{"_id":"589e19034f1c1b8a5f379a57","slug":"old-chairs-s-of-hau-got-approvel","type":"story","status":"publish","title_hn":"एचएयू में वर्षों से बंद पड़ी चेयर्स दोबारा शुरू, नई चेयर को भी हरी झंडी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एचएयू में वर्षों से बंद पड़ी चेयर्स दोबारा शुरू, नई चेयर को भी हरी झंडी
amarujala/Hisar
Updated Sat, 11 Feb 2017 01:26 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एचएयू की चंडीगढ़ में हुई बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की मीटिंग में एचएयू की चार चेयर्स को अप्रूवल मिली है। इन चेयर्स के माध्यम से विश्वविद्यालय अब किसानों के साथ गांवों और समाज के सभी कामों में अपना सहयोग करेगा। इन चेयर्स के लिए पैसा अलग-अलग एजेंसियों, संस्थानों के अलावा विश्वविद्यालय द्वारा भी दिया जाएगा।
विज्ञापन
कुलपति केपी सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय ने खेती में अपने तकनीकी सहयोग के लिए गांवों को भी चयनित कर लिया है। विवि इन गांवों के साथ मिलकर काम करेगा ताकि खेती एवं उत्पादन को बेहतर कर किसानों की आमदनी बढ़ाई जा सके। विवि के डीआर एसएस सिवाच ने बताया कि चेयर्स को मिलने वाले पैसे का उपयोग उसी चेयर के समाज के प्रति मकसद को पूरा करने के लिए किया जाएगा।
विज्ञापन
इन चेयर का ये होगा काम
गरीब वर्ग की सहायता के लिए विश्वविद्यालय में डॉ. भीमराम अंबेडकर के नाम से चेयर की स्थापना की गई है। चेयर को मिलने वाले फंड से समाज के विकास के काम करवाए जाएंगे। प्लांट ब्रीडिंग के वैज्ञानिक रहे रामधन सिंह के नाम से बनी चेयर को मिलने वाले फंड का उपयोग उनकी विचारधारा को विस्तार और किसानों को नई किस्में देने के मकसद को पूरा करने के लिए किया जाएगा। विवि को इसके अलावा नाबार्ड चेयर के लिए भी 2 करोड़ रुपये मिले हैं। जिनसे गांवों के विकास कार्य करवाए जाएंगे। विवि गांवों के विकास में अपना टेक्निकल इनपुट देगा। वहीं जी चेयर से मिले 1.50 करोड़ रुपये से जिले के पांच गांवों के विकास कार्य होंगे।
विज्ञापन
विवि में तीन चेयर हैं पहले
एचएयू में तीन चेयर पहले से ही हैं। इनमें सर छोटूराम चेयर, डॉ. रामधन सिंह चेयर और प्रताप सिंह कैरो चेयर शामिल है। पिछले लंबे समय से ये चेयर निष्क्रिय पड़ी थी। कुलपति ने इन सभी चेयर्स के कार्यों को विस्तार देने के लिए पुनर्जीवित करने के लिए प्रयास शुरू किए हैं। कुलपति के मुताबिक विवि में 20 चेयर्स को स्थापित करने की उनकी योजना है। अब तक 5 चेयर हो गई हैं।
एचएयू ने किया गांवों को चयनित
एचएयू ने किसानों के साथ मिलकर काम करने के लिए जिले के पांच गांवों का चयन किया है। वहीं विवि के प्रत्येक कॉलेज ने भी एक गांव को गोद लिया है। विवि के सभी केवीके ने भी एक-एक गांव को गोद लिया हुआ है। ये कॉलेज और केवीके स्वयं द्वारा गोद लिए हुए गांवों के विकास और किसानों की आय बढ़ाने के लिए काम करेंगे। एचएयू इन गांवों को टेक्निकल सपोर्ट देगी और इन गांवों में खेती में नया बदलाव लाकर किसानों की दशा सुधारने की कोशिश की जाएगी।