प्रिंसिपल का कत्ल: छात्रों को नशा करने से किया मना, गुस्से में नाबालिगों ने चाकू से किए कई वार; ऐसे रची साजिश
हिसार के करतार मेमोरियल स्कूल के प्रिंसिपल की हत्या के मामले में चार नाबालिग छात्रों को गिरफ्तार किया गया। आरोपी छात्रोंने अनुशासनात्मक सख्ती को रंजिश मानकर प्रिंसिपल की हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि छात्र सोशल मीडिया से प्रभावित होकर अपराध में शामिल थे।
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हिसार के करतार मेमोरियल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल की गुरुवार को हुई हत्या के मामले में पुलिस ने चार नाबालिग छात्रों को गिरफ्तार किया है। हांसी के एसपी अमित यशवर्धन ने बताया कि इस जघन्य अपराध के पीछे प्रिंसिपल की अनुशासनात्मक सख्ती को रंजिश मानना मुख्य कारण था।
शरीर पर चाकू के तीन घाव पाए गए
एसपी के अनुसार, प्रिंसिपल को गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में उनकी मृत्यु हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर चाकू के तीन घाव पाए गए। घटनास्थल से चार स्कूली छात्रों को भागते हुए देखा गया था।
#WATCH | Hisar, Haryana | On Kartar Memorial Sr Sec School Principal murdered yesterday, Hansi SP Amit Yashvardhan says, "... He was taken to a private hospital for treatment, but he died on the way. The post-mortem revealed three stab wounds. Four school students were witnessed… https://t.co/MZIb77V3cX pic.twitter.com/1sUMB81iDn
— ANI (@ANI) July 11, 2025
चारों आरोपी स्कूल यूनिफॉर्म में देखे गए
पुलिस को शुक्रवार सुबह सूचना मिली कि चारों आरोपी मुंढाल बस अड्डे पर स्कूल यूनिफॉर्म में देखे गए। इसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने छापेमारी कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने बताया कि चूंकि आरोपी नाबालिग हैं, इसलिए उनकी पहचान उजागर नहीं की जा रही है।
प्रिंसिपल छात्रों को अनुशासित करने के लिए डांटते थे
जांच में खुलासा हुआ कि प्रिंसिपल इन छात्रों को अनुशासित करने के लिए डांटते थे। वे उन्हें नशे से दूर रहने, छोटे बाल रखने और स्कूल में प्रतिबंधित वस्तुएं न लाने की सलाह देते थे। छात्रों ने प्रिंसिपल की इन आपत्तियों को रंजिश मानकर हत्या की साजिश रची।
छात्र सोशल मीडिया पर आपराधिक समूहों से प्रभावित
सीसीटीवी फुटेज में दो छात्र घटनास्थल से भागते दिखाई दिए, लेकिन आगे की जांच में पता चला कि इस अपराध में चार छात्र शामिल थे। दो छात्रों ने घटना को अंजाम दिया, जबकि अन्य दो ने हथियार उपलब्ध कराए। पुलिस ने बताया कि ये छात्र सोशल मीडिया पर आपराधिक समूहों से प्रभावित थे। उनकी उम्र 14 से 15 वर्ष के बीच है।
पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और मामले की गहन जांच जारी है। यह घटना स्कूलों में अनुशासन और सोशल मीडिया के दुरुपयोग से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों पर सवाल उठाती है।