{"_id":"87f73eba5604384d41627fe535e5d31f","slug":"minor-cracks-water-in-crops","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुड़ियाखेड़ा माइनर में दरार, पंद्रह एकड़ में फसल में पानी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुड़ियाखेड़ा माइनर में दरार, पंद्रह एकड़ में फसल में पानी
नाथूसरी चौपटा (सिरसा)/ब्यूरो
Updated Fri, 20 Dec 2013 09:12 PM IST
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गांव निरबाण के पास वीरवार शाम को गुड़ियाखेड़ा माइनर में दरार आ गई। इससे करीब 15 एकड़ में नव अंकुरित गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। नहरी विभाग के अधिकारियों ने पानी के बहाव को पीछे से बंद करवाया। तब तक माइनर में करीब 40 फुट की दरार आ चुकी थी। पानी के बहाव में दो पेड़ भी गिर गए।
किसान धर्मपाल भांभू ने बताया कि वीरवार शाम को उसके खेत के पास माइनर की पटरी अचानक टूट गई। माइनर में आई दरार का कारण माइनर के किनारों पर लगाए गए पेड़ हैं। किसान धर्मपाल, विजय सिंह, जगदीश और कांशीराम ने बताया कि पेड़ की जड़ें माइनर की तह तक आई हुई हैं जिसके कारण माइनर में अचानक दरार आ गई।
किसान धर्मपाल ने बताया कि माइनर टूटने से उसकी आठ एकड़ में बीजी गेहूं की फसल पानी में डूब गई है इसके अलावा किसान विजय सिंह, जगदीश और काशीराम की गेहूं की फसल भी जलमग्न हो गई है। नहरी विभाग के कनिष्ठ अभियंता हंसराज बैनीवाल ने बताया कि नहर के किनारे पर पेड़ लगे हुए हैं जिनकी जड़ें माइनर की तह तक आई हुई है। इस कारण माइनर से पानी लीक होने लग गया था, जिसके बाद उसमें दरार आ गई थी।
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उन्होंने कहा कि सूचना मिलते ही उन्होंने पीछे से पानी के बहाव को बंद करवाकर शुक्रवार सुबह पटरी को पाटने का कार्य शुरू करवा दिया है।
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किसान धर्मपाल भांभू ने बताया कि वीरवार शाम को उसके खेत के पास माइनर की पटरी अचानक टूट गई। माइनर में आई दरार का कारण माइनर के किनारों पर लगाए गए पेड़ हैं। किसान धर्मपाल, विजय सिंह, जगदीश और कांशीराम ने बताया कि पेड़ की जड़ें माइनर की तह तक आई हुई हैं जिसके कारण माइनर में अचानक दरार आ गई।
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किसान धर्मपाल ने बताया कि माइनर टूटने से उसकी आठ एकड़ में बीजी गेहूं की फसल पानी में डूब गई है इसके अलावा किसान विजय सिंह, जगदीश और काशीराम की गेहूं की फसल भी जलमग्न हो गई है। नहरी विभाग के कनिष्ठ अभियंता हंसराज बैनीवाल ने बताया कि नहर के किनारे पर पेड़ लगे हुए हैं जिनकी जड़ें माइनर की तह तक आई हुई है। इस कारण माइनर से पानी लीक होने लग गया था, जिसके बाद उसमें दरार आ गई थी।
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उन्होंने कहा कि सूचना मिलते ही उन्होंने पीछे से पानी के बहाव को बंद करवाकर शुक्रवार सुबह पटरी को पाटने का कार्य शुरू करवा दिया है।