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कैश की समस्या : मंडी में लगी 5 हजार क्विंटल मूंगफली की ढेरियां
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
Updated Tue, 20 Dec 2016 12:53 AM IST
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मूंगफली
- फोटो : bureau
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नोटबंदी के बाद आई कैश की समस्या के कारण अनाज मंडी में राजस्थान से आई मूंगफली के ढेर लगे हुए हैं। हाल यह है कि सीजन में मूंगफली के खरीदार तक नहीं मिल पा रहे हैं। करीब 5 हजार क्विंटल मूंगफली की ढेरियां अनाज मंडी में लगी हुई हैं और किसान इन पर उदास बैठे कर खरीदारों की राह देख रहे हैं। कैश की कमी के कारण व्यापारी इनको खरीद नहीं पा रहे है, जबकि व्यापारियों द्वारा चेक देने पर किसान लेने से मना कर रहे हैं।
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इस कारण राजस्थान से हर साल हिसार मंडी में मूंगफली बेचने के लिए आने वाले सैकड़ों किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि वे अपनी फसल को वापस भी नहीं ले जा सकते, क्योंकि किराया महंगा पड़ जाएगा। ऐसे में मजबूरी में मंडी में बिकने का इंतजार कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार हिसार मंडी में सीजन में 45 हजार क्विंटल मूंगफली की आवक होती है। नोटबंदी के कारण मूंगफली का उठान नहीं हो पा रहा है।
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कुछ किसान कम दाम पर भी बेच रहे मूंगफली
मंडी व्यापारी जगदीश के अनुसार कुछ किसानों ने अपनी फसलों को कम दाम पर बेचना आरंभ कर दिया है। मंडी में मूंगफली का भाव 3200 रुपये प्रति क्विंटल से 4500 रुपये प्रति क्विंटल तक है। लेकिन किसान इससे भी कम दाम पर अपनी फसलों को बेचने को मजबूर है।
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वहीं जिन किसानों की मूंगफली नही बिक पा रही है। वे भी इस असमंजस में है कि इतनी मूंगफली को वापस ले जाएं तो भी इस फसल को कहां बेचेंगे। किसानों का कहना है कि वो मूंगफली को मंडी में लाने का खर्च तो कर ही चुके हैं, अब मूंगफली को वापस ले जाएंगे तो भी ले जाने का काफी खर्च आएगा। गौरतलब है कि अनाज मंडी में मूंगफली की खरीद की यह समस्या 8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा के बाद से आरंभ हुई थी। जो नोटबंदी के 40 दिन बीतने के बाद ज्यों की त्यों बनी हुई है।
इस समस्या का समाधान 30 दिसंबर के बाद हो सकता है। अगर सरकार व्यापारियों को बैंक संबंधी लेन-देन के बारे में कोई सुविधा दे तभी यह समस्या हल हो सकती है।
- संतलाल, मंडी प्रधान, अनाज मंडी, हिसार