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Hisar News: प्रभावी होगी व्यवस्था, परखी जाएगी बच्चों की दक्षता

Thu, 24 Sep 2026 12:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार Updated Thu, 24 Sep 2026 12:21 AM IST
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Monitoring system to be effective; children's proficiency to be assessed.
हिसार। निपुण हरियाणा मिशन के तहत स्कूलों में बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार के लिए निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाएगा। 60 दिन से अधिक समय से निरीक्षण से वंचित स्कूलों को प्राथमिकता के आधार पर कवर किया जाएगा।
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निरीक्षण अब केवल दस्तावेजों और व्यवस्थाओं की जांच तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि कक्षा में बच्चों की वास्तविक सीखने की स्थिति पर भी फोकस रहेगा। मॉनिटर कक्षा में 30 से 40 मिनट रुककर शिक्षक की शिक्षण प्रक्रिया, बच्चों की भागीदारी और उनकी समझ का आकलन करेंगे।
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निरीक्षण के दौरान यह देखा जाएगा कि पाठ पढ़ाए जाने के बाद बच्चे उसे कितना समझ पा रहे हैं और अपनी समझ किस तरह व्यक्त कर रहे हैं। उनकी गतिविधियों और जवाबों के आधार पर बुनियादी दक्षताओं को परखा जाएगा।
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अतिरिक्त अभ्यास और गतिविधियां कराने के निर्देश

प्राथमिक कक्षाओं में हिंदी और गणित की बुनियादी दक्षताओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान रहेगा। बच्चों की पढ़ने, लिखने, समझने और गणितीय अवधारणाओं से जुड़ी क्षमताओं का आकलन किया जाएगा। किसी दक्षता में कठिनाई वाले बच्चों की पहचान कर सुधारात्मक शिक्षण कराया जाएगा। शिक्षकों को बच्चों की जरूरत के अनुसार अतिरिक्त अभ्यास और गतिविधियां कराने के निर्देश दिए गए हैं।

डिजिटल संसाधनों और खेल आधारित गतिविधियों पर रहेगा जोर :

कक्षा शिक्षण में उपलब्ध डिजिटल संसाधनों के नियमित और प्रभावी उपयोग पर जोर रहेगा। तकनीकी संसाधनों के इस्तेमाल में आने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। वहीं, बालवाटिका और आंगनबाड़ी केंद्रों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर बच्चों को उम्र के अनुरूप खेल आधारित गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इससे भाषा, संख्या ज्ञान और सामाजिक व्यवहार जैसी शुरुआती क्षमताओं के विकास में मदद मिलेगी। अधिकारियों को शैक्षणिक गतिविधियों और बच्चों की प्रगति की जानकारी निर्धारित समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।


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बच्चों की दक्षताओं का नियमित विश्लेषण कर यह पता लगाया जाएगा कि उन्हें किस स्तर पर अधिक सहायता चाहिए। कमजोर दक्षताओं के आधार पर शिक्षण रणनीति में बदलाव होगा। बच्चों की प्रगति पर लगातार नजर रखी जाएगी ताकि सुधार कागजों तक सीमित न रहे और उसका असर कक्षा में दिखाई दे। -राकेश चराया, खंड शिक्षा अधिकारी।
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