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Lok Sabha: हिसार में होगा चौटाला Vs चौटाला Vs चौटाला, रणजीत और नैना मैदान में, सुनैना की भी मजबूत दावेदारी
Tue, 16 Apr 2024 09:15 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, हिसार (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, हिसार (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Tue, 16 Apr 2024 09:15 PM IST
सार
भाजपा उम्मीदवार रणजीत को टक्कर देने मैदान में जजपा से बहू नैना उतरीं हैं। वहीं इनेलो की ओर से सुनैना चौटाला टिकट की मजबूत दावेदारी है। इसके अलावा कांग्रेस का प्रत्याशी अभी मैदान में नहीं आया है।
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रणजीत सिंह। नैना चौटाला। सुनैना चौटाला।
- फोटो : @Ch_RanjitSingh@nainachautala@SunainaChautala
विस्तार
लोकसभा चुनाव में हिसार की सीट पर रोचक मुकाबला होगा। चुनावी मैदान में सगे चाचा ससुर और बहू एक-दूसरे को टक्कर देंगे। भाजपा प्रत्याशी रणजीत सिंह के सामने जजपा ने बाढड़ा की विधायक नैना चौटाला को उतार दिया है। यह पहला मौका होगा जब लोकसभा चुनाव में चौटाला परिवार के सदस्य आमने-सामने लड़ेंगे। वहीं इनेलो की ओर से सुनैना चौटाला के मैदान में आने की उम्मीद है। अगर ऐसा हुआ तो हिसार के रण में चौटाला बनाम चौटाला बनाम चौटाला होगा।
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हिसार लोकसभा सीट पर पूर्व उपप्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी देवीलाल का परिवार टकराएगा। भाजपा ने चौधरी देवीलाल के बेटे 78 वर्षीय रणजीत सिंह चौटाला को मैदान में उतारा है। जजपा ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय चौटाला की पत्नी नैना चौटाला को मैदान में उतार दिया है।
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पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला की मां और जजपा की बाढड़ा से विधायक नैना चौटाला अपने चाचा ससुर को टक्कर देंगी। बता दें कि नैना चौटाला का मायका आदमपुर के गांव दड़ौली में है। वहीं, सुनैना चौटाला का मायका हिसार जिले के उकलाना के दौलतपुर गांव में है।
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आक्रोश नहीं झेलना चाहते दुष्यंत
इस समय किसान जजपा के प्रति आक्रोशित हैं। ऐसे में दुष्यंत चौटाला उनके आक्रोश का शिकार नहीं बनना चाहते हैं। राजनीति में लंबे भविष्य को देखते हुए दुष्यंत ने इस लोकसभा चुनाव के बजाय विधानसभा चुनाव पर फोकस शुरू कर दिया है।
नैना चौटाला को इसलिए उतारा
हिसार लोकसभा सीट पर दुष्यंत चाैटाला 2014 में इनेलो के टिकट से सांसद बन चुके हैं। 2019 के बाद वह जजपा के प्रत्याशी के तौर पर भी चुनाव मैदान में उतरे थे। वे पिछली दस साल की मेहनत से तैयार सियासी जमीन को छोड़ना नहीं चाहते। इस कारण उन्होंने परिवार के सदस्य को यहां उतार कर अपनी मजबूत दावेदारी दिखाने का प्रयास किया है। जजपा के हिसार के तीन विधायकों में से दो बागी हो चुके हैं। ऐसे में हिसार लोकसभा सीट पर नैना चौटाला से मजबूत कोई चेहरा जजपा में नजर नहीं आ रहा था।
पहले भी आमने-सामने रहा चौटाला परिवार
वर्ष 2000 के चुनाव में रोड़ी विधानसभा सीट से ओमप्रकाश चौटाला इनेलो और रणजीत सिंह कांग्रेस के प्रत्याशी के तौर पर आमने-सामने रहे। इस चुनाव में ओमप्रकाश चौटाला जीते थे। वर्ष 2009 के विधानसभा चुनाव में डबवाली सीट पर इनेलो के अजय सिंह चौटाला के सामने उनके चचेरे भाई रवि चौटाला निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर आमने-सामने लड़े, जिसमें अजय सिंह चौटाला जीते थे।
कांग्रेस से बृजेंद्र या जेपी उतरे तो चारों प्रमुख दलों के प्रत्याशी होंगे जाट
हिसार लोकसभा सीट पर कांग्रेस से पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश जेपी, पूर्व डिप्टी सीएम चंद्रमोहन के नाम सबसे अधिक चर्चा में हैं। अगर बृजेंद्र सिंह या जेपी चुनावी मैदान में आए तो चारों प्रमुख दलों के प्रत्याशी जाट होंगे। अगर चंद्रमोहन सामने आए तो वह बिश्नोई प्रत्याशी होंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि कांग्रेस इसी सप्ताह अपने प्रत्याशी की घोषणा कर सकती है। पिछले दिनों नलवा विधानसभा की एक रैली में पूर्व सीएम की ओर से बिना नाम लिए चौधरी भजन लाल पर की गई टिप्पणी और हिसार से कुलदीप को टिकट नहीं दिए जाने से भाजपा के खिलाफ उपजी नाराजगी का लाभ लेने का प्रयास कांग्रेस कर सकती है।