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Hisar News: बालसमंद-बुड़ाक लाइन में लोगों ने कर दिए 15 अवैध पेयजल कनेक्शन
Sat, 21 Jun 2025 11:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sat, 21 Jun 2025 11:41 PM IST
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बालसमंद। पेयजल संकट झेल रहे बालसमंद क्षेत्र के 6 गांवों के लिए बिछाई गई लाइन में अवैध पेयजल कनेक्शन मिले हैं। यह कनेक्शन बालसमंद से बुड़ाक लाइन पर मिले हैं। विभाग ने नोटिस जारी कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
वर्ष 2020 में हरियाणा सरकार ने सीसवाला हेड से 25 करोड़ की लागत से वाटर टैंक बनाकर क्षेत्र के छह गांवों की पेयजल समस्या को दूर करने का फैसला लिया था। गांवों में बने टैंक में पानी समाप्त हो जाने पर सीसवाला हेड से पानी पहुंचाया जाएगा। फिलहाल चल रहे पेयजल संकट में सीसवाला हेड से बुड़ाक के लिए बिछी पाइप लाइन में पानी छोड़ा गया तो अंतिम छोर पर बुड़ाक जलघर तक पानी नहीं पहुंचा।
इस पर विभाग ने लाइन चेक की तो 15 ढाणियों के अवैध कनेक्शन मिले। इन लोगों ने पेयजल लाइन में छेद कर अपने घरों में सीधा कनेक्शन किया हुआ मिला। विभाग ने नोटिस जारी कर कनेक्शन हटाने के नोटिस भेजे हैं।
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इन छह गांवों के लिए खर्च हुए 25 करोड़
सीसवाला हेड से किरतान, बुड़ाक, बालसमंद, गोरछी, सरसाना और बासडा गांव के वाटर वर्क्स तक स्पेशल पेयजल लाइन बिछाई गई। इन 6 गांवों के जलघर सीसवाला हेड से सरकार ने 25 करोड़ की लागत से प्यास बुझाने के उद्देश्य से खर्च किए लेकिन धरातल पर आज भी पेयजल संकट है।
सीसवाला हेड से बिछाई गई लाइन पर अवैध कनेक्शन मिले हैं। इन लोगों ने इस लाइन पर कनेक्शन करके अपने घरों के होद में पाइप जोड़ी हुई थी। कनेक्शन हटाने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।
- महेंद्र सिंह, जेई, जन स्वास्थ्य विभाग हिसार।
ग्रामीण पेयजल के लिए पिछले लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। 25 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। ग्रामीण टैंकर से पानी मंगवाने का मजबूर हैं।
- वीरेंद्र पुनिया, पूर्व प्रधान, संयुक्त जल संघर्ष समिति।
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वर्ष 2020 में हरियाणा सरकार ने सीसवाला हेड से 25 करोड़ की लागत से वाटर टैंक बनाकर क्षेत्र के छह गांवों की पेयजल समस्या को दूर करने का फैसला लिया था। गांवों में बने टैंक में पानी समाप्त हो जाने पर सीसवाला हेड से पानी पहुंचाया जाएगा। फिलहाल चल रहे पेयजल संकट में सीसवाला हेड से बुड़ाक के लिए बिछी पाइप लाइन में पानी छोड़ा गया तो अंतिम छोर पर बुड़ाक जलघर तक पानी नहीं पहुंचा।
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इस पर विभाग ने लाइन चेक की तो 15 ढाणियों के अवैध कनेक्शन मिले। इन लोगों ने पेयजल लाइन में छेद कर अपने घरों में सीधा कनेक्शन किया हुआ मिला। विभाग ने नोटिस जारी कर कनेक्शन हटाने के नोटिस भेजे हैं।
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इन छह गांवों के लिए खर्च हुए 25 करोड़
सीसवाला हेड से किरतान, बुड़ाक, बालसमंद, गोरछी, सरसाना और बासडा गांव के वाटर वर्क्स तक स्पेशल पेयजल लाइन बिछाई गई। इन 6 गांवों के जलघर सीसवाला हेड से सरकार ने 25 करोड़ की लागत से प्यास बुझाने के उद्देश्य से खर्च किए लेकिन धरातल पर आज भी पेयजल संकट है।
सीसवाला हेड से बिछाई गई लाइन पर अवैध कनेक्शन मिले हैं। इन लोगों ने इस लाइन पर कनेक्शन करके अपने घरों के होद में पाइप जोड़ी हुई थी। कनेक्शन हटाने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।
- महेंद्र सिंह, जेई, जन स्वास्थ्य विभाग हिसार।
ग्रामीण पेयजल के लिए पिछले लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। 25 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। ग्रामीण टैंकर से पानी मंगवाने का मजबूर हैं।
- वीरेंद्र पुनिया, पूर्व प्रधान, संयुक्त जल संघर्ष समिति।