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Hisar News: अधिकारी माैन...कार्रवाई न ही बालसमंद नहर में दूषित पानी डालने से रोकने के इंतजाम
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नहर के पास लगाए बड़े पाइप।
हिसार। बालसमंद नहर में दूषित पानी डालकर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ का मामला उजागर होने के बाद भी जिम्मेदार नहीं जागे हैं। दिल्ली बाईपास के पास नहर से 10 फीट दूर 12 भारी-भरकम पाइप और हाई-पावर मोटरों का ऐसा सेटअप बना है जिससे केमिकलयुक्त पानी को नहर में डाला जाता है। हालांकि अभी मोटरें बंद हैं लेकिन सेटअप कायम है।
24 सितंबर को रात के अंधेरे में नहर में रसायनयुक्त पानी डालने का वीडियो सामने आया था। अमर उजाला टीम रविवार को मौके पर पहुंची तो देखा कि मोटरें बंद हैं लेकिन पाइपें बिछाकर जो व्यवस्था की गई है वह कायम है। इससे नहर में फिर से दूषित पानी डालने का खतरा बना है।
सिंचाई विभाग की मैकेनिकल विंग ने यह हेड तैयार कराया था। मौके पर 10 से 14 इंच चौड़े 12 पाइप और बड़ी मोटरें लगी हैं। पाइपों के आगे दो टैंक बने हैं जिनमें जमा पानी काला हो चुका है। दोपहर 12:40 बजे एक मोटर की मरम्मत करते दो कर्मचारी भी मौजूद थे।
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हालांकि कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं हुआ। एक राहगीर ने बताया कि पहले दिन-रात मोटरें चलती थीं। वीडियो सामने आने के बाद से मोटरें बंद हैं लेकिन नहर में गंदा पानी न डाला जा सके इसकी स्थायी व्यवस्था नहीं की गई है।
नहर के बगल में केमिकलयुक्त पानी का नाला उफान पर है। इसके ओवरफ्लो होने का खतरा बना है। ऐसे में सवाल है कि पानी बढ़ने पर क्या फिर इन्हीं मोटरों का सहारा लिया जाएगा। संबंधित विभागों ने अब तक दूषित पानी को सुरक्षित स्थान पर निकालने या किसी अन्य दिशा में डायवर्ट करने की व्यवस्था नहीं की है।
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24 सितंबर को रात के अंधेरे में नहर में रसायनयुक्त पानी डालने का वीडियो सामने आया था। अमर उजाला टीम रविवार को मौके पर पहुंची तो देखा कि मोटरें बंद हैं लेकिन पाइपें बिछाकर जो व्यवस्था की गई है वह कायम है। इससे नहर में फिर से दूषित पानी डालने का खतरा बना है।
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सिंचाई विभाग की मैकेनिकल विंग ने यह हेड तैयार कराया था। मौके पर 10 से 14 इंच चौड़े 12 पाइप और बड़ी मोटरें लगी हैं। पाइपों के आगे दो टैंक बने हैं जिनमें जमा पानी काला हो चुका है। दोपहर 12:40 बजे एक मोटर की मरम्मत करते दो कर्मचारी भी मौजूद थे।
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हालांकि कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं हुआ। एक राहगीर ने बताया कि पहले दिन-रात मोटरें चलती थीं। वीडियो सामने आने के बाद से मोटरें बंद हैं लेकिन नहर में गंदा पानी न डाला जा सके इसकी स्थायी व्यवस्था नहीं की गई है।
नहर के बगल में केमिकलयुक्त पानी का नाला उफान पर है। इसके ओवरफ्लो होने का खतरा बना है। ऐसे में सवाल है कि पानी बढ़ने पर क्या फिर इन्हीं मोटरों का सहारा लिया जाएगा। संबंधित विभागों ने अब तक दूषित पानी को सुरक्षित स्थान पर निकालने या किसी अन्य दिशा में डायवर्ट करने की व्यवस्था नहीं की है।