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दादा की राह पर चलकर केजरीवाल बुझाएंगे प्यास
सिवानी मंडी/प्रेम सारस्वत
Updated Sat, 28 Dec 2013 11:20 PM IST
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दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल अपने दादा की राह पर चलकर ही लोगों की प्यास बुझाने के महाअभियान में जुटेंगे।
उनके दादा मंगल चंद ने 1945 में उस समय खेड़ा गांव में अपने खर्चे पर कुआं खुदवाया था, जब वहां दूर-दूर तक पानी नहीं था। यहां से आसपास के कई गांवों के लोग पानी लेने के लिए आते थे। पानी की खपत बढ़ी तो अरविंद के पूर्वजों ने यहां एक हाईवोल्टेज की मोटर रखवा दी ताकि किसी को भी पानी के लिए लंबा इंतजार ना करना पड़े। दिल्ली में सिवानी के लाल अरविंद केजरीवाल ने ऐलान किया है कि वे 700 लीटर पानी प्रति परिवार को हररोज मुफ्त देंगे।
अरविंद के दादा मंगल चंद प्यास बुझाने के मिशन को आजादी से पहले ही पूरा कर चुके हैं। खेड़ा गांव की सरपंच भगवानी देवी ने बताया अरविंद के दादा मंगल चंद ने ही 1945 में यहां पर कुआं खुदवाकर पूरे गांव को पानी दिलाया था। पूर्व सरपंच दलजीत शर्मा और संजय खेड़ा ने बताया कि इस कुएं का पानी न केवल अकेले खेड़ा बल्कि गांव ढाणी बल्हारा, धीरजा, ढाणी दयाचंद, ढाणी मिरान, मिरान, बख्तावरपुरा आदि कई गांवों के लोगों की प्यास बुझाता था।
इस कुएं के निर्माण के बाद अरविंद के दादा मंगल चंद अपने परिवार के साथ सिवानी आ गए थे। इसके बावजूद इस कुएं की देखरेख यही परिवार करता था। मंगल चंद के निधन के बाद अरविंद के चाचा मुरारीलाल केजरीवाल सिवानी से पैदल चलकर कुएं के रखरखाव के लिए आते और घरों में टूंटियां टूटने पर उन्हें ठीक करने का काम करते थे। भले ही यह कुआं अब खंडहर के रूप में बदल गया है, लेकिन अरविंद के सीएम बनने के बाद उनके पूर्वजों की समाजसेवा की भावना का प्रत्यक्ष गवाह है।
केजरीवाल के दादा ने लिया था कांग्रेस के खिलाफ लोहा
सिवानी मंडी। करीब एक साल पहले आम आदमी पार्टी का गठन कर सियासत के गलियारों में कदम रखने वाले अरविंद केजरीवाल के दादा भी कांग्रेस से लोहा ले चुके हैं। वर्ष 1977 में कांग्रेस के दिग्गज नेता बंसीलाल को इस परिवार की वजह से ही हार का मुंह देखना पड़ा था। जनता पार्टी की भिवानी लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी चंद्रावती का सिवानी में केजरीवाल के दादा मंगलचंद ने ही कार्यालय खुलवाया था और उनके पक्ष में खुलकर प्रचार भी किया था। उस समय रिकार्ड तोड़ मतों से चंद्रावती की जीत भी हुई थी। दादा मंगल चंद की भिवानी जिले में सामाजिक कार्यों के चलते लोगों में अच्छी खासी पैठ थी। अरविंद के चाचा मुरारीलाल केजरीवाल बताते हैं कि 1977 में उस समय सिवानी में बंसीलाल के खिलाफ खड़ा होने में लोग कतराते थे। तब उनके पिता मंगल चंद ने सिवानी के पुरान बस स्टैंड पर रामचंद सारस्वत के भवन में बंसीलाल के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ रही जनता पार्टी की उम्मीदवार चंद्रावती का कार्यालय खुलवाया।
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उनके दादा मंगल चंद ने 1945 में उस समय खेड़ा गांव में अपने खर्चे पर कुआं खुदवाया था, जब वहां दूर-दूर तक पानी नहीं था। यहां से आसपास के कई गांवों के लोग पानी लेने के लिए आते थे। पानी की खपत बढ़ी तो अरविंद के पूर्वजों ने यहां एक हाईवोल्टेज की मोटर रखवा दी ताकि किसी को भी पानी के लिए लंबा इंतजार ना करना पड़े। दिल्ली में सिवानी के लाल अरविंद केजरीवाल ने ऐलान किया है कि वे 700 लीटर पानी प्रति परिवार को हररोज मुफ्त देंगे।
अरविंद के दादा मंगल चंद प्यास बुझाने के मिशन को आजादी से पहले ही पूरा कर चुके हैं। खेड़ा गांव की सरपंच भगवानी देवी ने बताया अरविंद के दादा मंगल चंद ने ही 1945 में यहां पर कुआं खुदवाकर पूरे गांव को पानी दिलाया था। पूर्व सरपंच दलजीत शर्मा और संजय खेड़ा ने बताया कि इस कुएं का पानी न केवल अकेले खेड़ा बल्कि गांव ढाणी बल्हारा, धीरजा, ढाणी दयाचंद, ढाणी मिरान, मिरान, बख्तावरपुरा आदि कई गांवों के लोगों की प्यास बुझाता था।
इस कुएं के निर्माण के बाद अरविंद के दादा मंगल चंद अपने परिवार के साथ सिवानी आ गए थे। इसके बावजूद इस कुएं की देखरेख यही परिवार करता था। मंगल चंद के निधन के बाद अरविंद के चाचा मुरारीलाल केजरीवाल सिवानी से पैदल चलकर कुएं के रखरखाव के लिए आते और घरों में टूंटियां टूटने पर उन्हें ठीक करने का काम करते थे। भले ही यह कुआं अब खंडहर के रूप में बदल गया है, लेकिन अरविंद के सीएम बनने के बाद उनके पूर्वजों की समाजसेवा की भावना का प्रत्यक्ष गवाह है।
केजरीवाल के दादा ने लिया था कांग्रेस के खिलाफ लोहा
सिवानी मंडी। करीब एक साल पहले आम आदमी पार्टी का गठन कर सियासत के गलियारों में कदम रखने वाले अरविंद केजरीवाल के दादा भी कांग्रेस से लोहा ले चुके हैं। वर्ष 1977 में कांग्रेस के दिग्गज नेता बंसीलाल को इस परिवार की वजह से ही हार का मुंह देखना पड़ा था। जनता पार्टी की भिवानी लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी चंद्रावती का सिवानी में केजरीवाल के दादा मंगलचंद ने ही कार्यालय खुलवाया था और उनके पक्ष में खुलकर प्रचार भी किया था। उस समय रिकार्ड तोड़ मतों से चंद्रावती की जीत भी हुई थी। दादा मंगल चंद की भिवानी जिले में सामाजिक कार्यों के चलते लोगों में अच्छी खासी पैठ थी। अरविंद के चाचा मुरारीलाल केजरीवाल बताते हैं कि 1977 में उस समय सिवानी में बंसीलाल के खिलाफ खड़ा होने में लोग कतराते थे। तब उनके पिता मंगल चंद ने सिवानी के पुरान बस स्टैंड पर रामचंद सारस्वत के भवन में बंसीलाल के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ रही जनता पार्टी की उम्मीदवार चंद्रावती का कार्यालय खुलवाया।