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दान और राम का नाम ही साथ जाएगा : संत बलदेवा नंद

Tue, 04 Mar 2025 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार Updated Tue, 04 Mar 2025 12:49 AM IST
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Only charity and Ram's name will go together
हिसार। गांव धांसू की राधा-कृष्ण गोशाला में गोकथा के तीसरे दिन सोमवार को संत बलदेवा नंद शास्त्री ने कहा कि जीवन में किया हुआ दान और रटा हुआ राम का नाम ही साथ जाएगा। बाकी सब यहीं रह जाएगा।
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उन्होंने कहा कि इस संसार से कोई कुछ लेकर नहीं आया और न ही कुछ लेकर जाएगा। खाली हाथ आए थे, खाली हाथ ही जाना होगा। इसलिए प्रभु का भजन करना जरूरी है। करोड़ों की संपत्ति और जायदाद सब यहीं रह जाएगी। इंसान अपने साथ एक सुई तक नहीं ले जा सकता। संत बलदेवा नंद शास्त्री ने रामायण का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि मनुष्य को आपस में राम-लक्ष्मण की तरह प्रेम से रहना चाहिए और सब जीवों से प्यार करना चाहिए।
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जिस तरह से श्रीराम के लिए भरत ने अपना सब कुछ त्याग दिया था, उसी प्रकार हमें भी किसी से छल-कपट नहीं करना चाहिए।मनुष्य जब धरती से जाएगा तो साथ में कुछ भी नहीं जाएगा। हर मनुष्य को अपनी नेक कमाई में से गोमाता के लिए दान देना चाहिए ताकि गऊ भूखी-प्यासी न रहे। इस अवसर पर जगदीश पूनिया, मानसिंह ठाकर, अनूप पूनिया, आत्माराम बिश्नोई, उग्रसेन डारा, माईलाल हरडु, सतबीर, सुरेंद्र ढाका, हरिसिंह पूनिया, मनोहर भाखर आदि मौजूद रहे।
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निस्वार्थ सेवा का अवश्य ही मिलता है फल : रतेरिया
हांसी। अगर इंसान निस्वार्थ सेवा करता है तो उसे एक दिन उसका फल अवश्य ही मिलता है। सेवा तन, मन या धन किसी भी रूप में हो सकती है। ये बात गढ़ी स्थित द ई 5 महिला महाविद्यालय में चल रहे साप्ताहिक राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि समाजसेवी धर्मबीर रतेरिया ने कही।


इस अवसर पर कॉलेज के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रो. सत्य सुरेन्द्र सिंगला ने कहा कि हमें प्रत्येक सेवा सेवा भाव से ही करनी चाहिए। शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रीय सेवा योजना शुरू करने का यही उद्देश्य है। हम निष्काम सेवा को अपनी आदत में शामिल कर लें तो वही इंसान के चेहरे पर ही प्रकट हो जाती है और ऐसी सेवा व्यक्ति को विश्वसनीय भी बना देती है। इस दौरान स्वयंसेविकाओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। सात दिन तक चले इस शिविर की विभिन्न गतिविधियों के विजेताओं को प्रमाणपत्र और ट्राॅफी प्रदान की।
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