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Hisar News: पीपीपी बना परिवार परेशानी पोर्टल
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परिवार पहचान पत्र के मेगा कैंप के तहत वार्ड 1 में लगे कैंप में अधिकारियों से बातचीत करते पार्षद अन?
- फोटो : Hisar
हिसार। परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में तथ्यों के सत्यापन को लगाए गए मेगा कैंप दूसरे दिन भी औपचारिकता मात्र बनकर रह गए। रविवार को कैंप में अव्यवस्था नजर आई। दोपहर तक साइट ही बंद रही। कई जगहों पर कर्मचारी भी नहीं पहुंचे। कहीं पार्षदों को फोन करके कर्मचारियों का बुलाना पड़ा तो कहीं लोगों को इंतजार के बाद बैरंग लौटना पड़ा। कुछ पार्षदों ने एडीसी कार्यालय को इन अव्यवस्थाओं से अवगत भी करवाया। ऐसे में पीपीपी का नया नाम परिवार परेशानी पोर्टल बनता नजर आया।
बता दें कि प्रदेश सरकार की तरफ से शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में दो दिन 10 व 11 दिसंबर को मेगा कैंप आयोजित किए गए। इन कैंप में परिवार पहचान में आय के सत्यापन को छोड़कर किसी भी प्रकार के अन्य डाटा में सुधार की कार्रवाई की जानी थी। कैंप के पहले दिन पूरी तरह से अव्यवस्था का माहौल रहा। दूसरे दिन भी व्यवस्था को कोई खास सुधार देखने को नहीं मिला।
वार्ड 12 से पार्षद जगमोहन मित्तल ने बताया कि जिंदल कॉलोनी में कैंप की जगह तय की गई थी। मगर दोपहर तक तय जगह पर स्टाफ ही नहीं आया। स्टाफ न्यू मॉडल स्थित सीएससी सेंटर पर बैठा रहा। इस पर फोन करके स्टाफ को बुलाया। चूंकि ज्यादातर समय साइट ही बंद रही तो लोगों को कैंप का कोई फायदा नहीं हुआ।
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एक प्रतिशत लोगों को भी नहीं मिला कैंप का फायदा
वार्ड 17 से पार्षद महेंद्र जुनेजा ने बताया कि कैंप के लिए चार जगह तय की गईं थी, जिनमें कैमरी रोड स्थित मॉर्निंग स्टार स्कूल, जीएसएसएस पटेल नगर, शिव पार्क स्थित पुस्तकालय व सामुदायिक केंद्र शामिल है। दोपहर तक इन जगहों पर एक भी कर्मचारी नहीं आया। दोपहर ढाई बजे फोन किया तो पटेल नगर सीएससी से एक कर्मचारी जीएसएसएस में आया। यहां भी चार-पांच लोगों को काम ही हुआ, बाकी को एडीसी ऑफिस जाने को कह दिया गया।
कर्मचारियों को ही नहीं पता, उन्हें क्या करना है : जैन
वार्ड 1 के पार्षद अनिल जैन ने बताया कि दोपहर तक सर्वर ही डाउन रहा। कैंप में आए कर्मचारियों को ये तक नहीं पता था कि उन्हें क्या करना है, जबकि सुबह 10 बजे उन्हें दिशा-निर्देश दिए गए थे। दोपहर बाद सर्वर चला तो कैंप में पेंशन वाले बुजुर्ग व दिव्यांग बुला लिए। वहां तैनात स्टाफ से दिव्यांगों की एक लिस्ट निकाली, जिसमें उनके वार्ड का एक भी व्यक्ति शामिल नहीं था। इसी तरह से पेंशन वाले बुजुर्गों की भी एक लिस्ट निकाली, जिसमें चार ही नाम थे। स्टाफ ने कहा कि वे सिर्फ इन लोगों को ही वेरिफाई करेंगे। अनिल जैन ने कहा कि इस बारे में एडीसी ऑफिस को अवगत करवाया गया। उन्होंने कहा कि अगर इन कैंप में सक्षम अधिकारियों को बैठाया जाए और वह इन लोगों की आय को सत्यापित करें तो ही इन कैंप का फायदा होगा।
सर्वर में दूसरे दिन भी कुछ समस्या थी। जितनी जगह फिक्स थी, उन सभी जगहों पर कर्मचारी पहुंचे हैं। जो डाटा उनके लॉग इन में था, उसे ही उन्हें वेरिफाई करना था। 16 से 18 दिसंबर को भी ये कैंप लगाए जाएंगे। - अभिषेक, जिला मैनेजर, सिटीजन रिसोर्स डिपार्टमेंट
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बता दें कि प्रदेश सरकार की तरफ से शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में दो दिन 10 व 11 दिसंबर को मेगा कैंप आयोजित किए गए। इन कैंप में परिवार पहचान में आय के सत्यापन को छोड़कर किसी भी प्रकार के अन्य डाटा में सुधार की कार्रवाई की जानी थी। कैंप के पहले दिन पूरी तरह से अव्यवस्था का माहौल रहा। दूसरे दिन भी व्यवस्था को कोई खास सुधार देखने को नहीं मिला।
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वार्ड 12 से पार्षद जगमोहन मित्तल ने बताया कि जिंदल कॉलोनी में कैंप की जगह तय की गई थी। मगर दोपहर तक तय जगह पर स्टाफ ही नहीं आया। स्टाफ न्यू मॉडल स्थित सीएससी सेंटर पर बैठा रहा। इस पर फोन करके स्टाफ को बुलाया। चूंकि ज्यादातर समय साइट ही बंद रही तो लोगों को कैंप का कोई फायदा नहीं हुआ।
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एक प्रतिशत लोगों को भी नहीं मिला कैंप का फायदा
वार्ड 17 से पार्षद महेंद्र जुनेजा ने बताया कि कैंप के लिए चार जगह तय की गईं थी, जिनमें कैमरी रोड स्थित मॉर्निंग स्टार स्कूल, जीएसएसएस पटेल नगर, शिव पार्क स्थित पुस्तकालय व सामुदायिक केंद्र शामिल है। दोपहर तक इन जगहों पर एक भी कर्मचारी नहीं आया। दोपहर ढाई बजे फोन किया तो पटेल नगर सीएससी से एक कर्मचारी जीएसएसएस में आया। यहां भी चार-पांच लोगों को काम ही हुआ, बाकी को एडीसी ऑफिस जाने को कह दिया गया।
कर्मचारियों को ही नहीं पता, उन्हें क्या करना है : जैन
वार्ड 1 के पार्षद अनिल जैन ने बताया कि दोपहर तक सर्वर ही डाउन रहा। कैंप में आए कर्मचारियों को ये तक नहीं पता था कि उन्हें क्या करना है, जबकि सुबह 10 बजे उन्हें दिशा-निर्देश दिए गए थे। दोपहर बाद सर्वर चला तो कैंप में पेंशन वाले बुजुर्ग व दिव्यांग बुला लिए। वहां तैनात स्टाफ से दिव्यांगों की एक लिस्ट निकाली, जिसमें उनके वार्ड का एक भी व्यक्ति शामिल नहीं था। इसी तरह से पेंशन वाले बुजुर्गों की भी एक लिस्ट निकाली, जिसमें चार ही नाम थे। स्टाफ ने कहा कि वे सिर्फ इन लोगों को ही वेरिफाई करेंगे। अनिल जैन ने कहा कि इस बारे में एडीसी ऑफिस को अवगत करवाया गया। उन्होंने कहा कि अगर इन कैंप में सक्षम अधिकारियों को बैठाया जाए और वह इन लोगों की आय को सत्यापित करें तो ही इन कैंप का फायदा होगा।
सर्वर में दूसरे दिन भी कुछ समस्या थी। जितनी जगह फिक्स थी, उन सभी जगहों पर कर्मचारी पहुंचे हैं। जो डाटा उनके लॉग इन में था, उसे ही उन्हें वेरिफाई करना था। 16 से 18 दिसंबर को भी ये कैंप लगाए जाएंगे। - अभिषेक, जिला मैनेजर, सिटीजन रिसोर्स डिपार्टमेंट