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लाठीचार्ज और भ्रष्टाचार मामला : पूर्व मंडलायुक्त रिपोर्ट लागू करने और कुलपति को हटाने की मांग

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 06 Jan 2026 12:25 AM IST
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Lathi charge and corruption case: Former divisional commissioner demands implementation of report and removal of vice-chancellor
हिसार। रियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) में छात्रों पर लाठीचार्ज, कर्मचारियों के उत्पीड़न और कथित भ्रष्टाचार के मामलों में एचएयू बचाओ संघर्ष समिति ने पूर्व मंडलायुक्त अशोक गर्ग की जांच रिपोर्ट को तुरंत लागू करने की मांग उठाई है। संघर्ष समिति ने सरकार से मांग की कि छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। यदि शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
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सोमवार को विश्वविद्यालय के गेट नंबर चार के सामने पत्रकारों से बातचीत में समिति के सदस्यों ने सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. अर्जुन सिंह राणा, हर्षदीप गिल और छात्र नेता मनोज सिवाच ने कहा कि डॉ. अशोक गर्ग की रिपोर्ट स्वतंत्र, निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित है। रिपोर्ट सौंपे जाने के एक माह बाद भी सरकार की ओर से किसी प्रकार की कार्रवाई न किया जाना चिंतनीयहै। वक्ताओं ने मांग की कि जब तक रिपोर्ट के आधार पर सभी विभागीय और आपराधिक कार्रवाई पूरी नहीं हो जाती तब तक विश्वविद्यालय के कुलपति को पद से हटाया जाए ताकि जांच प्रक्रिया निष्पक्ष रूप से पूरी हो सके।
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उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट में छात्रों पर किया गया लाठीचार्ज पूरी तरह अनावश्यक और अनुचित बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार मौके पर हालात ऐसे नहीं थे कि बल प्रयोग की आवश्यकता पड़ती इसके बावजूद छात्रों पर एफआईआर दर्ज की गई, जो आज भी उनके शैक्षणिक और व्यावसायिक भविष्य पर संकट बनकर लटकी हुई है।
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फाइल ट्रैकिंग सिस्टम एचएयू में लागू करने का सुझाव :
वक्ताओं ने बताया कि रिपोर्ट में कुलपति स्तर पर एक केंद्रीय ऑनलाइन शिकायत निवारण पोर्टल स्थापित करने की सिफारिश की गई है, जिससे छात्रों और कर्मचारियों की शिकायतों का समयबद्ध व पारदर्शी समाधान हो सके। इसके साथ ही हरियाणा सरकार में लागू फाइल ट्रैकिंग सिस्टम को एचएयू में लागू करने का सुझाव भी दिया गया है।
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