{"_id":"6929fa11386ba57b40064b80","slug":"nominations-for-10-girl-sarpanch-and-28-girl-panch-posts-hisar-news-c-21-1-hld1018-760001-2025-11-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: 10 बालिका सरपंच और 28 बालिका पंच पदों के लिए हुआ नामांकन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: 10 बालिका सरपंच और 28 बालिका पंच पदों के लिए हुआ नामांकन
विज्ञापन
सरसोद गांव में नामांकन प्रक्रिया के प्रतिभागी।
हिसार। सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन की पहल पर जिले के सरसौद गांव में देश की पहली सांविधानिक बालिका पंचायत के गठन की दिशा में बड़ा कदम बढ़ गया है। पंचायत के लिए नामांकन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो गई है। इसके तहत 10 बालिकाओं ने सरपंच पद के लिए और 28 बालिकाओं ने पंच पदों के लिए नामांकन कराया है।
बालिका पंचायत की राष्ट्रीय ब्रांड एंबेसडर नंदिनी जागलान ने बताया कि आगामी 3 दिसंबर को होने वाले चुनाव में वह स्वयं मौजूद रहेंगी।शनिवार को उम्मीदवारों की छंटनी और नाम वापसी होगी। चयनित प्रत्याशियों को 30 नवंबर को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे। इसी दिन से 1 दिसंबर तक घोषणा पत्र जारी करने और प्रचार का दौर शुरू होगा।
गांव की बालिकाओं में इस अनूठी पहल को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। उम्मीदवार बालिकाएं गांव के बच्चों और अभिभावकों से संवाद कर अपनी योजनाएं बता रही हैं। वे बता रही हैं कि सरपंच चुने जाने पर गांव में कौन-कौन से विकास कार्य करना चाहेंगी।
विज्ञापन
नंदिनी जागलान ने कहा कि यह बालिका पंचायत लड़कियों को कुपोषण से मुक्त करने, स्कूल ड्रॉपआउट दर को शून्य करने, बेटी भ्रूण हत्या को समाप्त करने और महावारी जैसे वर्जित विषयों पर खुलकर संवाद स्थापित करने का सशक्त माध्यम बनेगी। साथ ही बाल श्रम के खिलाफ भी गांव में जागरूकता बढ़ेगी और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और मजबूत होगी।
उन्होंने बताया कि यह मॉडल बीबीपुर गांव की सफलता पर आधारित है, जहां सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को नई दिशा दी थी। बालिका निर्वाचन अधिकारी रितिका ने नामांकन प्रक्रिया पूरी करवाई। उन्होंने बताया कि सरपंच पद के लिए निशु, आरती, साक्षी, हंसिका, गुरवी, नोईसा, तमन्ना, मन्ना, सुनैना और जाह्नवी ने नामांकन कराया है। सभी बालिकाओं की आयु 11 से 17 वर्ष के बीच है।
सरसौद की सरपंच सुनीता भ्याण ने इस ऐतिहासिक पहल को सराहते हुए कहा कि यह ग्रामीण समाज में बेटियों की भागीदारी को नई ऊंचाई देगा। फाउंडेशन का लक्ष्य है कि अगले दो वर्षों में इस मॉडल को पूरे देश के 500 गांवों तक पहुंचाया जाए।
विज्ञापन
बालिका पंचायत की राष्ट्रीय ब्रांड एंबेसडर नंदिनी जागलान ने बताया कि आगामी 3 दिसंबर को होने वाले चुनाव में वह स्वयं मौजूद रहेंगी।शनिवार को उम्मीदवारों की छंटनी और नाम वापसी होगी। चयनित प्रत्याशियों को 30 नवंबर को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे। इसी दिन से 1 दिसंबर तक घोषणा पत्र जारी करने और प्रचार का दौर शुरू होगा।
विज्ञापन
गांव की बालिकाओं में इस अनूठी पहल को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। उम्मीदवार बालिकाएं गांव के बच्चों और अभिभावकों से संवाद कर अपनी योजनाएं बता रही हैं। वे बता रही हैं कि सरपंच चुने जाने पर गांव में कौन-कौन से विकास कार्य करना चाहेंगी।
विज्ञापन
नंदिनी जागलान ने कहा कि यह बालिका पंचायत लड़कियों को कुपोषण से मुक्त करने, स्कूल ड्रॉपआउट दर को शून्य करने, बेटी भ्रूण हत्या को समाप्त करने और महावारी जैसे वर्जित विषयों पर खुलकर संवाद स्थापित करने का सशक्त माध्यम बनेगी। साथ ही बाल श्रम के खिलाफ भी गांव में जागरूकता बढ़ेगी और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और मजबूत होगी।
उन्होंने बताया कि यह मॉडल बीबीपुर गांव की सफलता पर आधारित है, जहां सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को नई दिशा दी थी। बालिका निर्वाचन अधिकारी रितिका ने नामांकन प्रक्रिया पूरी करवाई। उन्होंने बताया कि सरपंच पद के लिए निशु, आरती, साक्षी, हंसिका, गुरवी, नोईसा, तमन्ना, मन्ना, सुनैना और जाह्नवी ने नामांकन कराया है। सभी बालिकाओं की आयु 11 से 17 वर्ष के बीच है।
सरसौद की सरपंच सुनीता भ्याण ने इस ऐतिहासिक पहल को सराहते हुए कहा कि यह ग्रामीण समाज में बेटियों की भागीदारी को नई ऊंचाई देगा। फाउंडेशन का लक्ष्य है कि अगले दो वर्षों में इस मॉडल को पूरे देश के 500 गांवों तक पहुंचाया जाए।