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Hisar News: मामा ने गला दबा की हत्या, फिर भांजे का शव माइनर में फेंका
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हिसार। किरमारा गांव के रहने वाले कुलदीप ने अपने ही भांजे भट्टू निवासी धर्मपाल को 23 जुलाई को काम के बहाने आदमपुर बुलाया। फिर दोनों ने देर शाम पनिहार चक गांव के पास माइनर के नजदीक शराब पी। इसके बाद कुलदीप ने गला दबाकर धर्मपाल की हत्या कर दी और शव माइनर में फेंक दिया। वारदात का खुलासा खुद आरोपी ने 11 दिन बाद दो अगस्त को अपनी बहन के सामने अपना जुर्म कबूल दिया। इसके बाद आजाद नगर थाना पुलिस ने मृतक के पिता सुभाष की शिकायत पर कुलदीप के खिलाफ हत्या व शव को खुर्द-बुर्द करने का केस दर्ज किया है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही हत्या के कारण का खुलासा हो सकेगा।
फतेहाबाद जिला के भट्टू कलां निवासी सुभाष ने पुलिस में दी गई शिकायत में बताया कि उसका बड़ा बेटा धर्मपाल अविवाहिता था। किरमारा गांव निवासी कुलदीप पांच साल से उसके पास रहता था। 23 जुलाई की दोपहर को बेटे धर्मपाल के साथ खेत में काम कर रहा था। इसी दौरान साले कुलदीप का मोबाइल फोन पर कॉल आई। उसने भांजे धर्मपाल से बात करवाने की बात कही। फोन पर बात करने के बाद बेटे ने बताया कि मामा ने नौकरी दिलाने के लिए आमदपुर बुलाया है। 700 रुपये मजदूरी और खाना मिलेगा। इसके बाद बेटा मामा के पास आदमपुर चला गया। अगले दिन साला कुलदीप घर पर आया लेकिन धर्मपाल साथ नहीं था। जब इस बारे में कुलदीप से पूछा तो उसने कहा कि धर्मपाल के बारे में मुझे कुछ नहीं पता। बाद में अपने स्तर पर बेटे की कई जगह तलाश की लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। 2 अगस्त को आरोपी कुलदीप ने अपनी बहन को बताया कि वह भांजे को पनिहार चक गांव के पास माइनर पर लेकर गया था, फिर दोनों ने शराब पी। इस दौरान उसने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और शव माइनर में फेंक दिया। अपना जुर्म कबूल करने के बाद आरोपी फरार हो गया। इसके बाद वे आजाद नगर थाने पहुंचे और शव की फोटो देखकर बेटे की शिनाख्त की। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है।
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फतेहाबाद जिला के भट्टू कलां निवासी सुभाष ने पुलिस में दी गई शिकायत में बताया कि उसका बड़ा बेटा धर्मपाल अविवाहिता था। किरमारा गांव निवासी कुलदीप पांच साल से उसके पास रहता था। 23 जुलाई की दोपहर को बेटे धर्मपाल के साथ खेत में काम कर रहा था। इसी दौरान साले कुलदीप का मोबाइल फोन पर कॉल आई। उसने भांजे धर्मपाल से बात करवाने की बात कही। फोन पर बात करने के बाद बेटे ने बताया कि मामा ने नौकरी दिलाने के लिए आमदपुर बुलाया है। 700 रुपये मजदूरी और खाना मिलेगा। इसके बाद बेटा मामा के पास आदमपुर चला गया। अगले दिन साला कुलदीप घर पर आया लेकिन धर्मपाल साथ नहीं था। जब इस बारे में कुलदीप से पूछा तो उसने कहा कि धर्मपाल के बारे में मुझे कुछ नहीं पता। बाद में अपने स्तर पर बेटे की कई जगह तलाश की लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। 2 अगस्त को आरोपी कुलदीप ने अपनी बहन को बताया कि वह भांजे को पनिहार चक गांव के पास माइनर पर लेकर गया था, फिर दोनों ने शराब पी। इस दौरान उसने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और शव माइनर में फेंक दिया। अपना जुर्म कबूल करने के बाद आरोपी फरार हो गया। इसके बाद वे आजाद नगर थाने पहुंचे और शव की फोटो देखकर बेटे की शिनाख्त की। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है।
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