{"_id":"5f99c7718ebc3e9bcd438025","slug":"people-taking-medicine-withuout-doctor-consultation-hisar-news-rtk580503012","type":"story","status":"publish","title_hn":"बुखार व जुकाम की शिकायत होने पर डॉक्टर की बजाय मेडिकल स्टोर से दवा ले रहे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बुखार व जुकाम की शिकायत होने पर डॉक्टर की बजाय मेडिकल स्टोर से दवा ले रहे लोग
विज्ञापन
मेडिकल स्टोर पर दवाई लेने पहुंचे लोग।
- फोटो : Hisar
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुलदीप जांगड़ा
हिसार। हल्की ठंड के साथ सर्दी के मौसम की शुरुआत हो चुकी है। इस शुरुआती सर्दी के मौसम में खांसी, जुकाम, बुखार होना आम बात है। कोरोना के लक्षण भी यही हैं, जिसके कारण लोग कोरोना के डर से डॉक्टर के पास जाने से परहेज कर रहे हैं और मेडिकल स्टोर से खांसी-जुकाम, बुखार आदि की दवा ले रहे हैं। चिकित्सकों का मानना है कि ऐसी स्थिति में संक्रमण का खतरा बढ़ने की आशंका है।
अमर उजाला टीम ने बुधवार को जिले के अलग-अलग स्थानों पर स्थित 8 मेडिकल स्टोर की पड़ताल की। इसमें पाया गया कि स्टोर संचालक बेखौफ होकर धड़ल्ले से लोगों को सर्दी-खांसी, जुकाम, बुखार आदि की दवा दे रहे हैं। एक मेडिकल स्टोर पर प्रतिदिन औसतन 10 से 12 लोग ऐसे पहुंच रहे हैं जो खांसी-जुकाम व बुखार आदि से संबंधित दवा खरीद कर ले जा रहे हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेडिकल स्टोर संचालकों को भी सख्त निर्देश जारी किए हुए हैं कि बिना जांच के खांसी, जुकाम, बुखार की सामान्य दवा न दें।
टीम का किया था गठन
कोरोना के शुरुआती दौर में बिना जांच के दवा देने वाले क्लीनिक या झोलाछाप डॉक्टरों पर नकेल कसने के लिए विभाग ने जिला आयुर्वेदिक इंचार्ज की निगरानी में एक टीम गठित की थी। टीम ने कुछ दिनों तक अभियान चलाया, जिससे काफी हद तक पाबंदी लगी थी, लेकिन काफी दिनों से टीम की कोई कार्रवाई न होने के कारण फिर से बिना जांच के दवा दी जाने लगी है।
विज्ञापन
इन जगहों पर की पड़ताल
- राजगुरु मार्केट की तीन दुकानों पर दोपहर करीब 12:00 बजे 10 से 15 मरीज खांसी, जुकाम व बुखार की दवा लेते मिले। दो मरीजों से इस बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि डॉक्टर के पास जाने पर अधिक समय और रुपये लगते हैं।
- कैंप चौक स्थित मेडिकल स्टोर पर 3 मरीज बुखार और जुकाम की दवा ले रहे थे। उनसे पूछा गया तो कहा कि उन्हें तो केवल नॉर्मल खांसी जुखाम है।
- बालसमंद गांव के मेन बाजार और बाहरी ओर बने मेडिकल स्टोर पर सुबह करीब 11:00 बजे 12 से 15 लोग खांसी, जुकाम की दवा लेते मिले। इनमें से कुछ खुद के लिए तो कुछ अपने परिजनों के लिए ले रहे थे। वह बोले कि यहां पर दवा सस्ती मिल जाती है, डॉक्टर के पास जाने पर चेकअप और दवा के अधिक पैसे लगते हैं।
- बुड़ाक गांव के मेडिकल स्टोर पर शाम के समय 10 से 15 लोग बुखार व जुकाम की दवा ले रहे थे। ऐसे में उनसे पूछा गया तो कहा कि पहले तो डॉक्टर से कोरोना टेस्ट करवाना पड़ेगा और फिर दवा मिलेगी, वह भी महंगी, मगर यहां पर तुरंत दवा मिल जाती है।
- कैंप चौक स्थित एक दुकान पर अमर उजाला रिपोर्टर ने खांसी, जुकाम व बुखार का नाम लेकर दवा मांगी तो मेडिकल संचालक ने बिना जांच और संकोच किए 4 दिन की दवा दे दी।
टेस्ट कराना जरूरी
हमारे पास ओपीडी में खांसी, जुकाम, बुखार संबंधित कोई भी मरीज नहीं आता है। यदि कोई भूलवश आता है तो उसे सीधा फ्लू क्लीनिक में भेज दिया जाता है। वहीं से टेस्ट के बाद उसे दवा दी जाती है। सर्दी और कोरोना के लक्षण एक समान हैं, जिस कारण टेस्ट करवाना बेहद जरूरी है। समय पर दवा शुरू कर दी जाए तो कोरोना से जल्द ठीक होने की संभावना है। कुछ लोग मेडिकल स्टोर से दवा लेते हैं तो वह गलत है। ऐसा करना भारी पड़ सकता है।
-डॉ. अजय चुघ, फिजिशियन, नागरिक अस्पताल, हिसार।
(संवाद)
विज्ञापन
हिसार। हल्की ठंड के साथ सर्दी के मौसम की शुरुआत हो चुकी है। इस शुरुआती सर्दी के मौसम में खांसी, जुकाम, बुखार होना आम बात है। कोरोना के लक्षण भी यही हैं, जिसके कारण लोग कोरोना के डर से डॉक्टर के पास जाने से परहेज कर रहे हैं और मेडिकल स्टोर से खांसी-जुकाम, बुखार आदि की दवा ले रहे हैं। चिकित्सकों का मानना है कि ऐसी स्थिति में संक्रमण का खतरा बढ़ने की आशंका है।
अमर उजाला टीम ने बुधवार को जिले के अलग-अलग स्थानों पर स्थित 8 मेडिकल स्टोर की पड़ताल की। इसमें पाया गया कि स्टोर संचालक बेखौफ होकर धड़ल्ले से लोगों को सर्दी-खांसी, जुकाम, बुखार आदि की दवा दे रहे हैं। एक मेडिकल स्टोर पर प्रतिदिन औसतन 10 से 12 लोग ऐसे पहुंच रहे हैं जो खांसी-जुकाम व बुखार आदि से संबंधित दवा खरीद कर ले जा रहे हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेडिकल स्टोर संचालकों को भी सख्त निर्देश जारी किए हुए हैं कि बिना जांच के खांसी, जुकाम, बुखार की सामान्य दवा न दें।
विज्ञापन
टीम का किया था गठन
कोरोना के शुरुआती दौर में बिना जांच के दवा देने वाले क्लीनिक या झोलाछाप डॉक्टरों पर नकेल कसने के लिए विभाग ने जिला आयुर्वेदिक इंचार्ज की निगरानी में एक टीम गठित की थी। टीम ने कुछ दिनों तक अभियान चलाया, जिससे काफी हद तक पाबंदी लगी थी, लेकिन काफी दिनों से टीम की कोई कार्रवाई न होने के कारण फिर से बिना जांच के दवा दी जाने लगी है।
विज्ञापन
इन जगहों पर की पड़ताल
- राजगुरु मार्केट की तीन दुकानों पर दोपहर करीब 12:00 बजे 10 से 15 मरीज खांसी, जुकाम व बुखार की दवा लेते मिले। दो मरीजों से इस बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि डॉक्टर के पास जाने पर अधिक समय और रुपये लगते हैं।
- कैंप चौक स्थित मेडिकल स्टोर पर 3 मरीज बुखार और जुकाम की दवा ले रहे थे। उनसे पूछा गया तो कहा कि उन्हें तो केवल नॉर्मल खांसी जुखाम है।
- बालसमंद गांव के मेन बाजार और बाहरी ओर बने मेडिकल स्टोर पर सुबह करीब 11:00 बजे 12 से 15 लोग खांसी, जुकाम की दवा लेते मिले। इनमें से कुछ खुद के लिए तो कुछ अपने परिजनों के लिए ले रहे थे। वह बोले कि यहां पर दवा सस्ती मिल जाती है, डॉक्टर के पास जाने पर चेकअप और दवा के अधिक पैसे लगते हैं।
- बुड़ाक गांव के मेडिकल स्टोर पर शाम के समय 10 से 15 लोग बुखार व जुकाम की दवा ले रहे थे। ऐसे में उनसे पूछा गया तो कहा कि पहले तो डॉक्टर से कोरोना टेस्ट करवाना पड़ेगा और फिर दवा मिलेगी, वह भी महंगी, मगर यहां पर तुरंत दवा मिल जाती है।
- कैंप चौक स्थित एक दुकान पर अमर उजाला रिपोर्टर ने खांसी, जुकाम व बुखार का नाम लेकर दवा मांगी तो मेडिकल संचालक ने बिना जांच और संकोच किए 4 दिन की दवा दे दी।
टेस्ट कराना जरूरी
हमारे पास ओपीडी में खांसी, जुकाम, बुखार संबंधित कोई भी मरीज नहीं आता है। यदि कोई भूलवश आता है तो उसे सीधा फ्लू क्लीनिक में भेज दिया जाता है। वहीं से टेस्ट के बाद उसे दवा दी जाती है। सर्दी और कोरोना के लक्षण एक समान हैं, जिस कारण टेस्ट करवाना बेहद जरूरी है। समय पर दवा शुरू कर दी जाए तो कोरोना से जल्द ठीक होने की संभावना है। कुछ लोग मेडिकल स्टोर से दवा लेते हैं तो वह गलत है। ऐसा करना भारी पड़ सकता है।
-डॉ. अजय चुघ, फिजिशियन, नागरिक अस्पताल, हिसार।
(संवाद)