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Hisar News: बिजली संकट पर फूटा आक्रोश, 4 जगह सड़क पर उतरे लोग
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डाबड़ा चौक पुल पर जाम लगाकर खड़े दुकानदार।
हिसार। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से पेयजल आपूर्ति बाधित होने, इन्वर्टर ठप पड़ने और कारोबार प्रभावित होने से शुक्रवार को शहरवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने डाबड़ा चौक, सेक्टर-13 सब स्टेशन के सामने हिसार-तोशाम रोड और मंत्री रणबीर गंगवा के कैमरी रोड स्थित आवास के सामने जाम लगाया।
वहीं अर्बन एस्टेट-2 और एमसी-डीसी कॉलोनी के लोगों ने विद्युत नगर में बिजली निगम के धरनारत कर्मचारियों के सामने धरना देकर रोष जताया। बिजली संकट से ई-बसों, ई-रिक्शा, दुकानों, अस्पतालों, कार्यालयों और घरों की दिनचर्या प्रभावित रही।
बिजली आपूर्ति करीब 40 घंटे से ठप रहने से परेशान डाबड़ा चौक के कारोबारियों ने शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे जाम लगा दिया। करीब एक घंटे तक वाहन फंसे रहे। डाबड़ा चौक व्यापार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल नारंग, सुशील अग्रवाल, प्रदीप गोयल और सचिन ने बताया कि उनकी मार्केट में लंबे समय से बिजली नहीं थी।
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मौके पर पहुंचे हेड कांस्टेबल संदीप ने जाम लगा रहे लोगों को पीछे हटाकर पुलिस की गाड़ी निकलवाने का प्रयास किया तो दुकानदारों से उनकी कहासुनी हो गई। कारोबारियों ने पुलिस की गाड़ी को भी नहीं निकलने दिया।
तोशाम रोड पर तीन घंटे धरना, निगम मुख्यालय पर भी नारेबाजी
सेक्टर-16-17 में बिजली गुल होने से नाराज लोगों ने हिसार-तोशाम रोड पर जाम लगाकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने सेक्टर-13 सब स्टेशन के सामने दरी बिछाकर धरना दिया। शाम चार से सात बजे तक प्रदर्शन जारी रहा। शाम करीब साढ़े सात बजे हड़ताल खत्म होने और बिजली आपूर्ति बहाल होने की सूचना मिलने पर लोगों ने धरना समाप्त कर दिया।
बिजली निगम मुख्यालय पर पहुंचे उपभोक्ताओं ने कर्मचारियों के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से काफी देर तक नारेबाजी होती रही। बिजली कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि भाजपा ने षड्यंत्र के तहत कुछ लोगों को भेजकर माहौल खराब करने का प्रयास किया।
रातभर नहीं सो सके कॉलोनीवासी, पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित
अर्बन एस्टेट-2, एससी कॉलोनी, डीसी कॉलोनी, गोविंद नगर, विद्युत नगर, हाउसिंग बोर्ड और मॉडल टाउन सहित कई क्षेत्रों में वीरवार दोपहर से बिजली आपूर्ति बाधित थी। इससे लोग रातभर परेशान रहे। बिजली नहीं होने से सुबह पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई।
विद्युत नगर में बिजली कर्मचारियों के धरनास्थल पर पहुंचे कॉलोनीवासियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों की अगुवाई करने वालों में पार्षद संजय डालमिया भी शामिल रहे।
निजी अस्पतालों की बिजली गुल, जनरेटर से चलाना पड़ा काम
बिजली आपूर्ति बाधित होने से स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ा। अर्बन एस्टेट, मॉडल टाउन, एमसी-डीसी कॉलोनी, कैमरी रोड और आजाद नगर सहित कई क्षेत्रों के निजी अस्पतालों में जनरेटर के सहारे व्यवस्था चलानी पड़ी। हालांकि, जिला नागरिक अस्पताल में बिजली आपूर्ति सुचारू रही।
महाबीर कॉलोनी में पेयजल आपूर्ति बाधित होने पर पुलिस की मौजूदगी में जनरेटर चलवाकर पानी की सप्लाई बहाल कराई गई।
लघु उद्योग और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में कामकाज ठप
जिले में करीब 40 से 48 घंटे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रहने से लघु उद्योगों को नुकसान उठाना पड़ा। उद्योग संचालक दीपक गुप्ता और सतपाल अग्रवाल ने बताया कि बड़े उद्योगों की तुलना में छोटे उद्योगों पर हड़ताल का ज्यादा असर पड़ा। प्लास्टिक, चप्पल, लोहा, मोती और स्क्रैप कारोबार से जुड़े कई काम बिजली के अभाव में ठप रहे। अतिरिक्त संसाधन नहीं होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के लघु उद्योग भी अधिक प्रभावित हुए।
बड़े उद्योगों पर कम पड़ा असर
हरियाणा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, हिसार के अध्यक्ष देवेंद्र जैन ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति लगभग सुचारू रही। बड़े कारखाने और इस्पात फैक्टरियां सामान्य रूप से चलती रहीं। कहीं फॉल्ट आने पर बिजली कुछ समय के लिए बाधित हुई, लेकिन निगम ने उसे जल्द ठीक कर आपूर्ति बहाल कर दी।
फीडर और सब स्टेशनों पर पटवारियों व लेक्चरर की ड्यूटी
बिजली आपूर्ति बहाल कराने के लिए निगम ने पटवारियों और लेक्चरर की ड्यूटी लगाई थी। तकनीकी जानकारी नहीं होने के कारण उन्हें व्यवस्था संभालने में परेशानी हुई। इसके अलावा सभी पावर हाउस और सब स्टेशनों पर एक-एक नोडल अधिकारी के साथ पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस की निगरानी में बिजली आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए गए।
रोडवेज की ई-बसों पर लगा ब्रेक, 48 फेरे रद्द
रोडवेज वर्कशॉप में बिजली आपूर्ति बाधित रहने से ई-बसें चार्ज नहीं हो सकीं। ई-चार्जिंग स्टेशन की बिजली वीरवार शाम को ही गुल हो गई थी। इसके चलते शुक्रवार सुबह कुछ बसें ही चल पाईं। दोपहर 12 बजे के बाद एक भी ई-बस नहीं चली। पांच ई-बसों के निर्धारित फेरों में से शुक्रवार को 48 फेरे रद्द रहे। इससे रोडवेज को नुकसान हुआ और यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी।
700 ई-रिक्शा भी नहीं चल पाईं
ऑटो यूनियन हिसार के प्रधान जसवंत ने बताया कि शहर में करीब तीन हजार ई-रिक्शा हैं। वीरवार से बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण चालक अपनी रिक्शा चार्ज नहीं कर सके। इसके चलते करीब 700 ई-रिक्शा घरों पर ही खड़ी रहीं, जिससे चालकों को आर्थिक नुकसान हुआ।
महाबीर कॉलोनी में जनरेटर से बहाल की पेयजल आपूर्ति
महाबीर कॉलोनी जलघर में बिजली आपूर्ति ठप होने से वीरवार से आधे शहर में पेयजल संकट बना हुआ था। इससे नाराज लोगों ने जलघर पहुंचकर नारेबाजी की। इसके बाद पुलिस टीम और जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। नया जनरेटर मंगवाकर पेयजल आपूर्ति शुरू कराई गई।
बाजारों में कारोबार प्रभावित, इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानदार परेशान
बिजली नहीं होने से शहर के बाजारों में इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल और मरम्मत की दुकानों का कामकाज प्रभावित रहा। नागोरी गेट मार्केट के प्रधान मंगल ढालिया ने बताया कि दो दिन से बिजली नहीं होने के कारण कारोबार पर असर पड़ा है।
डाबड़ा चौक व्यापार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल नारंग ने बताया कि उनकी मार्केट में इलेक्ट्रॉनिक्स की अधिकतर दुकानें हैं। इसके अलावा होटल और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान भी हैं। बिजली संकट के कारण इनका करीब 70 प्रतिशत कामकाज प्रभावित रहा।
जनरेटर की बुकिंग के लिए बजती रही घंटी
बिजली संकट के चलते लोगों ने शुक्रवार सुबह जनरेटर उपलब्ध कराने वालों से संपर्क कर बुकिंग कराने का प्रयास किया। जनरेटर उपलब्ध कराने वाले संजय ने बताया कि उनके पास 40 से अधिक फोन आए। उनके पास उपलब्ध सभी 10 जनरेटर वीरवार को ही बुक हो चुके थे। लगातार फोन आने के कारण उन्हें कुछ घंटे के लिए अपना फोन बंद करना पड़ा।
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वहीं अर्बन एस्टेट-2 और एमसी-डीसी कॉलोनी के लोगों ने विद्युत नगर में बिजली निगम के धरनारत कर्मचारियों के सामने धरना देकर रोष जताया। बिजली संकट से ई-बसों, ई-रिक्शा, दुकानों, अस्पतालों, कार्यालयों और घरों की दिनचर्या प्रभावित रही।
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बिजली आपूर्ति करीब 40 घंटे से ठप रहने से परेशान डाबड़ा चौक के कारोबारियों ने शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे जाम लगा दिया। करीब एक घंटे तक वाहन फंसे रहे। डाबड़ा चौक व्यापार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल नारंग, सुशील अग्रवाल, प्रदीप गोयल और सचिन ने बताया कि उनकी मार्केट में लंबे समय से बिजली नहीं थी।
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मौके पर पहुंचे हेड कांस्टेबल संदीप ने जाम लगा रहे लोगों को पीछे हटाकर पुलिस की गाड़ी निकलवाने का प्रयास किया तो दुकानदारों से उनकी कहासुनी हो गई। कारोबारियों ने पुलिस की गाड़ी को भी नहीं निकलने दिया।
तोशाम रोड पर तीन घंटे धरना, निगम मुख्यालय पर भी नारेबाजी
सेक्टर-16-17 में बिजली गुल होने से नाराज लोगों ने हिसार-तोशाम रोड पर जाम लगाकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने सेक्टर-13 सब स्टेशन के सामने दरी बिछाकर धरना दिया। शाम चार से सात बजे तक प्रदर्शन जारी रहा। शाम करीब साढ़े सात बजे हड़ताल खत्म होने और बिजली आपूर्ति बहाल होने की सूचना मिलने पर लोगों ने धरना समाप्त कर दिया।
बिजली निगम मुख्यालय पर पहुंचे उपभोक्ताओं ने कर्मचारियों के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से काफी देर तक नारेबाजी होती रही। बिजली कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि भाजपा ने षड्यंत्र के तहत कुछ लोगों को भेजकर माहौल खराब करने का प्रयास किया।
रातभर नहीं सो सके कॉलोनीवासी, पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित
अर्बन एस्टेट-2, एससी कॉलोनी, डीसी कॉलोनी, गोविंद नगर, विद्युत नगर, हाउसिंग बोर्ड और मॉडल टाउन सहित कई क्षेत्रों में वीरवार दोपहर से बिजली आपूर्ति बाधित थी। इससे लोग रातभर परेशान रहे। बिजली नहीं होने से सुबह पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई।
विद्युत नगर में बिजली कर्मचारियों के धरनास्थल पर पहुंचे कॉलोनीवासियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों की अगुवाई करने वालों में पार्षद संजय डालमिया भी शामिल रहे।
निजी अस्पतालों की बिजली गुल, जनरेटर से चलाना पड़ा काम
बिजली आपूर्ति बाधित होने से स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ा। अर्बन एस्टेट, मॉडल टाउन, एमसी-डीसी कॉलोनी, कैमरी रोड और आजाद नगर सहित कई क्षेत्रों के निजी अस्पतालों में जनरेटर के सहारे व्यवस्था चलानी पड़ी। हालांकि, जिला नागरिक अस्पताल में बिजली आपूर्ति सुचारू रही।
महाबीर कॉलोनी में पेयजल आपूर्ति बाधित होने पर पुलिस की मौजूदगी में जनरेटर चलवाकर पानी की सप्लाई बहाल कराई गई।
लघु उद्योग और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में कामकाज ठप
जिले में करीब 40 से 48 घंटे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रहने से लघु उद्योगों को नुकसान उठाना पड़ा। उद्योग संचालक दीपक गुप्ता और सतपाल अग्रवाल ने बताया कि बड़े उद्योगों की तुलना में छोटे उद्योगों पर हड़ताल का ज्यादा असर पड़ा। प्लास्टिक, चप्पल, लोहा, मोती और स्क्रैप कारोबार से जुड़े कई काम बिजली के अभाव में ठप रहे। अतिरिक्त संसाधन नहीं होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के लघु उद्योग भी अधिक प्रभावित हुए।
बड़े उद्योगों पर कम पड़ा असर
हरियाणा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, हिसार के अध्यक्ष देवेंद्र जैन ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति लगभग सुचारू रही। बड़े कारखाने और इस्पात फैक्टरियां सामान्य रूप से चलती रहीं। कहीं फॉल्ट आने पर बिजली कुछ समय के लिए बाधित हुई, लेकिन निगम ने उसे जल्द ठीक कर आपूर्ति बहाल कर दी।
फीडर और सब स्टेशनों पर पटवारियों व लेक्चरर की ड्यूटी
बिजली आपूर्ति बहाल कराने के लिए निगम ने पटवारियों और लेक्चरर की ड्यूटी लगाई थी। तकनीकी जानकारी नहीं होने के कारण उन्हें व्यवस्था संभालने में परेशानी हुई। इसके अलावा सभी पावर हाउस और सब स्टेशनों पर एक-एक नोडल अधिकारी के साथ पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस की निगरानी में बिजली आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए गए।
रोडवेज की ई-बसों पर लगा ब्रेक, 48 फेरे रद्द
रोडवेज वर्कशॉप में बिजली आपूर्ति बाधित रहने से ई-बसें चार्ज नहीं हो सकीं। ई-चार्जिंग स्टेशन की बिजली वीरवार शाम को ही गुल हो गई थी। इसके चलते शुक्रवार सुबह कुछ बसें ही चल पाईं। दोपहर 12 बजे के बाद एक भी ई-बस नहीं चली। पांच ई-बसों के निर्धारित फेरों में से शुक्रवार को 48 फेरे रद्द रहे। इससे रोडवेज को नुकसान हुआ और यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी।
700 ई-रिक्शा भी नहीं चल पाईं
ऑटो यूनियन हिसार के प्रधान जसवंत ने बताया कि शहर में करीब तीन हजार ई-रिक्शा हैं। वीरवार से बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण चालक अपनी रिक्शा चार्ज नहीं कर सके। इसके चलते करीब 700 ई-रिक्शा घरों पर ही खड़ी रहीं, जिससे चालकों को आर्थिक नुकसान हुआ।
महाबीर कॉलोनी में जनरेटर से बहाल की पेयजल आपूर्ति
महाबीर कॉलोनी जलघर में बिजली आपूर्ति ठप होने से वीरवार से आधे शहर में पेयजल संकट बना हुआ था। इससे नाराज लोगों ने जलघर पहुंचकर नारेबाजी की। इसके बाद पुलिस टीम और जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। नया जनरेटर मंगवाकर पेयजल आपूर्ति शुरू कराई गई।
बाजारों में कारोबार प्रभावित, इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानदार परेशान
बिजली नहीं होने से शहर के बाजारों में इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल और मरम्मत की दुकानों का कामकाज प्रभावित रहा। नागोरी गेट मार्केट के प्रधान मंगल ढालिया ने बताया कि दो दिन से बिजली नहीं होने के कारण कारोबार पर असर पड़ा है।
डाबड़ा चौक व्यापार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल नारंग ने बताया कि उनकी मार्केट में इलेक्ट्रॉनिक्स की अधिकतर दुकानें हैं। इसके अलावा होटल और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान भी हैं। बिजली संकट के कारण इनका करीब 70 प्रतिशत कामकाज प्रभावित रहा।
जनरेटर की बुकिंग के लिए बजती रही घंटी
बिजली संकट के चलते लोगों ने शुक्रवार सुबह जनरेटर उपलब्ध कराने वालों से संपर्क कर बुकिंग कराने का प्रयास किया। जनरेटर उपलब्ध कराने वाले संजय ने बताया कि उनके पास 40 से अधिक फोन आए। उनके पास उपलब्ध सभी 10 जनरेटर वीरवार को ही बुक हो चुके थे। लगातार फोन आने के कारण उन्हें कुछ घंटे के लिए अपना फोन बंद करना पड़ा।