फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   Mega PTM: Parents said - low marks coming of children

मेगा पीटीएम : अभिभावक बोले - बच्चों के आ रहे कम अंक

Tue, 18 Feb 2020 12:51 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 18 Feb 2020 12:51 AM IST
विज्ञापन
Mega PTM: Parents said - low marks coming of children
सोमवार को स्कूलों में हुई मेगा पीटीएम (पेरेंट्स-टीचर मीटिंग) में बच्चों के खराब रिजल्ट को लेकर अभिभावकों ने अपना रोष जाहिर किया। वहीं स्कूल मुखियाओं ने भी खराब रिजल्ट को लेकर अभिभावकों को ही जिम्मेदार ठहराया। इस दौरान अभिभावकों व स्टाफ सदस्यों में काफी बहसबाजी भी हुई।
विज्ञापन

गांव उकलाना के गवर्नमेंट हाई स्कूल में हुई पीटीएम में भी ऐसा ही कुछ देखने को मिला। मीटिंग में अभिभावक बोले कि हम तो पढ़े-लिखे नहीं हैं और हमने तो अपने बच्चे स्टाफ के भरोसे छोड़े हुए हैं। वहीं शिक्षकों का कहना था कि गांव के प्रतिभाशाली बच्चे तो पास के आरोही स्कूल में चले जाते हैं और हमारे पास कमजोर बच्चे ही आते हैं तो ऐसे में बढ़िया रिजल्ट कैसे आएगा। बता दें कि पिछले वर्ष बोर्ड परीक्षाओं में रिजल्ट 18.10 प्रतिशत रहा था। इससे पहले सोमवार को स्कूल में जैसे ही पीटीएम शुरू हुई तो अभिभावकों ने अपने बच्चों के कम अंक आने की शिकायतें करनी शुरू कर दीं। इस बीच एक महिला बोली कि उसके बेटे के कम अंक आए हैं। इस पर स्कूल मुखिया योगेश सिंह ने कहा कि आपका बड़ा बेटा जो इंटेलीजेंट है तो उसका दाखिला तो आरोही स्कूल में करवा रखा है और जो कमजोर है, उसे इस स्कूल में पढ़ा रहे हो। यह स्कूल में आता भी कम है। ऐसे में इसका अच्छा रिजल्ट कैसे आएगा। मीटिंग में ज्यादातर अभिभावकों ने कहा कि हम किसान हैं व मजदूरी करते हैं। हम बच्चों को टाइम नहीं दे पाते, बच्चों का भविष्य स्कूल स्टाफ के भरोसे है। इस पर स्कूल मुखिया का कहना था कि इन बच्चों की स्कूल में हाजिरी सिर्फ 50 प्रतिशत है। इसके लिए आप ही जिम्मेदार हों। तुम इन्हें अपने साथ खेतों में ले जाते हों। अब ये स्कूल ही नहीं आएंगे तो पढ़ाई कैसे करेंगे। इस मौके पर मास्टर राजबीर सिंह, रमेश, मोनिका कालड़ा, सुशीला, संदीप, रतन सिंह, सुभाष, रामफल, जयकिशन आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

स्कूल में बच्चों की हाजिरी बहुत ही कम है। बच्चे रोजाना न आने के कारण पूरी पढ़ाई नहीं कर पाते। इसलिए रिजल्ट कम आया है। अभिभावकों को बार-बार कहने पर स्कूल नहीं भेजते। बच्चों के कई बार नाम भी काटे जा चुके हैं। घर वाले आकर फिर से नाम लिखवा जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

- योगेश सिंह, कार्यकारी मुख्य शिक्षक, जीएचएस उकलाना
अभिभावकों के साथ परीक्षाओं के परिणाम पर चर्चा
बरवाला। गांव भैणी बादशाहपुर के राजकीय उच्च विद्यालय में सोमवार को पीटीएम का आयोजन किया गया। इस मौके पर अभिभावकों के साथ सत्र 2019-20 में होने वाली परीक्षाओं के परिणामों पर चर्चा की और विद्यार्थियों के कमजोर क्षेत्र की पहचान कर उन्हें सकारात्मक रूप से प्रेरित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्याध्यापक दर्शन सिंह, ईश्वर सिंह, सुरेश कुमार, राजकुमार व नवीन कुमार, सरपंच राधेश्याम आदि उपस्थित रहे।

सोशल मीडिया की तरफ बढ़ रहा बच्चों का रुझान
शिक्षकों से किताबी ज्ञान के साथ संस्कार देने का भी आह्वान
सिवानी मंडी। सभी राजकीय स्कूलों में सोमवार को मेगा पीटीएम का आयोजन किया गया। इस दौरान अभिभावकों ने स्कूल में अपने बच्चों की प्रगति रिपोर्ट हासिल की और विद्यालय प्रशासन के साथ बैठक में शिक्षा के क्षेत्र में सुधार को लेकर सुझाव भी पेश किए गए। गांव खेड़ा स्थित राजकीय आरोही मॉडल स्कूल में प्रिंसिपल संजय मिश्रा और कालोद स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में प्रिंसिपल पुष्कर दत्त ने अभिभावकों के साथ शिक्षा में सुधार को लेकर चर्चा की। अभिभावकों ने इस दौरान बच्चों में किताबी ज्ञान के साथ संस्कार और नकल रहित परीक्षाओं के प्रति बच्चों को जागरूक करने के सुझाव दिए। अभिभावकों का कहना था कि बच्चों में आजकल संस्कार कम होते जा रहे हैं और उनका रुझान समाज के बजाय सोशल मीडिया की तरफ अधिक बढ़ रहा है। अभिभावकों ने कहा कि लोगों में सरकारी स्कूलों के प्रति बढ़ती नकारात्मक की धारणा को भी बदला जाए, ताकि लोग निजी की बजाय सरकारी स्कूलों में दाखिलों की सोचें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed