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Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   Knife robbed in broad daylight, killing 23 million Transporters

ट्रांसपोर्टर को दिनदहाड़े चाकू मारकर 23 लाख लूटे

Mon, 14 Jul 2014 11:14 PM IST
hisar
hisar Updated Mon, 14 Jul 2014 11:14 PM IST
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शहर में व्यापारियों के साथ वारदात थमने का नाम नहीं ले रही है। रेड स्क्वेयर मार्केट में सोमवार को दिनदहाड़े अग्रवाल कॉलोनी निवासी ट्रांसपोर्टर से नकाबपोश लुटेरों ने चाकू मारकर 23 लाख रुपये लूट लिए। लुटेरे बाइक पर सवार होकर आए थे। वारदात रेड स्क्वेयर मार्केट स्थित आईसीआईसीआई बैंक के कुछ दूर आगे की है। मीडिया कर्मियों ने घायल को उपचार के लिए सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां से डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालात देखते हुए रेफर कर दिया।

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अग्रवाल कॉलोनी निवासी मनोज ट्रांसपोर्ट का कारोबार करते हैं। उनकी बालसमंद रोड पर ही मंगलमूर्ति के नाम से ट्रांसपोर्ट है। मनोज दोपहर करीब सवा एक बजे रेड स्क्वेयर मार्केट स्थित आईसीआईसीआई बैंक में चेक कैश करवाने के लिए आए हुए थे। बताया गया है कि उनके पास दो चेक आठ-आठ लाख के और दो चेक पांच-पांच लाख रुपये के थे। मनोज ने चेक कैश करवा लिए और बैंक में ही एक व्यक्ति को करीब तीन लाख रुपये की राशि दे दी।
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बाकी बची 23 लाख रुपये की राशि बैग में डाली और बैंक से कुछ ही दूरी पर खड़ी अपनी रिट्ज गाड़ी की तरफ जाने लगे। जैसे ही मनोज ने गाड़ी खोली इसी दौरान बाइक पर सवार दो नकाबपोश आए। उनमें से एक नकाबपोश नीचे उतरा और उसने मनोज की बायीं तरफ पेट में चाकू मार दिया। चाकू मारते ही मनोज के हाथ से बैग छूट गया और नकाबपोश बैग उठाकर बाइक पर सवार होकर फरार हो गए।
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 घायल मनोज को मीडियाकर्मियों ने उपचार के लिए सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां से उन्हें रेफर कर दिया। परिजनों ने उन्हें शहर के निजी अस्पताल में भर्ती करवा दिया। घटना की जानकारी मिलते ही सिटी थाना एसएचओ मुकेश, सीआईए स्टाफ व भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। लुटेरों को पकड़ने के लिए उन्होंने पूरे शहर में नाकाबंदी करवा दी। देर शाम को मनोज का निजी अस्पताल में ऑपरेशन करवाया गया। उनकी हालात नाजुक बनी हुई है।


घायल मनोज ने खुद किया अपराधियों का पीछा
मनोज ने घायल अवस्था में ही लुटेरों का पीछा करने की कोशिश की। ट्रांसपोर्टर ने एक बार तो गाड़ी में सवार होकर घायलावस्था में ही उनका पीछा किया। गाड़ी अनियंत्रित हो गई। अचानक गाड़ी की ताकी खुल गई और वह नीचे गिर गए। नीचे गिरते ही आसपास के कई लोग दौड़कर आए। उन्होंने यह समझकर उठाया कि ट्रांसपोर्टर को शायद चक्कर आ गया। जैसे ही उन्होंने उठाया तो पेट से खून बह रहा था।

खून देखकर पीछे हटे लोग
मदद के लिए आगे आए आसपास के लोगों ने मनोज को सड़क से तो उठा दिया, लेकिन अस्पताल में भर्ती नहीं करवाया। जिस स्थान पर वारदात हुई वहां कुलबीर नाम का एक व्यक्ति अपनी गाड़ी ठीक करवा रहा था। कुलबीर ने बताया कि उन्होंने व्यापारी को गाड़ी की पिछली सीट पर लेटा दिया। एकत्रित भीड़ एक दूसरे को कहती रही कि उसे कोई गाड़ी चलाकर अस्पताल लेकर चले जाओ। किसी की भी हिम्मत नहीं पड़ी।

दर्द से कराहते रहे, लेकिन नहीं दिखी इंसानियत
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि घायल मनोज दर्द से कराह रहा था। उसके मुंह से केवल यही आवाज निकल रही थी कि कोई उसे अस्पताल तक पहुंचा दो। गाड़ी स्टार्ट थी लेकिन कोई लेकर जाने वाला नहीं था। इसी दौरान भीड़ देखकर रास्ते से गुजर रहे दो मीडियाकर्मी मौके पर पहुंचे। उन्होंने भीड़ देखकर अपनी गाड़ी रोक ली। उन्होंने मामले के बारे में जानकारी ली और तुरंत स्टार्ट गाड़ी को सामान्य अस्पताल में पहुंचा दिया।


बिलख-बिलख कर रोने लगे माता-पिता
मामले की सूचना मीडियाकर्मियों ने ही मनोज के फोन से उनके परिजनों को दी। सामान्य अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती करवाए जाने बाद उनके पिता व मां पहुंची। बेटे की हालात देखते ही माता-पिता बिलख-बिलख कर रोने लगे। इमरजेंसी में खड़े लोगों ने उन्हें ढांढस बंधाया।

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