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पार्षद बोले- हद हो गई, हाथी और जिराफ लाकर सेक्टरों को चिड़ियाघर बना दो
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निगम हाउस की बैठक में मौजूद विधानसभा उपाध्यक्ष रणबीर गंगवा, मेयर गौतम सरदाना, निगमायुक्त अशोक कु?
- फोटो : Hisar
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हिसार। नगर निगम की हाउस की बैठक में पार्षदों ने शहर के हर हिस्से में घूम रहे लावारिस पशुओं और बंदरों का मुद्दा जोरशोर से उठाया। सभी पार्षदों ने एक स्वर में इसे नगर निगम की असफलता बताया और कहा कि दो वर्ष पहले जब पार्षद और मेयर बने थे, तब शहर के लोगों से यही वादा किया था, लेकिन पूरा नहीं किया गया।
हर रोज बंदर कहीं न कहीं बच्चों व महिलाओं को काट रहे हैं। आवारा पशु एक्सीडेंट कर रहे हैं। पार्षद कविता केडिया और शालू दीवान ने तो यहां तक कह दिया कि सेक्टरों में केवल हाथी और जिराफ को छोड़ना बाकी है, उन्हें लाकर सेक्टरों को चिड़ियाघर बना दो। यहां कुत्तों, बंदरों, विभिन्न नस्लों की गायों, नंदियों और घोड़ों की पहले ही भरमार है। मामले को लेकर डिप्टी मेयर जयबीर गुर्जर ने प्रस्ताव दिया कि सीएम से मिलकर पुलिस को जिम्मेदारी सौंपी जाए। ताकि सड़कों पर पशुओं को छोड़ने वालों पर कार्रवाई हो। हाउस ने प्रस्ताव पास कर दिया।
पार्षद ग्रोवर ने किया बैठक का बहिष्कार
बैठक में पार्षद ग्रोवर ने गायों और बंदरों के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि उनके वार्ड 15 में 1500 के लगभग लावारिस पशु घूम रहे हैं। ये गायें केवल 3 लोगों की हैं, जिनकी लिस्ट मेयर और पुलिस के पास भी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। उन्होंने कहा कि गो अभयारण्य में मृत गायों के टैग उतार लिए गए और पैसे लेकर कई गायें छोड़ दी गईं। उन्होंने बैठक का बहिष्कार कर दिया और कहा कि जब उनके वार्ड से गायें हटेंगी, तभी बैठकों में आएंगे।
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कॉलोनियां 50 प्रतिशत से अधिक बस चुकीं, वैध करवाने की तैयारी
पार्षदों ने कई कॉलोनियों में सीवरेज लाइन बिछवाने सहित विभिन्न मांगें रखीं, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि वे अवैध कॉलोनियों में सीवरेज लाइन बिछाने जैसे काम नहीं कर सकते। इस पर पार्षदों ने मांग करते हुए कहा कि काफी कॉलोनी ऐसी हैं, जिनमें 50 से 85 प्रतिशत तक लोग बस चुके हैं। इन कॉलोनियों को वैध करने का रास्ता साफ होना चाहिए। इस पर विधानसभा उपाध्यक्ष रणबीर गंगवा ने कहा कि वर्तमान में कॉलोनियां काटने को लेकर कड़े नियम सरकार ने बनाए गए हैं, लेकिन यह भी सही है कि जो कॉलोनियां पहले बन चुकी हैं, उन्हें वैध करना चाहिए। इससे निगम को भी रेवेन्यू आएगा। उन्होंने कहा कि हाउस में यह प्रस्ताव पास कर कॉपी उन्हें दें, वे मामले को आगे भेजेंगे।
सब कमेटियों की बैठक की प्रोसिडिंग नहीं
पार्षदों की अध्यक्षता में हुई विभिन्न सब कमेटियों की बैठक की प्रोसिडिंग तैयार नहीं करने का मामला भी बैठक में गर्माया। दरअसल इन कमेटियों की बैठक के बाद निगम अधिकारियों ने प्रोसिडिंग ही तैयार नहीं करवाई। पार्षदों ने कहा कि बैठक के दौरान अधिकारियों के साथ स्टेनो भी थे और हर बात नोट की गई। लेकिन प्रोसिडिंग तैयार नहीं की गई और न ही कमेटी के चेयरमैन या पार्षदों के साइन करवाए गए।
10 लाख तक के काम करवाने का अधिकार पार्षदों को देने की मांग
पार्षदों ने कहा कि पार्षदों के नाम आने वाले 10 लाख रुपये के टेंडर निगम अधिकारी ही जारी करते हैं। जो ठेकेदार काम करते हैं, वे पार्षदों के कहे अनुसार जरा सा काम भी नहीं करते। उन्हें अगर क्षेत्र में कोई एक गड्डा भी भरवाना हो तो भी वे नहीं भरवा पाते। लोग उन्हें गालियां देते हैं। ऐसे में उन्हें भी अधिकार दिए जाएं या उनका हर कार्य करवाया जाए। आयुक्त ने इससे इनकार कर दिया। पार्षदों ने कहा कि किसी निर्माण में सैंपल भरने हैं तो मौके पर पार्षद की मौजूदगी भी जरूरी हो। यह प्रस्ताव पास हो गया।
इन अहम मुद्दों पर साझा सहमति
- हर वार्ड में विभिन्न कार्यों के लिए 20-20 लाख के टेंडर वार्ड वाइज लगवाए जाएंगे।
- सभी वार्डों में सार्वजनिक स्थानों पर रखने के लिए 100-100 बेंच दिए जाएंगे।
- सभी वार्डों मेें हरियाली बढ़ाने के लिए पौधे और ट्री गार्ड दिए जाएंगे।
- धोबी घाट की जगह पर मल्टीस्टोरी कॉम्पलेक्स बनाने की मांग। नीचे पार्किंग, ऊपर फ्लेट बनें।
- निगम के कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का प्रस्ताव रखा गया।
- चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को 100-100 गज के प्लाट देने का प्रस्ताव रखा गया।
- डेयरी प्रोजेक्ट से आने वाले पैसे के लिए अलग अकाउंट खोला जाएगा।
- पार्कों के एक हिस्से में बच्चों के लिए ग्राउंड बनाने का प्रस्ताव, घास में बच्चों को खेलने नहीं दिया जाता।
- झूले और जिम की क्वालिटी चेक होगी, कमजोर है तो बदलवाए जाएंगे।
- आंबेडकर बस्ती को हटाने के लिए कार्रवाई की जाएगी।
- रामजीलाल ने शहर को स्वच्छ बनाया, उनका नेतृत्व जरूरी। ट्रांसफर रद्द करवाने का प्रस्ताव पास।
- प्रत्येक वार्ड में विकेंद्रीत कंपोस्टिंग प्लांट बनेगा। वहीं, होगा गीले कचरे का निपटान।
- वार्ड 7 में जियो कंपनी ने केबल डालने के लिए गलियां उखाड़ दीं। कार्रवाई के लिए प्रस्ताव पास।
- सूर्य नगर सहित सभी वार्डों में अवैध कब्जे हटवाए जाएंगे।
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हर रोज बंदर कहीं न कहीं बच्चों व महिलाओं को काट रहे हैं। आवारा पशु एक्सीडेंट कर रहे हैं। पार्षद कविता केडिया और शालू दीवान ने तो यहां तक कह दिया कि सेक्टरों में केवल हाथी और जिराफ को छोड़ना बाकी है, उन्हें लाकर सेक्टरों को चिड़ियाघर बना दो। यहां कुत्तों, बंदरों, विभिन्न नस्लों की गायों, नंदियों और घोड़ों की पहले ही भरमार है। मामले को लेकर डिप्टी मेयर जयबीर गुर्जर ने प्रस्ताव दिया कि सीएम से मिलकर पुलिस को जिम्मेदारी सौंपी जाए। ताकि सड़कों पर पशुओं को छोड़ने वालों पर कार्रवाई हो। हाउस ने प्रस्ताव पास कर दिया।
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पार्षद ग्रोवर ने किया बैठक का बहिष्कार
बैठक में पार्षद ग्रोवर ने गायों और बंदरों के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि उनके वार्ड 15 में 1500 के लगभग लावारिस पशु घूम रहे हैं। ये गायें केवल 3 लोगों की हैं, जिनकी लिस्ट मेयर और पुलिस के पास भी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। उन्होंने कहा कि गो अभयारण्य में मृत गायों के टैग उतार लिए गए और पैसे लेकर कई गायें छोड़ दी गईं। उन्होंने बैठक का बहिष्कार कर दिया और कहा कि जब उनके वार्ड से गायें हटेंगी, तभी बैठकों में आएंगे।
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कॉलोनियां 50 प्रतिशत से अधिक बस चुकीं, वैध करवाने की तैयारी
पार्षदों ने कई कॉलोनियों में सीवरेज लाइन बिछवाने सहित विभिन्न मांगें रखीं, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि वे अवैध कॉलोनियों में सीवरेज लाइन बिछाने जैसे काम नहीं कर सकते। इस पर पार्षदों ने मांग करते हुए कहा कि काफी कॉलोनी ऐसी हैं, जिनमें 50 से 85 प्रतिशत तक लोग बस चुके हैं। इन कॉलोनियों को वैध करने का रास्ता साफ होना चाहिए। इस पर विधानसभा उपाध्यक्ष रणबीर गंगवा ने कहा कि वर्तमान में कॉलोनियां काटने को लेकर कड़े नियम सरकार ने बनाए गए हैं, लेकिन यह भी सही है कि जो कॉलोनियां पहले बन चुकी हैं, उन्हें वैध करना चाहिए। इससे निगम को भी रेवेन्यू आएगा। उन्होंने कहा कि हाउस में यह प्रस्ताव पास कर कॉपी उन्हें दें, वे मामले को आगे भेजेंगे।
सब कमेटियों की बैठक की प्रोसिडिंग नहीं
पार्षदों की अध्यक्षता में हुई विभिन्न सब कमेटियों की बैठक की प्रोसिडिंग तैयार नहीं करने का मामला भी बैठक में गर्माया। दरअसल इन कमेटियों की बैठक के बाद निगम अधिकारियों ने प्रोसिडिंग ही तैयार नहीं करवाई। पार्षदों ने कहा कि बैठक के दौरान अधिकारियों के साथ स्टेनो भी थे और हर बात नोट की गई। लेकिन प्रोसिडिंग तैयार नहीं की गई और न ही कमेटी के चेयरमैन या पार्षदों के साइन करवाए गए।
10 लाख तक के काम करवाने का अधिकार पार्षदों को देने की मांग
पार्षदों ने कहा कि पार्षदों के नाम आने वाले 10 लाख रुपये के टेंडर निगम अधिकारी ही जारी करते हैं। जो ठेकेदार काम करते हैं, वे पार्षदों के कहे अनुसार जरा सा काम भी नहीं करते। उन्हें अगर क्षेत्र में कोई एक गड्डा भी भरवाना हो तो भी वे नहीं भरवा पाते। लोग उन्हें गालियां देते हैं। ऐसे में उन्हें भी अधिकार दिए जाएं या उनका हर कार्य करवाया जाए। आयुक्त ने इससे इनकार कर दिया। पार्षदों ने कहा कि किसी निर्माण में सैंपल भरने हैं तो मौके पर पार्षद की मौजूदगी भी जरूरी हो। यह प्रस्ताव पास हो गया।
इन अहम मुद्दों पर साझा सहमति
- हर वार्ड में विभिन्न कार्यों के लिए 20-20 लाख के टेंडर वार्ड वाइज लगवाए जाएंगे।
- सभी वार्डों में सार्वजनिक स्थानों पर रखने के लिए 100-100 बेंच दिए जाएंगे।
- सभी वार्डों मेें हरियाली बढ़ाने के लिए पौधे और ट्री गार्ड दिए जाएंगे।
- धोबी घाट की जगह पर मल्टीस्टोरी कॉम्पलेक्स बनाने की मांग। नीचे पार्किंग, ऊपर फ्लेट बनें।
- निगम के कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का प्रस्ताव रखा गया।
- चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को 100-100 गज के प्लाट देने का प्रस्ताव रखा गया।
- डेयरी प्रोजेक्ट से आने वाले पैसे के लिए अलग अकाउंट खोला जाएगा।
- पार्कों के एक हिस्से में बच्चों के लिए ग्राउंड बनाने का प्रस्ताव, घास में बच्चों को खेलने नहीं दिया जाता।
- झूले और जिम की क्वालिटी चेक होगी, कमजोर है तो बदलवाए जाएंगे।
- आंबेडकर बस्ती को हटाने के लिए कार्रवाई की जाएगी।
- रामजीलाल ने शहर को स्वच्छ बनाया, उनका नेतृत्व जरूरी। ट्रांसफर रद्द करवाने का प्रस्ताव पास।
- प्रत्येक वार्ड में विकेंद्रीत कंपोस्टिंग प्लांट बनेगा। वहीं, होगा गीले कचरे का निपटान।
- वार्ड 7 में जियो कंपनी ने केबल डालने के लिए गलियां उखाड़ दीं। कार्रवाई के लिए प्रस्ताव पास।
- सूर्य नगर सहित सभी वार्डों में अवैध कब्जे हटवाए जाएंगे।