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जीजेयू प्रकरण : प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने निलंबित छात्रों को सुनवाई का दिया दूसरा मौका, 28 अप्रैल को पक्ष रखने नहीं पहुंचे तो लिया जाएगा फैसला
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हिसार। गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीजेयू) में 16 अप्रैल को हुए प्रदर्शन और तोड़फोड़ के मामले में निलंबित पांच छात्रों को प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने सुनवाई के लिए दूसरा मौका दिया है। बोर्ड की अगली बैठक 28 अप्रैल को होगी, जिसमें छात्र अपना पक्ष रख सकेंगे।
इनसो के सदस्य नितेश, परमीत, नवनीत, हरिकेश और अजय को नोटिस जारी कर 23 अप्रैल को जवाब देने के लिए बुलाया गया था। इनमें नितेश, परमीत और नवनीत ने बोर्ड के सामने अपना पक्ष रखा। हरिकेश और अजय ने बीमार होने का हवाला देते हुए उपस्थित होने में असमर्थता जताई। इसके बाद बोर्ड ने दोनों छात्रों को एक और अवसर देते हुए 28 अप्रैल को उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
प्रॉक्टर अनिल भानखड़ ने बताया कि दोनों निलंबित छात्रों को अपना पक्ष रखने के लिए दूसरा मौका दिया गया है। यदि वे 28 अप्रैल को भी उपस्थित नहीं होते हैं, तो बोर्ड उपलब्ध तथ्यों के आधार पर अगला निर्णय लेगा। उन्होंने बताया कि बोर्ड सदस्यों ने प्रदर्शन और तोड़फोड़ की वीडियो भी देखी हैं। विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार सभी पहलुओं पर विचार कर फैसला लिया जाएगा।
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इनसो के सदस्य नितेश, परमीत, नवनीत, हरिकेश और अजय को नोटिस जारी कर 23 अप्रैल को जवाब देने के लिए बुलाया गया था। इनमें नितेश, परमीत और नवनीत ने बोर्ड के सामने अपना पक्ष रखा। हरिकेश और अजय ने बीमार होने का हवाला देते हुए उपस्थित होने में असमर्थता जताई। इसके बाद बोर्ड ने दोनों छात्रों को एक और अवसर देते हुए 28 अप्रैल को उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
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प्रॉक्टर अनिल भानखड़ ने बताया कि दोनों निलंबित छात्रों को अपना पक्ष रखने के लिए दूसरा मौका दिया गया है। यदि वे 28 अप्रैल को भी उपस्थित नहीं होते हैं, तो बोर्ड उपलब्ध तथ्यों के आधार पर अगला निर्णय लेगा। उन्होंने बताया कि बोर्ड सदस्यों ने प्रदर्शन और तोड़फोड़ की वीडियो भी देखी हैं। विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार सभी पहलुओं पर विचार कर फैसला लिया जाएगा।
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