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वध के लिए उत्तरप्रदेश ले जाए जा रहे 14 ऊंट करवाए मुक्त
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सदर थाना पुलिस द्वारा पकड़े गए ट्रक में ठूंस-ठूंसकर भरे ऊंट।
- फोटो : Hisar
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हिसार। गोपुत्र सेना ने वीरवार सुबह करीब साढ़े 5 बजे पुलिस की मदद से ऊंट से भरा एक ट्रक पकड़ा। मौके पर ट्रक में ठूंसकर भरे 14 ऊंटों को मुक्त करवाया। पांच आरोपियों के खिलाफ सदर थाने में कुलेरी निवासी सुनील कुमार की शिकायत पर केस दर्ज किया गया। पुलिस को दी शिकायत में सुनील कुमार ने बताया कि उसके साथी रमेश कुमार ने उसे सूचना दी कि आदमपुर की तरफ से यूपी नंबर का एक ट्रक हिसार होते हुए उत्तरप्रदेश की तरफ जा रहा है। रमेश ने उसे बताया कि ट्रक में ऊंट भरे हुए हैं।
सुनील कुमार ने इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम में दी। इसके बाद सिरसा चुंगी पर तीन पुलिसकर्मी पहुंचे और ट्रक को रुकवाया। सुनील ने बताया कि इस दौरान ट्रक के आगे-आगे आरोपियों की मदद के लिए दिल्ली नंबर की काले रंग की एक पायलट कार भी चल रही थी। उसे भी मौके पर रोक लिया गया। पुलिस पूछताछ में कार चालक ने अपना नाम मुजफ्फरनगर निवासी तसलीम बताया। उसके साथ कार सवार दो अन्य ने अपना नाम खारा बरवाला निवासी नेतराम और आदमपुर के नया बस अड्डा निवासी सुरेंद्र उर्फ सुंदर बताया। वहीं ट्रक चालक ने अपना नाम उत्तरप्रदेश के बागपत के काजिपुर मोहल्ला निवासी इकराम और परिचालक ने सरताज बताया। सुनील ने बताया कि आरोपियों ने ट्रक में 14 ऊंट ठूंस-ठूंसकर भरे हुए थे। इनके मुंह व पैर इस तरह बांधे थे कि करीब 10 ऊंट के मुंह से खून भी आने लगा था। पुलिस ने इस दौरान आरोपियों से परमिट मांगा तो वह नहीं दिखा सके। मौके पर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर दोनों गाड़ियों को कब्जे में लिया और ऊंटों को मुक्त करवाया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि ये ऊंट वह यूपी में वध के लिए ले जा रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस शुक्रवार को अदालत में पेश करेगी।
10 दिन में जाती हैं गाड़ियां : सुनील
सुनील कुमार ने बताया कि करीब पांच वर्ष पूर्व आदमपुर गांव से सरपंच प्रत्याशी रह चुका सुरेंद्र उर्फ सुंदर कोचर इस मामले में मुख्य आरोपी है। सुनील ने बताया कि इस आरोपी ने पहले भी आदमपुर से ऊंटों की गाड़ियों की तस्करी करवाई है। सुनील का आरोप है कि करीब सप्ताह से 10 दिन के भीतर यहां से इसी तरह गाड़ियां भरकर यूपी भेजी जाती हैं। ये आरोपी अलग-अलग जगह से एक से दो ऊंट इकट्ठे करते हैं। फिर संख्या ज्यादा होने पर उन्हें गाड़ियों में भरकर यूपी के लिए भिजवा देते हैं।
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बुधवार को भी पकड़ी थी 12 ऊंटों से भरी गाड़ी
उल्लेखनीय है कि गोपुत्र सेना ने पुलिस की मदद से बुधवार को भी 12 ऊंटों से भरी एक गाड़ी पकड़ी थी। यह गाड़ी हिसार-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सरसौद गांव के पास पकड़ी थी। इस गाड़ी में से 12 ऊंटों को टीम ने मुक्त करवाया था। वहीं इस दौरान गाड़ी में सवार बागपत के मुगलपुरा निवासी अहसान, परिचालक कलीजुद्दीन व कार चालक यूपी के बुडाना निवासी शहजाद और बागपत के कोताना निवासी इमरान के खिलाफ बरवाला थाने में केस दर्ज किया गया था।
गोशाला में भिजवाए ऊंट
जांचकर्ता एएसआई सुरेश ने कहा इन ऊंटों को डोभी गांव में स्थित महर्षि दयानंद गोशाला में छुड़वा दिया है। वहां उनका उपचार भी जारी है। दूसरी तरफ गोपुत्र सुनील का आरोप है कि इन ऊंटों को डोभी गांव में आजाद नाम के पशुपालक के पास छुड़वाया है। उस पर पहले भी कई मामले दर्ज हैं। पुलिस ने इस बात को नकारते हुए ऊंटों को गोशाला में छोड़े जाने की बात कही है।
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सुनील कुमार ने इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम में दी। इसके बाद सिरसा चुंगी पर तीन पुलिसकर्मी पहुंचे और ट्रक को रुकवाया। सुनील ने बताया कि इस दौरान ट्रक के आगे-आगे आरोपियों की मदद के लिए दिल्ली नंबर की काले रंग की एक पायलट कार भी चल रही थी। उसे भी मौके पर रोक लिया गया। पुलिस पूछताछ में कार चालक ने अपना नाम मुजफ्फरनगर निवासी तसलीम बताया। उसके साथ कार सवार दो अन्य ने अपना नाम खारा बरवाला निवासी नेतराम और आदमपुर के नया बस अड्डा निवासी सुरेंद्र उर्फ सुंदर बताया। वहीं ट्रक चालक ने अपना नाम उत्तरप्रदेश के बागपत के काजिपुर मोहल्ला निवासी इकराम और परिचालक ने सरताज बताया। सुनील ने बताया कि आरोपियों ने ट्रक में 14 ऊंट ठूंस-ठूंसकर भरे हुए थे। इनके मुंह व पैर इस तरह बांधे थे कि करीब 10 ऊंट के मुंह से खून भी आने लगा था। पुलिस ने इस दौरान आरोपियों से परमिट मांगा तो वह नहीं दिखा सके। मौके पर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर दोनों गाड़ियों को कब्जे में लिया और ऊंटों को मुक्त करवाया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि ये ऊंट वह यूपी में वध के लिए ले जा रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस शुक्रवार को अदालत में पेश करेगी।
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10 दिन में जाती हैं गाड़ियां : सुनील
सुनील कुमार ने बताया कि करीब पांच वर्ष पूर्व आदमपुर गांव से सरपंच प्रत्याशी रह चुका सुरेंद्र उर्फ सुंदर कोचर इस मामले में मुख्य आरोपी है। सुनील ने बताया कि इस आरोपी ने पहले भी आदमपुर से ऊंटों की गाड़ियों की तस्करी करवाई है। सुनील का आरोप है कि करीब सप्ताह से 10 दिन के भीतर यहां से इसी तरह गाड़ियां भरकर यूपी भेजी जाती हैं। ये आरोपी अलग-अलग जगह से एक से दो ऊंट इकट्ठे करते हैं। फिर संख्या ज्यादा होने पर उन्हें गाड़ियों में भरकर यूपी के लिए भिजवा देते हैं।
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बुधवार को भी पकड़ी थी 12 ऊंटों से भरी गाड़ी
उल्लेखनीय है कि गोपुत्र सेना ने पुलिस की मदद से बुधवार को भी 12 ऊंटों से भरी एक गाड़ी पकड़ी थी। यह गाड़ी हिसार-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सरसौद गांव के पास पकड़ी थी। इस गाड़ी में से 12 ऊंटों को टीम ने मुक्त करवाया था। वहीं इस दौरान गाड़ी में सवार बागपत के मुगलपुरा निवासी अहसान, परिचालक कलीजुद्दीन व कार चालक यूपी के बुडाना निवासी शहजाद और बागपत के कोताना निवासी इमरान के खिलाफ बरवाला थाने में केस दर्ज किया गया था।
गोशाला में भिजवाए ऊंट
जांचकर्ता एएसआई सुरेश ने कहा इन ऊंटों को डोभी गांव में स्थित महर्षि दयानंद गोशाला में छुड़वा दिया है। वहां उनका उपचार भी जारी है। दूसरी तरफ गोपुत्र सुनील का आरोप है कि इन ऊंटों को डोभी गांव में आजाद नाम के पशुपालक के पास छुड़वाया है। उस पर पहले भी कई मामले दर्ज हैं। पुलिस ने इस बात को नकारते हुए ऊंटों को गोशाला में छोड़े जाने की बात कही है।

सदर थाना पुलिस की गिरफ्त में ऊंट तस्करी के आरोपी।- फोटो : Hisar