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अब नगर परिषद की जमीन के ही बदल डाले मालिक, करोड़ों के घोटाले का अंदेशा
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रेलवे रोड स्थित नगर परिषद कार्यालय। संवाद
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। नगर परिषद में अब नप की जमीन के ही मालिक बदलने का मामला सामने आया है। इतना ही नहीं नप की प्रॉपर्टी का रिकॉर्ड रखने वाले रजिस्टर तक गायब हैं। ऐसे में नगर परिषद में करोड़ों के घोटाले का अंदेशा है। नगर परिषद चेयरमैन की ओर से कर्मचारियों को रजिस्टर देने के लिए नोटिस भी जारी किए, मगर अब तक भी रजिस्टर नहीं मिले हैं। जिसके बाद अब नप चेयरमैन ने कार्यकारी अधिकारी को पत्र जारी कर रजिस्टर गुम होने की एफआईआर दर्ज कराने की बात कही है।
नगर परिषद की ओर से वर्ष 1984 में प्लॉट और दुकानों की ऑक्शन की गई थी। सूत्र बताते हैं कि उस समय ऑक्शन में कुछ प्लॉटों और दुकानों की बोली नहीं लग पाई थी और कुछ प्लॉटों की बोली लगाने वालों ने पूरी राशि जमा नहीं कराई। जिस कारण ये नगर परिषद की प्रॉपर्टी थी। अब फर्जी तरीके से इनमें से कुछ प्लॉटों और दुकानों के मालिक बदलने का मामला सामने आया है। मिलीभगत कर नप की प्रॉपर्टी की पीआईडी बनाई गई और जगह के मालिक बदल दिए गए। एनओसी भी जारी की गई। नप के कितने प्लॉटों और दुकानों के इस तरह मालिक बदले गए हैं, ये तो पूरी जांच होने के बाद ही खुलासा होगा। मामला नप चेयरमैन और स्थानीय अधिकारियों तक भी पहुंच चुका है। नगर परिषद के रोहतक रोड एमसी कॉलोनी, ग्वार फैक्टरी के पीछे, ऑटो मार्केट में करोड़ों के प्लॉट और दुकानें है।
नप चेयरमैन ने मामला संज्ञान में आने के बाद मांगे थे रजिस्टर
नगर परिषद की प्रॉपर्टी, आवंटित प्लॉट, दुकानों का रिकार्ड रजिस्टरों में दर्ज है। अब नप चेयरमैन ने मामला संज्ञान में आने के बाद रजिस्टर मांगे तो रिकार्ड संबंधित कुछ रजिस्टर ही गायब हैं। इसके लिए विभिन्न अधिकारियों, कर्मचारियों को पत्र जारी कर रजिस्टर मांगा गया मगर अभी तक भी उपलब्ध नहीं कराया गया। पहले एक सप्ताह का नोटिस दिया गया और अब दो दिन का। इसके बावजूद रजिस्टर नहीं मिला है। जिसके बाद अब नप चेयरमैन ने कार्यकारी अधिकारी को रजिस्टर गुम होने के मामले में एफआईआर दर्ज कराने के लिए पत्र लिखा है।
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पांच साल पहले भी बदले गए थे विभिन्न प्रॉपर्टी के मालिक
पांच साल पहले भी नगर परिषद चुनाव से पहले इसी तरह नप कार्यालयों के रातों-रात ताले टूटने और विभिन्न प्रॉपर्टी के मालिक बदले जाने के मामले सामने आए थे। जिसकी उच्चस्तरीय जांच भी हुई थी। जांच में भी प्रॉपर्टी के मालिक बदलने का खुलासा हुआ था। उसके बाद कार्रवाई के नाम पर लीपापोती कर दी गई।
नगर परिषद का रिकार्ड रजिस्टर को लेकर कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है। अभी रजिस्टर नहीं मिला है। कार्यकारी अधिकारी को भी रजिस्टर गुम होने संबंधित एफआईआर थाने में दर्ज कराने के लिए कहा है। सोमवार को इसकी सारी जानकारी ली जाएगी। रजिस्टर गायब है तो घपले से भी इनकार नहीं किया जा सकता। इसकी पूरी जांच करवाई जाएगी और जो भी दोषी होंगे, उन पर कार्रवाई करवाई जाएगी।
रण सिंह यादव, चेयरमैन, नगर परिषद
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नगर परिषद की ओर से वर्ष 1984 में प्लॉट और दुकानों की ऑक्शन की गई थी। सूत्र बताते हैं कि उस समय ऑक्शन में कुछ प्लॉटों और दुकानों की बोली नहीं लग पाई थी और कुछ प्लॉटों की बोली लगाने वालों ने पूरी राशि जमा नहीं कराई। जिस कारण ये नगर परिषद की प्रॉपर्टी थी। अब फर्जी तरीके से इनमें से कुछ प्लॉटों और दुकानों के मालिक बदलने का मामला सामने आया है। मिलीभगत कर नप की प्रॉपर्टी की पीआईडी बनाई गई और जगह के मालिक बदल दिए गए। एनओसी भी जारी की गई। नप के कितने प्लॉटों और दुकानों के इस तरह मालिक बदले गए हैं, ये तो पूरी जांच होने के बाद ही खुलासा होगा। मामला नप चेयरमैन और स्थानीय अधिकारियों तक भी पहुंच चुका है। नगर परिषद के रोहतक रोड एमसी कॉलोनी, ग्वार फैक्टरी के पीछे, ऑटो मार्केट में करोड़ों के प्लॉट और दुकानें है।
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नप चेयरमैन ने मामला संज्ञान में आने के बाद मांगे थे रजिस्टर
नगर परिषद की प्रॉपर्टी, आवंटित प्लॉट, दुकानों का रिकार्ड रजिस्टरों में दर्ज है। अब नप चेयरमैन ने मामला संज्ञान में आने के बाद रजिस्टर मांगे तो रिकार्ड संबंधित कुछ रजिस्टर ही गायब हैं। इसके लिए विभिन्न अधिकारियों, कर्मचारियों को पत्र जारी कर रजिस्टर मांगा गया मगर अभी तक भी उपलब्ध नहीं कराया गया। पहले एक सप्ताह का नोटिस दिया गया और अब दो दिन का। इसके बावजूद रजिस्टर नहीं मिला है। जिसके बाद अब नप चेयरमैन ने कार्यकारी अधिकारी को रजिस्टर गुम होने के मामले में एफआईआर दर्ज कराने के लिए पत्र लिखा है।
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पांच साल पहले भी बदले गए थे विभिन्न प्रॉपर्टी के मालिक
पांच साल पहले भी नगर परिषद चुनाव से पहले इसी तरह नप कार्यालयों के रातों-रात ताले टूटने और विभिन्न प्रॉपर्टी के मालिक बदले जाने के मामले सामने आए थे। जिसकी उच्चस्तरीय जांच भी हुई थी। जांच में भी प्रॉपर्टी के मालिक बदलने का खुलासा हुआ था। उसके बाद कार्रवाई के नाम पर लीपापोती कर दी गई।
नगर परिषद का रिकार्ड रजिस्टर को लेकर कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है। अभी रजिस्टर नहीं मिला है। कार्यकारी अधिकारी को भी रजिस्टर गुम होने संबंधित एफआईआर थाने में दर्ज कराने के लिए कहा है। सोमवार को इसकी सारी जानकारी ली जाएगी। रजिस्टर गायब है तो घपले से भी इनकार नहीं किया जा सकता। इसकी पूरी जांच करवाई जाएगी और जो भी दोषी होंगे, उन पर कार्रवाई करवाई जाएगी।
रण सिंह यादव, चेयरमैन, नगर परिषद