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Hisar News: संशोधित सदस्यता सूची और श्री रामलीला कमेटी कटला के पारदर्शी चुनाव के लिए प्रशासक को लिखा पत्र
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प्रशासक को पत्र सौंपते सत्यपाल अग्रवाल।
हिसार। श्री रामलीला कमेटी कटला के पूर्व एडहॉक कमेटी सदस्य सत्यपाल अग्रवाल ने बुधवार को प्रशासक एनके गोयल को पत्र लिखकर कमेटी की चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी अहम बातों को संज्ञान में लेने का आग्रह किया है। उन्हाेंने संशोधित सदस्यता सूची और पारदर्शी चुनाव कराने की मांग की।
पत्र में उन्होंने बताया कि जिला रजिस्ट्रार फॉर्म्स एंड सोसायटी द्वारा गठित एडहॉक कमेटी के कार्यकाल के दौरान कुछ सदस्यों से प्राप्त पत्रों व बातचीत के माध्यम से यह जानकारी मिली कि वर्तमान में कुल 1125 वैध आजीवन सदस्य हैं। केवल वार्षिक अंशदान न देने से सदस्यता समाप्त नहीं होती, बल्कि ऐसे सदस्य 30 सितंबर 2024 तक निलंबित रहेंगे और 1 अक्तूबर 2024 से 31 मार्च 2025 तक चुनाव में मतदान के पात्र नहीं होंगे, हालांकि उनकी आजीवन सदस्यता यथावत बनी रहेगी।
सदस्यों का कहना है कि जब तक मृतक सदस्यों के नाम वैधानिक प्रक्रिया से सूची से नहीं हटाए जाते, तब तक उनकी संख्या कम नहीं की जा सकती। इस आधार पर संशोधित आजीवन सदस्यता सूची बनाए जाने की मांग की गई है। अग्रवाल ने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि 2 जून 2024 को बनी सदस्यता सूची को लेकर कुछ सदस्यों ने असहमति जताई है। उनके अनुसार हस्ताक्षर गुड फेथ में लिए गए थे, और बाद में कार्यवाही जोड़ी गई।
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कई सदस्यों का सुझाव है कि 1 अप्रैल 2025 से नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ चुनाव प्रक्रिया को नए सिरे से शुरू किया जाए। इसके अलावा, यदि आजीवन सदस्य 1000 से अधिक हों, तो संविधान के अनुसार कॉलेजियम आधारित चुनाव कराने की बात कही गई है। उन्होंने मांग की है कि सभी सदस्यों को सार्वजनिक सूचना के माध्यम से बकाया अंशदान जमा कराने का अवसर दिया जाए। सत्यपाल अग्रवाल ने प्रशासक से आग्रह किया है कि संस्था के गौरवपूर्ण इतिहास को ध्यान में रखते हुए अधिकतम सदस्यों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए और एक वैध, निष्पक्ष तथा पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया अपनाई जाए।
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पत्र में उन्होंने बताया कि जिला रजिस्ट्रार फॉर्म्स एंड सोसायटी द्वारा गठित एडहॉक कमेटी के कार्यकाल के दौरान कुछ सदस्यों से प्राप्त पत्रों व बातचीत के माध्यम से यह जानकारी मिली कि वर्तमान में कुल 1125 वैध आजीवन सदस्य हैं। केवल वार्षिक अंशदान न देने से सदस्यता समाप्त नहीं होती, बल्कि ऐसे सदस्य 30 सितंबर 2024 तक निलंबित रहेंगे और 1 अक्तूबर 2024 से 31 मार्च 2025 तक चुनाव में मतदान के पात्र नहीं होंगे, हालांकि उनकी आजीवन सदस्यता यथावत बनी रहेगी।
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सदस्यों का कहना है कि जब तक मृतक सदस्यों के नाम वैधानिक प्रक्रिया से सूची से नहीं हटाए जाते, तब तक उनकी संख्या कम नहीं की जा सकती। इस आधार पर संशोधित आजीवन सदस्यता सूची बनाए जाने की मांग की गई है। अग्रवाल ने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि 2 जून 2024 को बनी सदस्यता सूची को लेकर कुछ सदस्यों ने असहमति जताई है। उनके अनुसार हस्ताक्षर गुड फेथ में लिए गए थे, और बाद में कार्यवाही जोड़ी गई।
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कई सदस्यों का सुझाव है कि 1 अप्रैल 2025 से नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ चुनाव प्रक्रिया को नए सिरे से शुरू किया जाए। इसके अलावा, यदि आजीवन सदस्य 1000 से अधिक हों, तो संविधान के अनुसार कॉलेजियम आधारित चुनाव कराने की बात कही गई है। उन्होंने मांग की है कि सभी सदस्यों को सार्वजनिक सूचना के माध्यम से बकाया अंशदान जमा कराने का अवसर दिया जाए। सत्यपाल अग्रवाल ने प्रशासक से आग्रह किया है कि संस्था के गौरवपूर्ण इतिहास को ध्यान में रखते हुए अधिकतम सदस्यों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए और एक वैध, निष्पक्ष तथा पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया अपनाई जाए।