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बालसमंद में मिलिट्री एरिया के लिए फिजिकल सर्वे शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
Updated Thu, 19 May 2016 01:52 AM IST
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बालसमंद में मिलिट्री एरिया के लिए फिजिकल सर्वे शुरू
- फोटो : bureau
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राजस्थान बॉर्डर पर गांव बालसमंद में मिलिट्री एरिया के लिए फिजिकल सर्वे शुरू हो गया है। राजस्व विभाग से रिपोर्ट लेकर सेना की इंजीनियरिंग विंग की एक टीम मौके से रिपोर्ट तैयार कर रही है। इसमें जमीन की पैमाइश के अलावा पेड़ों की संख्या की गिनती की जा रही है।
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बालसमंद में आर्मी एरिया बनाने को लेकर कवायद शुरू हो गई है। राजस्व विभाग के तीन पटवारी पिछले चार दिन से गांव का सर्वे कर रहे हैं। मौके पर खडे़ पेड़ों को गिना जा रहा है। हर एक पेड़ को नंबर दिया जा रहा है। यहां कुएं, जोहड़, तालाब, प्राकृतिक जल स्रोत की जानकारी को रिकॉर्ड किया जा रहा है।
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पटवारी रामधारी, राजकुमार, महान सिंह विभाग की ओर से सेना की टीम का सहयोग कर रहे हैं। पटवारी कंवर सिंह ने बताया कि यह राजस्थान बॉर्डर पर हरियाणा का अंतिम गांव है। ऐसे में इस गांव का काफी महत्व है। यहां मिलिट्री एरिया स्थापित होने से मिलिट्री को यहां से राजस्थान की ओर जाना काफी आसान होगा। गांव में जमीन अधिग्रहण के लिए जल्द ही सेक्शन चार जारी हो सकता है।
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सेना को चाहिए 1516 एकड़
सेना के लिए गांव के बाहरी हिस्से में करीब 1516 एकड़ जमीन को चिह्नित किया गया है, जिसमें अधिकतर जमीन रेतीली है। इसमें उपज भी काफी कम होती है। यहां खेती के लिए पानी का प्रबंध भी नहीं है। राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में इसे बरानी एरिया दिखाया गया है।
नए सर्कल रेट से हुआ नुकसान
गांव के सर्कल रेट की प्रति भी सेना के अधिकारियों को दी गई है। पहले गांव में 10 से 12 लाख रुपये तक का सर्कल रेट था। अब यहां एक सर्कल रेट 9 से 10 लाख रुपये तक रह गए हैं। ऐसे में किसानों को मुआवजा कम मिलेगा। नए सर्कल रेट आने से किसानों को प्रति एकड़ दो से तीन लाख तक का नुकसान होगा।
सेना को भेजी थी डिटेल
राजस्व विभाग की ओर से इस जमीन का ब्योरा लंबे समय पहले ही सेना को भेज दिया गया था। हिसार-रभादरा मार्ग पर नहरी, ताल, रेतीली जमीन का अलग-अलग ब्योरा भेजा गया है। इस एरिया के बारे में वन विभाग, पीडब्ल्यूडी से भी ब्योरा मांगा गया था, जिसमें खसरा नंबर, जमाबंदी के अलावा सर्कल रेट, बाजार के रेट की जानकारी भी दी जा चुकी है।
मिलेट्री एरिया बनने से होगा विकास
गांव के करीब 60 से अधिक किसान शपथ पत्र दे चुके हैं। गांव के पास मिलिट्री एरिया स्थापित होने से यहां विकास की संभावना है, जिससे उत्साहित ग्रामीण जमीन का अधिग्रहण कराना चाहते हैं। किसानों की ओर से अब तक इस बारे में कोई आपत्ति नहीं दी गई।
गांव में सर्वे कराया जा रहा है। विभाग के तीन पटवारी सेना की टीम के साथ मौके की रिपोर्ट तैयार करा रहे हैैं। हम पूरी रिपोर्ट बनाकर अधिकारियों को भेज देंगे। आगे की कार्यवाही विभाग की ओर से की जाएगी।
- जगरूप सिंह, नायब तहसीलदार, बालसमंद