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मंत्री के आदेश : एक सप्ताह बाद गड्ढा दिखा तो संबंधित अधिकारी पर होगी कार्रवाई
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हिसार लघु सचिवालय स्थित सभागार में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉक्टर कमल गुप्ता बैठक अधिकारियों
- फोटो : Hisar
हिसार। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने निगम अधिकारियों से पूछा कि शहर में निगम की कितने किलोमीटर लंबी सड़कें हैं। निगम के चीफ इंजीनियर रामजीलाल ने कहा कि 620 किलोमीटर लंबी सड़कें हैं। निगम के कार्यकारी अभियंता संदीप धुंधवाल ने कहा कि 2000 किलोमीटर लंबी सड़कें निगम के दायरे में हैं। दोनों अधिकारियों के जवाब में बहुत अधिक अंतर सुनकर मंत्री डॉ. गुप्ता ने कहा चीफ साहब आपका जवाब पुअर है। आपसे इस जवाब की उम्मीद नहीं थी। मंत्री ने कहा कि किसी भी सड़क पर एक सप्ताह से अधिक समय तक गड्ढा दिखा तो संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई होगी।
सुरक्षित शहर-स्वच्छ शहर की अवधारणा को मूर्त रूप देने की दिशा में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने शुक्रवार को स्थानीय लघु सचिवालय परिसर स्थित जिला सभागार में सभी विभागाध्यक्षों की बैठक ली। डॉ. कमल गुप्ता ने कहा कि लोक निर्माण विभाग (भवन व मार्ग शाखा), मार्केंटिंग बोर्ड तथा निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली शहर की सभी सड़कों की मरम्मत संबंधी कार्य 7 दिन में पूरा करें। यदि 7 दिनों के बाद सड़कों पर गड्ढों की मरम्मत नहीं की गई तो जिम्मेदार अधिकारी पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। ट्रैफिक लाइटें, साइन बोर्ड तथा पार्कों का बेहतर प्रबंधन किया जाए। बरसात बंद होने के एक घंटे के बाद नगर में जलभराव नहीं होना चाहिए।
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अंडर ग्राउंड हों बिजली के तार....
बिजली निगम के अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि शहर से ओपन वायर, तारों का जंजाल, लटकते तारों को हटाया जाए। आधुनिक तकनीक से व्यवस्था बनाएं। भूमिगत तार डालने और मोटी केबल लगाने के प्रोजेक्ट पर काम करें।
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20 लाख के प्लाट पर 1 लाख विकास शुल्क देने में क्या दिक्कत...
डॉ. कमल गुप्ता ने कहा विकास शुल्क का लेटर पुराना था, जिसे लेकर हाहाकार मचा हुआ है। डिफरेंस लेने का कोई इरादा नहीं था। कुछ लोगों ने पूरी गड़बड़ की। मेंटेनेंस पर कुछ नहीं देना। अगर पूरा मकान तोड़कर बनाएगा तो ही विकास शुल्क देना होगा। लोग विकास शुल्क नहीं देंगे तो विकास कार्य कैसे होंगे। 20 लाख का प्लाट खरीदने वाले को एक लाख टैक्स देने में दिक्कत नहीं होनी चाहिए। सक्षम लोगों को टैक्स देना चाहिए। इसी से तो गरीब लोगों का उत्थान होगा।
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ट्रैफिक लाइट खराब नहीं होनी चाहिए...
डॉ. कमल गुप्ता ने बाजारों में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने और पार्किंग व्यवस्था बेहतर करने के निर्देश दिए। सभी जगह जरूरत के अनुसार दिशा सूचक, साइन बोर्ड लगाएं। कोई भी ट्रैफिक लाइट खराब नहीं रहनी चाहिए। एक अधिकारी नियमित इसकी निगरानी करे।
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मोबाइल में नंबर सेव करें....
मंत्री ने निर्देश दिए कि अधिकारी जिले के सभी सातों विधायकों, विधायक चुनाव में दूसरे व तीसरे स्थान पर रहे जनप्रतिनिधियों के मोबाइल नंबर अपने मोबाइल में सेव करें। ऐसे लोगों के फोन की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। अगर कॉल नहीं उठा सकें तो वापस फोन करें।
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कार्यालयों में लगे स्वागत बोर्ड...
शहरी निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने कहा कि कार्यालय में वेलकम बोर्ड होने चाहिएं। स्वच्छता, हरियाली पर फोकस करें। किसी आम जन को इंतजार करना हो तो वेटिंग रूम में अच्छी कुर्सी होनी चाहिए। सभी सार्वजनिक स्थलों का रख-रखाव बेहतर हो।
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दस प्रतिशत गलती भी हो तो हाहाकार नहीं मचाना चाहिए...
डॉ. कमल गुप्ता ने कहा कि पहले पूरे प्रदेश में 30 लाख प्रॉपर्टी का रिकॉर्ड था, जिसमें दस लाख का नाम, पता नहीं था। केवल 20 लाख प्रॉपर्टी पर ही टैक्स ले पा रहे थे। हमने सर्वे कराया तो यह संख्या 42 लाख पहुंची। दस प्रतिशत गलत भी हो जाए तो हाहाकार नहीं मचाना चाहिए।
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इस मौके पर मेयर गौतम सरदाना, डीसी प्रियंका सोनी, निगम आयुक्त अशोक गर्ग, एडीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल, आरटीए सुनील कुमार, एसडीएम अश्वीर नैन, बरवाला के एसडीएम राजेंद्र कुमार, नारनौंद के एसडीएम विकास यादव, हांसी के एसडीएम डॉ. जितेंद्र सिंह अहलावत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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अधिकारियों ने बताई समस्याएं...
बहुतकनीकि संस्थान के प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार ने सर्विस लेन और रोडवेज बसों की समस्या रखी। राजकीय महाविद्यालय प्राचार्य ने कॉलेज परिसर की सीवर की समस्या उठाई। जिला उद्यान अधिकारी ने कार्यालय की दीवार पर लोगों द्वारा पेशाबकरने की समस्या रखी। उद्योग विभाग के संयुक्त आयुक्त ने सेक्टर 27-28 की सीवर की समस्या रखी।
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सुरक्षित शहर-स्वच्छ शहर की अवधारणा को मूर्त रूप देने की दिशा में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने शुक्रवार को स्थानीय लघु सचिवालय परिसर स्थित जिला सभागार में सभी विभागाध्यक्षों की बैठक ली। डॉ. कमल गुप्ता ने कहा कि लोक निर्माण विभाग (भवन व मार्ग शाखा), मार्केंटिंग बोर्ड तथा निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली शहर की सभी सड़कों की मरम्मत संबंधी कार्य 7 दिन में पूरा करें। यदि 7 दिनों के बाद सड़कों पर गड्ढों की मरम्मत नहीं की गई तो जिम्मेदार अधिकारी पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। ट्रैफिक लाइटें, साइन बोर्ड तथा पार्कों का बेहतर प्रबंधन किया जाए। बरसात बंद होने के एक घंटे के बाद नगर में जलभराव नहीं होना चाहिए।
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अंडर ग्राउंड हों बिजली के तार....
बिजली निगम के अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि शहर से ओपन वायर, तारों का जंजाल, लटकते तारों को हटाया जाए। आधुनिक तकनीक से व्यवस्था बनाएं। भूमिगत तार डालने और मोटी केबल लगाने के प्रोजेक्ट पर काम करें।
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20 लाख के प्लाट पर 1 लाख विकास शुल्क देने में क्या दिक्कत...
डॉ. कमल गुप्ता ने कहा विकास शुल्क का लेटर पुराना था, जिसे लेकर हाहाकार मचा हुआ है। डिफरेंस लेने का कोई इरादा नहीं था। कुछ लोगों ने पूरी गड़बड़ की। मेंटेनेंस पर कुछ नहीं देना। अगर पूरा मकान तोड़कर बनाएगा तो ही विकास शुल्क देना होगा। लोग विकास शुल्क नहीं देंगे तो विकास कार्य कैसे होंगे। 20 लाख का प्लाट खरीदने वाले को एक लाख टैक्स देने में दिक्कत नहीं होनी चाहिए। सक्षम लोगों को टैक्स देना चाहिए। इसी से तो गरीब लोगों का उत्थान होगा।
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ट्रैफिक लाइट खराब नहीं होनी चाहिए...
डॉ. कमल गुप्ता ने बाजारों में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने और पार्किंग व्यवस्था बेहतर करने के निर्देश दिए। सभी जगह जरूरत के अनुसार दिशा सूचक, साइन बोर्ड लगाएं। कोई भी ट्रैफिक लाइट खराब नहीं रहनी चाहिए। एक अधिकारी नियमित इसकी निगरानी करे।
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मोबाइल में नंबर सेव करें....
मंत्री ने निर्देश दिए कि अधिकारी जिले के सभी सातों विधायकों, विधायक चुनाव में दूसरे व तीसरे स्थान पर रहे जनप्रतिनिधियों के मोबाइल नंबर अपने मोबाइल में सेव करें। ऐसे लोगों के फोन की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। अगर कॉल नहीं उठा सकें तो वापस फोन करें।
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कार्यालयों में लगे स्वागत बोर्ड...
शहरी निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने कहा कि कार्यालय में वेलकम बोर्ड होने चाहिएं। स्वच्छता, हरियाली पर फोकस करें। किसी आम जन को इंतजार करना हो तो वेटिंग रूम में अच्छी कुर्सी होनी चाहिए। सभी सार्वजनिक स्थलों का रख-रखाव बेहतर हो।
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दस प्रतिशत गलती भी हो तो हाहाकार नहीं मचाना चाहिए...
डॉ. कमल गुप्ता ने कहा कि पहले पूरे प्रदेश में 30 लाख प्रॉपर्टी का रिकॉर्ड था, जिसमें दस लाख का नाम, पता नहीं था। केवल 20 लाख प्रॉपर्टी पर ही टैक्स ले पा रहे थे। हमने सर्वे कराया तो यह संख्या 42 लाख पहुंची। दस प्रतिशत गलत भी हो जाए तो हाहाकार नहीं मचाना चाहिए।
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इस मौके पर मेयर गौतम सरदाना, डीसी प्रियंका सोनी, निगम आयुक्त अशोक गर्ग, एडीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल, आरटीए सुनील कुमार, एसडीएम अश्वीर नैन, बरवाला के एसडीएम राजेंद्र कुमार, नारनौंद के एसडीएम विकास यादव, हांसी के एसडीएम डॉ. जितेंद्र सिंह अहलावत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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अधिकारियों ने बताई समस्याएं...
बहुतकनीकि संस्थान के प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार ने सर्विस लेन और रोडवेज बसों की समस्या रखी। राजकीय महाविद्यालय प्राचार्य ने कॉलेज परिसर की सीवर की समस्या उठाई। जिला उद्यान अधिकारी ने कार्यालय की दीवार पर लोगों द्वारा पेशाबकरने की समस्या रखी। उद्योग विभाग के संयुक्त आयुक्त ने सेक्टर 27-28 की सीवर की समस्या रखी।