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दुराचार पीड़ितों को पलायन से नहीं रोक सके
hisar, rape
Updated Thu, 17 Apr 2014 12:26 AM IST
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जिले के एक गांव में दो युवतियों के साथ हुए दुराचार और उसकी दो अन्य सहेलियों के साथ हुए छेड़छाड़ मामले में पीड़ित लड़कियां न्याय के लिए परिवार सहित लघु सचिवालय से दिल्ली कूच कर गई।
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बुधवार शाम साढ़े चार बजे हिसार से चलने वाली गोरखधाम एक्सप्रेस से ग्रामीण देर रात दिल्ली पहुंचे। लड़कियों सहित करीब 60 लोग दिल्ली पहुंचकर जंतर मंतर धरने पर बैठ गए।
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प्रशासन तमाम प्रयासों और आश्वासनों के बावजूद उन्हें पलायन करने से नहीं रोक सका। पीड़ितों का आरोप है कि इस मामले में गांव का सरपंच भी शामिल है, लेकिन प्रशासन उस पर कार्रवाई नहीं कर रहा और न ही आर्थिक मदद सहित पुनर्वास संबंधी मांगें ही मानी जा रही हैं।
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23 मार्च की इस वारदात के बाद 25 मार्च से पीड़ित परिवार गांव से पलायन कर हिसार के लघु सचिवालय में धरने पर बैठ गए थे।
पुलिस ने मामला दर्ज कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। पीड़ित परिवार ने इनके अलावा गांव के सरपंच सहित उसके परिवार के लोगों पर कार्रवाई की मांग की थी।
इसके अलावा सामाजिक संगठनों ने उन्हें 15-15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग रखी। पीड़ितों ने प्रशासन पर उनकी अनदेखी करने का आरोप लगाया।
14 अप्रैल को दलित संगठनों और भिवानी लोकसभा क्षेत्र के बसपा प्रत्याशी वेदपाल तंवर ने जिला प्रशासन को दो दिन के अंदर उनकी मांगें माने जाने का अल्टीमेटम दिया था।
मामले को लेकर उन्होंने जिला उपायुक्त को ज्ञापन भी सौंपा। उन्होंने दो दिन का अल्टीमेटम दिया था कि उनकी मांगें नहीं मानी जाती तो वे यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास का घेराव करेंगे।
इसी के चलते बुधवार को वेदपाल तंवर और विरेंद्र बागोरिया के नेतृत्व में पीड़ित लड़कियां परिजनों और गांव के दर्जनों परिवार सहित दिल्ली कूच कर गई।
वेदपाल तंवर ने कहा कि पीड़ित परिवार इस प्रकरण के सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई चाहता है। उनका आरोप है कि जिला प्रशासन इस मामले में निष्पक्षता नहीं दिखाते हुए आरोपी सरपंच सहित एक-दो अन्य आरोपियों को बचा रहा है। उन्होंने कहा कि वे अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास के घेराव के बारे में उन्होंने कहा कि उनका इरादा अटल है। जब भी यूपीए अध्यक्ष दिल्ली आएंगी, उनके आवास का घेराव किया जाएगा।
23 मार्च को चार सहेलियों का गांव के ही पांच युवकों ने अपहरण कर लिया। युवतियां 24 मार्च को बठिंडा रेलवे स्टेशन पर मिली।
लड़कियों ने युवकों पर नशीली वस्तु सुंघाकर दुराचार और छेड़छाड़ का आरोप लगाया। लड़कियों का मेडिकल करवाया गया, जिसमें दो नाबालिग और दो बालिग हैं।
मेडिकल में दो के साथ दुराचार की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन परिजनों का आरोप है कि इस मामले में सरपंच और उसके परिवार के लोग भी शामिल हैं।
ये हैं मांगें
- पीड़ित परिवारों को 15-15 लाख रुपये आर्थिक सहायता दी जाए
- मामले में शामिल गांव के सरपंच व अन्य आरोपियों पर भी कार्रवाई करें
- पीड़ित परिवार गांव नहीं जाएगा, उनके पुनर्वास के लिए शहर में प्रबंध करें
- प्रशासन जल्द कोर्ट में चालान पेश करे और मेडिकल रिपोर्ट पीड़ित पक्ष को भी दे
पीड़ित परिवार के सदस्यों ने बताया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती वे अनिश्चितकालीन धरने पर दिल्ली में ही बैठेंगे। ग्रामीणों ने सुबह से ही दिल्ली कूच के लिए तैयारी शुरू कर दी थी। 15 दिनों का राशन लेकर वे दिल्ली जंतर-मंतर पर देर रात पहुंच गए।
पुलिस पीआरओ हरीश भारद्वाज ने बताया कि एएसपी मनीषा चौधरी मामले की जांच कर रही है। उनके अनुसार, अपने बयान में सरपंच के खिलाफ पीड़ित लड़कियों ने कुछ नहीं लिखवाया है। इस मामले में सरपंच का संलग्न होना जांच में नहीं पाया गया है।