अनीता कुंडू को शनिवार को राष्ट्रपति ने तेनजिंग नोर्गे नेशनल एडवेंचर अवॉर्ड से सम्मानित किया। कोरोना के कारण वर्चुअली इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उधर अनीता की इस उपलब्धि के परिवार वालों में खुशी का माहौल है।
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बता दें कि पर्वतारोहण में इनकी उपलब्धियों को देखते हुए चयन समिति ने इनके नाम का चयन किया था। यह पर्वतारोहण के साहसिक खेल में भारत सरकार की तरफ से दिया जाने वाला सबसे बड़ा अवॉर्ड है। वर्तमान में अनीता कुंडू पुलिस विभाग में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं।
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ये हैं अनीता कुंडू की उपलब्धियां
- 18 मई 2013 को नेपाल के रास्ते माउंट एवरेस्ट फतेह किया।
- 21 मई 2017 में चीन के रास्ते से एवरेस्ट फतेह किया और माउंट एवरेस्ट को दोनों रास्तों से फतेह करने वाली देश की पहली बेटी बनीं।
- 2018 में दुनिया की सात सबसे ऊंची पर्वत चोटियों पर चढ़ाई अभियान के तहत अफ्रीका की किलिमंजारो, यूरोप की एलबुर्स, अंटार्कटिका की विनसन मासिफ, दक्षिणी अमेरिका की अकांकागुवा, ऑस्ट्रेलिया की कारस्टेंस पिरामिड शिखर पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की।
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- 27 सितंबर 2019 को चोटी माउंट मनासलू को फतेह किया।
किसान परिवार से संबंध रखती हैं अनीता
अनीता फरीदपुर गांव उकलाना खंड के एक साधारण किसान परिवार से संबंध रखती हैं। जब वे मात्र 13 साल की थीं तो उनके पिता ईश्वर सिंह का देहांत हो गया था। मगर उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपनी पढ़ाई और खेल जारी रखा। अनीता की इस उपलब्धि पर उनकी मां राजपति देवी, भाई सुरेंद्र व संदीप कुमार ने खुशी जाहिर की है। मां राजपति देवी का कहना है कि अनीता ने यह साबित कर दिखाया है कि बेटियां किसी से कम नहीं हैं।

फौजी भाइयों को समर्पित मेरा पुरस्कार
मेरी इस कामयाबी में मेरी मां और मेरे ताऊ का बहुत बड़ा योगदान है। मेरी मां ने विपरीत परिस्थितियों में भी मुझ पर विश्वास किया। मेरे ताऊ ने हमेशा पढ़ने और खेलने के लिए प्रोत्साहन दिया। मेरा यह पुरस्कार बहादुरी के श्रेणी में आता है। मैं इसे अपने फौजी भाइयों के लिए समर्पित करती हूं, जिनकी बदौलत हम सभी सुरक्षित हैं।
-अनीता कुंडू, पर्वतारोही।
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