Haryana: कुलदीप बिश्नोई ने ट्वीट कर लिखा- कूनो नहीं भेजे गए हिरण और चीतल, ऐसे समाचार झूठे
चीतों के भोजन के लिए कूनो नेशनल पार्क में हिरण, चीतल छोड़ने की सूचना पर बिश्नोई समाज के लोगों ने विरोध जताया है। साथ ही आंदोलन की चेतावनी दी है। बिश्नोई समाज निरीह जीवों को बचाने के लिए आगे आया है।
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नामीबिया से लाए गए चीतों के भोजन के लिए राजस्थान के जंगलों से हिरण पकड़ कर मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में छोड़ने की सूचना पर अखिल भारतीय जीव रक्षा बिश्नोई महासभा की हिसार की जिला इकाई ने विरोध जताया। बिश्नोई समाज से जुड़े लोगों ने मंगलवार को लघु सचिवालय के गेट पर एकत्र होकर उपायुक्त के माध्यम से पीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने हिरणों को बचाने की अपील की। वहीं, पूर्व विधायक कुलदीप बिश्नोई ने ट्वीट कर कहा कि कूनों में राजस्थान से कोई हिरण व चीतल नहीं भेजा गया है। इस तरह के समाचार भ्रामक व झूठे हैं।
महासभा की जिला इकाई के अध्यक्ष एडवोकेट चंद्र बिश्नोई ने कहा कि सरकार ने इन आदेशों को तुरंत वापस नहीं लिया तो जीव प्रेमी समाज बड़ा आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगा। हिरण पृथ्वी पर विचरण करने वाले जंगली जीवों में सबसे ज्यादा निरीह व निर्दोष माना जाता है, इसकी छवि बड़ी मनमोहक होती है। बिश्नोई समाज की महिलाएं जरूरत पड़ने पर अपने बच्चे के हक का दूध भी इन्हें पिलाकर पालती हैं।
एक प्रजाति को पुन: संरक्षित करने के लिए दूसरी प्रजाति की हत्या करवाना सही नहीं है। इस अवसर पर अखिल भारतीय जीव रक्षा बिश्नोई महासभा सिवानी के अध्यक्ष धर्म सिंह, आदमपुर के प्रधान कृष्ण राहड़, बिश्नोई सभा हिसार के पूर्व प्रधान प्रदीप बैनीवाल, जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट मनदीप बिश्नोई, सरपंच कुलदीप डेलू, विनोद मलापुर, रामचंद्र बरड़, सीता राम सहारण, कृष्ण बैनीवाल, पाला राम करीर, भाजपा के जिला उपप्रधान कृष्ण बिश्नोई, एडवोकेट सुनील मौजूद रहे।
24 घंटे में कुलदीप बिश्नोई का दूसरा ट्वीट
24 घंटे में पूर्व विधायक कुलदीप बिश्नोई ने दूसरा ट्वीट किया। पहले ट्वीट में उन्होंने लिखा था कि चीतों के भोजन के लिए चीतल व हिरण भेजना निंदनीय है। मेरा केंद्र सरकार से अनुरोध है कि राजस्थान में लुप्त होने की कगार पर पहुंचे हिरणों की प्रजाति और बिश्नोई समाज की भावनाओं को देखते हुए इस मामले की जांच कराई जाए, अगर ऐसा है तो तुरंत इस पर रोक लगाई जाए।
अब उन्होंने लिखा कि मेरी केंद्र सरकार से बातचीत हो चुकी है। चीतों के लिए एक भी चीतल या हिरण नहीं भेजा गया है। इस तरह के समाचार भ्रामक व झूठे हैं। मेरा सभी से अनुरोध है कि इस तरह की बेबुनियाद बातों पर विश्वास न करें, जीव संरक्षण की दशा में केंद्र सरकार ने सराहनीय कार्य किए हैं।
भोपाल के प्रधान मुख्य वन संरक्षक जसबीर सिंह ने भी पुष्टि कर दी है कि किसी भी हिरण या चीतल को नहीं भेजा गया है। जसबीर सिंह ने सूचना दी कि राजस्थान से कोई चीतल या हिरण नहीं लाए गए। कूनो में ही 20 हजार चीतल मौजूद हैं।