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Hisar News: पाला जमने से सरसों के साथ सब्जी व फूलों की खेती को पहुंचा नुकसान
Tue, 07 Feb 2023 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Tue, 07 Feb 2023 12:41 AM IST
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अग्रोहा। जनवरी में पड़ी कड़ाके की ठंड व पाला जमने का असर अब फसलाें पर दिखने लगा है। क्षेत्र में सरसों के अलावा सब्जी व फल की खेती करने वाले किसान फसल का नुकसान देखकर परेशान हैं। किसान सभी फसलों की स्पेशल गिरदावरी कराकर मुआवजा की मांग कर रहे हैं। अग्रोहा ब्लॉक के लगभग हर गांव में सब्जी की खेती होती है। किराडा गांव में सबसे अधिक सब्जियों की खेती करने वाले किसान हैं। किसान बलदेव सिंह, वेद प्रकाश, भूपसिंह, प्रताप, लेखराम, रोहित, दलेल सिंह ने बताया कि पाला जमने से बैंगन, टमाटर की फसल पर करीब 90 प्रतिशत असर पड़ा है। किसानों ने बताया कि पाला पड़ने की वजह से गेंदा के फूल की खेती बर्बाद हो गई है। इसके अलावा बागवानी करने वाले किसान भी परेशान हैं। संवाद
बोले किसान
एक एकड़ में चपल कद्दू की फसल उगाई थी, लेकिन पिछले दिनों पाला जमने से लगभग पूरी फसल खराब हो गई है। प्रति एकड़ 30-35 हजार का खर्च कर चुके हैं। खराब हुई फसल की गिरदावरी करवाकर क्षतिपूर्ति कराई जानी चाहिए। - बलदेव सिंह सैनी
आधा एकड़ में चपल कद्दू की फसल उगाई थी। पाला जमने से 80-85 प्रतिशत फसल खराब चुकी है। अबकी बार अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन अत्यधिक सर्दी व पाला के चलते फसल खराब हो गई। हमारा काफी नुकसान हुआ है, सरकार को मदद करनी चाहिए। - दलेल सिंह सैनी
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पाला जमने से गेंदा के फूल के पौधे सूख गए। अब केवल नाममात्र के ही फूल बचे हैं। परम्परागत खेती छोड़कर पिछले चार वर्षों से गेंदे की खेती कर रहा हूं। फूल के साथ साथ सब्जी की फसल को भी नुकसान हुआ है। सरकार की तरफ से आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। - भूप सिंह सैनी
आधा एकड़ में चपल कद्दू की फसल उगाई थी। विशेषज्ञों से राय लेकर दुबारा पौधों में पानी, खाद दी है। इससे खर्चा काफी बढ़ गया है। पाला जमने से सब्जी का उत्पादन बहुत ज्यादा घट गया है। सरकार को किसानों को आर्थिक सहायता के रूप में मुआवजा देना चाहिए। - कौशल्या किराड़ा
अपने खेत में एक एकड़ में चपल कद्दू व बैंगन की खेती की थी। पाला जमने से पूरी फसल खराब हो गई। फरवरी में फल मिलने की उम्मीद थी, लेकिन पौधे ही सूख गए। सरकार की तरफ से भी कोई सहायता नहीं मिली। - रोहित उर्फ उम्मीद सैनी
जो किसान सब्जी की खेती या बागवानी करते हैं, उनको मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के तहत अपनी फसल का बीमा करवाना चाहिए। उनको प्राकृतिक आपदा से खराब हुई फसल का ब्योरा 72 घंटों के अंदर अपने उद्यान विकास खंड कार्यालय में देना चाहिए। इसके बाद गिरदावरी करवाई जाती है। - डॉ. पंकज उद्यान विकास अधिकारी अग्रोहा
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बोले किसान
एक एकड़ में चपल कद्दू की फसल उगाई थी, लेकिन पिछले दिनों पाला जमने से लगभग पूरी फसल खराब हो गई है। प्रति एकड़ 30-35 हजार का खर्च कर चुके हैं। खराब हुई फसल की गिरदावरी करवाकर क्षतिपूर्ति कराई जानी चाहिए। - बलदेव सिंह सैनी
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आधा एकड़ में चपल कद्दू की फसल उगाई थी। पाला जमने से 80-85 प्रतिशत फसल खराब चुकी है। अबकी बार अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन अत्यधिक सर्दी व पाला के चलते फसल खराब हो गई। हमारा काफी नुकसान हुआ है, सरकार को मदद करनी चाहिए। - दलेल सिंह सैनी
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पाला जमने से गेंदा के फूल के पौधे सूख गए। अब केवल नाममात्र के ही फूल बचे हैं। परम्परागत खेती छोड़कर पिछले चार वर्षों से गेंदे की खेती कर रहा हूं। फूल के साथ साथ सब्जी की फसल को भी नुकसान हुआ है। सरकार की तरफ से आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। - भूप सिंह सैनी
आधा एकड़ में चपल कद्दू की फसल उगाई थी। विशेषज्ञों से राय लेकर दुबारा पौधों में पानी, खाद दी है। इससे खर्चा काफी बढ़ गया है। पाला जमने से सब्जी का उत्पादन बहुत ज्यादा घट गया है। सरकार को किसानों को आर्थिक सहायता के रूप में मुआवजा देना चाहिए। - कौशल्या किराड़ा
अपने खेत में एक एकड़ में चपल कद्दू व बैंगन की खेती की थी। पाला जमने से पूरी फसल खराब हो गई। फरवरी में फल मिलने की उम्मीद थी, लेकिन पौधे ही सूख गए। सरकार की तरफ से भी कोई सहायता नहीं मिली। - रोहित उर्फ उम्मीद सैनी
जो किसान सब्जी की खेती या बागवानी करते हैं, उनको मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के तहत अपनी फसल का बीमा करवाना चाहिए। उनको प्राकृतिक आपदा से खराब हुई फसल का ब्योरा 72 घंटों के अंदर अपने उद्यान विकास खंड कार्यालय में देना चाहिए। इसके बाद गिरदावरी करवाई जाती है। - डॉ. पंकज उद्यान विकास अधिकारी अग्रोहा