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Hisar News: शहर में 85 हजार से अधिक पेयजल कनेक्शनों में 25 हजार कनेक्शन अवैध

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 22 Mar 2024 02:30 AM IST
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Out of more than 85 thousand drinking water connections in the city, 25 thousand connections are illegal.
हिसार। शहर में 25 हजार अवैध कनेक्शन लाेगों के घरों में दूषित जल पहुंचाने का काम कर रहे हैं। जनस्वास्थ्य विभाग के पास इन कनेक्शनों का कोई रिकॉर्ड तक नहीं है। लोगों ने मनमर्जी से इन कनेक्शन को जोड़ लिया है। जिस कारण ऐसे कनेक्शन लीकेज का सबसे बड़ा कारण बनते हैं। इन नलों के जरिए सीवर युक्त गंदा पानी भी घरों तक पहुंच रहा है। दूषित पेयजल के चलते लोगों की सेहत भी बिगड़ रही है। कई गांवाें में भूमिगत जल की सप्लाई की जाती है। इसके लिए विभाग की ओर से बोरवेल लगाए गए हैं।
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शहर में करीब 85 हजार पेयजल कनेक्शन का अनुमान हैं। इनमें करीब 25 हजार से अधिक कनेक्शन अवैध श्रेणी में आते हैं। यह कनेक्शन लोगों ने सीवर लाइन के बेहद नजदीक या फिर सीवर मैनहोल एवं हौद क्रॉस कर लिए गए हैं। लंबे समय तक इनकी पाइप लाइन को नहीं बदला जाता। इनके पुराने होने के साथ ही इनमें लीकेज की समस्या रहती है।
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भूजल का गिरता स्तर चिंता का विषय
जिले के कई गांवों में भूजल का स्तर लगातार गिर रहा है। इसमें पानी का स्वाद भी बेहद नमकीन और कड़वा हो चुका है। इन गांवों में हर साल 1 से 3 तीन फुट तक भूजल का स्तर गिर रहा है। जिले के अधिकतर सरकारी संस्थानों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग का सिस्टम ही नहीं है। अधिकतर विभागों में सिस्टम बनाए गए लेकिन उनकी देखरेख नहीं करने के कारण वह ठप हो गए। जिनका अब न तो कोई सदुपयोग होता है न प्रबंधन। ऐसे में सरकारी भवनों पर बारिश के पानी को संचय करने वाले ये कुंड लाखों का बजट खर्च के बाद भी अनुपयोगी बने हैं। भूमिगत जल स्तर में भी इसका इसलिए फायदा नहीं हो पा रहा
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जल सरंक्षण को लेकर विभाग खुद गंभीर नहीं
स्कूली बच्चों को जल है तो कल है, ये स्लोगन स्कूल में विद्यार्थियों को पढ़ाया जाता है। दीवारों पर ये स्लोगन लिखकर आम लोगों को जागरूक किया जा रहा है। यह स्लोगन लिखवाने वाला विभाग जल सरंक्षण को लेकर खुद गंभीर नहीं हैं। केंद्र सरकार ने जल बचाने को लेकर जल शक्ति अभियान ''''कैच द रेन'''' मिशन की शुरुआत की थी। इसको लेकर सरकारी महकमों के अफसर खुद गंभीर नहीं है यहां तक जनस्वास्थ्य विभाग खुद लापरवाह है। बारिश के पानी के स्टोरेज को लेकर सरकारी कार्यालयों में कोई प्रबंध नहीं है।


जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से लाेगों को समय जागरूक किया जाता है। इसमें पानी के सैंपल भरने का तरीका भी सिखाया जाता है। स्कूली बच्चों को जल सरंक्षण के लिए प्रेरित किया जाता है। - विनोद कुमार, सलाहकार, जनस्वास्थ्य विभाग हिसार
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