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Hisar News: ओलावृष्टि का नुकसान कहां दर्ज कराएं...पोर्टल में नहीं गांव का नाम
Fri, 07 Mar 2025 11:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Fri, 07 Mar 2025 11:44 PM IST
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हिसार के लघु सचिवालय में पहुंचे गांव सुलखनी के किसान।
हिसार। गांव सुलखनी के किसानों ने शुक्रवार को लघु सचिवालय पहुंच कर डीसी के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों ने फसलों को ओलावृष्टि से हुए नुकसान के लिए पोर्टल खोलने की मांग रखी। किसानों ने कहा कि सबसे अधिक नुकसान धान्सू व सुलखनी गांव में ही हुआ था।
किसान राजकुमार, गुलशन, सुभाषचंद्र, सतबीर, पवन, रामकुमार, विष्णु, सुधीर, रमेश, चांदीराम, नंदू राम, बल्लीराम, सतबीर, सूरजभान, मदन कुमार, विजय कुमार सहित अन्य लघु सचिवालय पहुंचे। किसानों ने कहा कि 28 फरवरी को जिले के कई गांवों में ओलावृष्टि हुई थी, जिससे फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। प्रदेश सरकार की ओर से नुकसान का मुआवजा देने के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपनी शिकायत अपलोड करने की बात कही जा रही है। हमारे गांव का नाम इस पोर्टल पर नहीं दिख रहा है। ऐसे में किसान अपने नुकसान की शिकायत कहां करेंगे।
कृषि विभाग की प्राथमिक रिपोर्ट के मुताबिक जिले में 5,850 एकड़ में गेहूं और 3,180 एकड़ में खड़ी सरसों की फसल को 50 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचा है। जिले के हांसी ब्लॉक में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। इस ब्लॉक में 92,900 एकड़ में गेहूं की फसल में 25 प्रतिशत और 5,850 एकड़ में गेहूं की फसल को 26 से 50 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। इसके अलावा नारनौंद में 82,350 एकड़ में गेहूं की फसल को 0 से 25 प्रतिशत, हिसार ब्लॉक एक में 22,500 एकड़ में 0 से 25 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। बास, आदमपुर, अग्रोहा, हिसार द्वितीय, बरवाला व उकलाना ब्लॉक में गेहूं की फसल में नुकसान शून्य है।
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किसान राजकुमार, गुलशन, सुभाषचंद्र, सतबीर, पवन, रामकुमार, विष्णु, सुधीर, रमेश, चांदीराम, नंदू राम, बल्लीराम, सतबीर, सूरजभान, मदन कुमार, विजय कुमार सहित अन्य लघु सचिवालय पहुंचे। किसानों ने कहा कि 28 फरवरी को जिले के कई गांवों में ओलावृष्टि हुई थी, जिससे फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। प्रदेश सरकार की ओर से नुकसान का मुआवजा देने के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपनी शिकायत अपलोड करने की बात कही जा रही है। हमारे गांव का नाम इस पोर्टल पर नहीं दिख रहा है। ऐसे में किसान अपने नुकसान की शिकायत कहां करेंगे।
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कृषि विभाग की प्राथमिक रिपोर्ट के मुताबिक जिले में 5,850 एकड़ में गेहूं और 3,180 एकड़ में खड़ी सरसों की फसल को 50 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचा है। जिले के हांसी ब्लॉक में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। इस ब्लॉक में 92,900 एकड़ में गेहूं की फसल में 25 प्रतिशत और 5,850 एकड़ में गेहूं की फसल को 26 से 50 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। इसके अलावा नारनौंद में 82,350 एकड़ में गेहूं की फसल को 0 से 25 प्रतिशत, हिसार ब्लॉक एक में 22,500 एकड़ में 0 से 25 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। बास, आदमपुर, अग्रोहा, हिसार द्वितीय, बरवाला व उकलाना ब्लॉक में गेहूं की फसल में नुकसान शून्य है।
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