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Hisar News: हांसी-सिसाय की मंडियों में धान का अंबार, पीआर की खरीद धीमी, 1509 के भाव 200 रुपये गिरे
Tue, 27 Oct 2026 11:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Tue, 27 Oct 2026 11:56 PM IST
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नारनौंद की मंडी में खुले में रखीं धान से भरी बोरियां।
हांसी। हांसी और सिसाय मंडियों में धान की आवक 1.15 लाख क्विंटल के पार पहुंच गई है। इसके बावजूद पीआर धान की सरकारी खरीद को लेकर किसान परेशान हैं। दूसरी ओर 1509 धान के भाव में 200 रुपये प्रति क्विंटल तक गिरावट आ गई है। पीआर धान में भी 100 से 200 रुपए प्रति क्विंटल तक कटौती की शिकायत है। वहीं मंडियों में खुले में रखे अनाज पर बारिश का खतरा मंडरा रहा है।
मंडी सचिव बसाऊ राम के अनुसार हांसी मंडी में अब तक 72,094 क्विंटल धान पहुंच चुका है। सिसाय मंडी में करीब 43 हजार क्विंटल आवक हुई है। दोनों मंडियों की कुल आवक करीब 1.15 लाख क्विंटल हो गई है। उन्होंने कहा कि किसानों का एक-एक दाना खरीदा जाएगा और खरीद में परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
52,480 क्विंटल की सरकारी खरीद
वेयरहाउस मैनेजर रविंदर शर्मा ने बताया कि अब तक करीब 52,480 क्विंटल धान की सरकारी खरीद हुई है। मंगलवार को 1,330 क्विंटल का उठान किया गया। कुल उठान करीब 21 हजार क्विंटल है। उठान तेज करने के लिए मिलरों को लगातार मंडी में बुलाया जा रहा है।
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भाव गिरे, कटौती ने बढ़ाई चिंता
किसान भाना राम ने बताया कि 1509 धान के भाव करीब 200 रुपए प्रति क्विंटल गिर गए हैं। पीआर धान में भी 100 से 200 रुपए प्रति क्विंटल तक कटौती की जा रही है। किसानों को उम्मीद के मुताबिक भाव नहीं मिल रहे। खरीद में देरी और कीमतों में गिरावट से उनकी परेशानी बढ़ गई है। किसानों की मांग है कि पीआर धान की सरकारी खरीद तेज की जाए। मंडियों में खुले में रखी फसल का उठान भी जल्द हो ताकि बारिश से नुकसान न हो। किसानों को अब खरीद प्रक्रिया में तेजी और उचित भाव मिलने का इंतजार है।
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नारनौंद की मंडियों में 1.52 लाख क्विंटल पीआर धान पहुंचा, उठान सिर्फ 73 हजार क्विंटल
नारनौंद। मंडियों में धान की आवक बढ़ रही है लेकिन उठान की रफ्तार धीमी है। क्षेत्र की मंडियों और खरीद केंद्रों में 1.52 लाख क्विंटल पीआर धान पहुंच चुका है। इसमें करीब एक लाख क्विंटल की खरीद हुई लेकिन उठान केवल 73 हजार क्विंटल का हुआ है। यानी खरीदे गए धान का बड़ा हिस्सा अब भी उठान की प्रक्रिया में है। आने वाले दिनों में 1121 सहित अन्य किस्मों की आवक बढ़ने पर मंडियों में जगह का संकट गहरा सकता है।
नारनौंद अनाज मंडी सहित खेड़ी चौपटा और लोहारी राघो के खरीद केंद्रों पर पीआर धान की आवक जारी है। अब तक कुल आवक का करीब 66 प्रतिशत धान खरीदा जा चुका है, जबकि कुल आवक के मुकाबले उठान करीब 48 प्रतिशत ही हुआ है।
खरीद और उठान के आंकड़ों में 27 हजार क्विंटल का अंतर है। हालांकि, यह पूरा अंतर खरीदे गए धान के लंबित उठान का आंकड़ा नहीं है, क्योंकि मंडियों में बिना खरीदा धान भी मौजूद है। इसके बावजूद उठान की धीमी गति व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।
यदि समय पर उठान नहीं हुआ तो नई फसल उतारने के लिए जगह की कमी हो सकती है। इससे किसानों को अपनी उपज मंडी में रखने और बेचने में परेशानी झेलनी पड़ सकती है। बास अनाज मंडी में अभी पीआर धान की आवक नहीं हुई है।
बाजरे की खरीद 91 प्रतिशत तक पहुंची
क्षेत्र की लोहारी राघो और खेड़ी चौपटा अनाज मंडियों में बाजरे की आवक भी जारी है। यहां अब तक करीब 11 हजार क्विंटल बाजरा पहुंचा है। इसमें से 10 हजार क्विंटल की खरीद हो चुकी है। यानी करीब 91 प्रतिशत बाजरा खरीदा जा चुका है। धान की बढ़ती आवक के बीच अब मंडियों में खरीद के साथ उठान तेज करना जरूरी है। समय पर फसल नहीं उठी तो आगामी आवक के दौरान भंडारण और किसानों की उपज उतरवाने में दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
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मंडी सचिव बसाऊ राम के अनुसार हांसी मंडी में अब तक 72,094 क्विंटल धान पहुंच चुका है। सिसाय मंडी में करीब 43 हजार क्विंटल आवक हुई है। दोनों मंडियों की कुल आवक करीब 1.15 लाख क्विंटल हो गई है। उन्होंने कहा कि किसानों का एक-एक दाना खरीदा जाएगा और खरीद में परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
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52,480 क्विंटल की सरकारी खरीद
वेयरहाउस मैनेजर रविंदर शर्मा ने बताया कि अब तक करीब 52,480 क्विंटल धान की सरकारी खरीद हुई है। मंगलवार को 1,330 क्विंटल का उठान किया गया। कुल उठान करीब 21 हजार क्विंटल है। उठान तेज करने के लिए मिलरों को लगातार मंडी में बुलाया जा रहा है।
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भाव गिरे, कटौती ने बढ़ाई चिंता
किसान भाना राम ने बताया कि 1509 धान के भाव करीब 200 रुपए प्रति क्विंटल गिर गए हैं। पीआर धान में भी 100 से 200 रुपए प्रति क्विंटल तक कटौती की जा रही है। किसानों को उम्मीद के मुताबिक भाव नहीं मिल रहे। खरीद में देरी और कीमतों में गिरावट से उनकी परेशानी बढ़ गई है। किसानों की मांग है कि पीआर धान की सरकारी खरीद तेज की जाए। मंडियों में खुले में रखी फसल का उठान भी जल्द हो ताकि बारिश से नुकसान न हो। किसानों को अब खरीद प्रक्रिया में तेजी और उचित भाव मिलने का इंतजार है।
नारनौंद की मंडियों में 1.52 लाख क्विंटल पीआर धान पहुंचा, उठान सिर्फ 73 हजार क्विंटल
नारनौंद। मंडियों में धान की आवक बढ़ रही है लेकिन उठान की रफ्तार धीमी है। क्षेत्र की मंडियों और खरीद केंद्रों में 1.52 लाख क्विंटल पीआर धान पहुंच चुका है। इसमें करीब एक लाख क्विंटल की खरीद हुई लेकिन उठान केवल 73 हजार क्विंटल का हुआ है। यानी खरीदे गए धान का बड़ा हिस्सा अब भी उठान की प्रक्रिया में है। आने वाले दिनों में 1121 सहित अन्य किस्मों की आवक बढ़ने पर मंडियों में जगह का संकट गहरा सकता है।
नारनौंद अनाज मंडी सहित खेड़ी चौपटा और लोहारी राघो के खरीद केंद्रों पर पीआर धान की आवक जारी है। अब तक कुल आवक का करीब 66 प्रतिशत धान खरीदा जा चुका है, जबकि कुल आवक के मुकाबले उठान करीब 48 प्रतिशत ही हुआ है।
खरीद और उठान के आंकड़ों में 27 हजार क्विंटल का अंतर है। हालांकि, यह पूरा अंतर खरीदे गए धान के लंबित उठान का आंकड़ा नहीं है, क्योंकि मंडियों में बिना खरीदा धान भी मौजूद है। इसके बावजूद उठान की धीमी गति व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।
यदि समय पर उठान नहीं हुआ तो नई फसल उतारने के लिए जगह की कमी हो सकती है। इससे किसानों को अपनी उपज मंडी में रखने और बेचने में परेशानी झेलनी पड़ सकती है। बास अनाज मंडी में अभी पीआर धान की आवक नहीं हुई है।
बाजरे की खरीद 91 प्रतिशत तक पहुंची
क्षेत्र की लोहारी राघो और खेड़ी चौपटा अनाज मंडियों में बाजरे की आवक भी जारी है। यहां अब तक करीब 11 हजार क्विंटल बाजरा पहुंचा है। इसमें से 10 हजार क्विंटल की खरीद हो चुकी है। यानी करीब 91 प्रतिशत बाजरा खरीदा जा चुका है। धान की बढ़ती आवक के बीच अब मंडियों में खरीद के साथ उठान तेज करना जरूरी है। समय पर फसल नहीं उठी तो आगामी आवक के दौरान भंडारण और किसानों की उपज उतरवाने में दिक्कतें बढ़ सकती हैं।