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Hisar News: तीन सालों में एचबीएसई से तोड़कर 251 राजकीय विद्यालयों को सीबीएसई में जोड़ा
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हिसार। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के स्कूलों की संख्या निरंतर घट रही है। हरियाणा सरकार एचबीएसई के सरकारी स्कूलों को सीबीएसई में बदल कर रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड सीबीएसई की तुलना में कमजोर हो गया है? क्या एचबीएसई की शिक्षा प्रणाली सीबीएसई के मुकाबले ज्यादा कारगर नहीं है और तीसरा बड़ा सवाल यह है कि क्या अब हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड विद्यार्थियों के भविष्य के लिए सही नहीं रहा है।
शिक्षकों का एक ही सवाल है कि एचबीएसई के सरकारी स्कूल सीबीएसई में क्यों बदले जा रहे हैं। बता दें कि हाल ही में हरियाणा सरकार के आदेश के अनुसार हरियाणा शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के 124 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को पीएम श्री स्कूलों में कन्वर्ट करके सीबीएसई बोर्ड से जोड़ दिया है। इससे पहले प्रदेश के 127 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को मॉडल संस्कृति स्कूलों में कन्वर्ट करके सीबीएसई से जोड़ा गया था। पिछले तीन सालों में अब तक प्रदेश के कुल 251 टॉप राजकीय विद्यालयों को सीबीएसई में जोड़ा जा चुका है। शिक्षकों का कहना है कि प्रदेश के टॉप राजकीय विद्यालयों को ही पीएम श्री व मॉडल संस्कृति स्कूल में कन्वर्ट करके सीबीएसई से जोड़ा गया है।
एचबीएसई के रिजल्ट पर पड़ेगा असर
हरियाणा सरकार के आदेशानुसार प्रदेश के टॉप राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को पीएम श्री व मॉडल संस्कृति स्कूलों में कन्वर्ट करके सीबीएसई से जोड़ दिया है। इसका सीधा असर एचबीएसई के परीक्षा परिणाम पर पड़ेगा। इन टॉप राजकीय विद्यालयों का परीक्षा परिणाम हर साल मेरिट में रहता था। लेकिन इस सत्र से इन स्कूलों के विद्यार्थी सीबीएसई पैटर्न पर पढ़ाई करेंगे। परीक्षा परिणाम खराब आने से एचबीएसई बोर्ड की पहचान भी खराब होगी और बोर्ड का स्तर गिरेगा।
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- सरकार एक सोची समझी साजिश के साथ हरियाणा के राजकीय विद्यालयों का निजीकरण कर रही है। हरियाणा के टॉप राजकीय विद्यालयों को सीबीएसई से जोड़ कर हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड को खत्म करने की चाल चली जा रही है। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ इसका कड़े शब्दों में विरोध करता है।
प्रभु सिंह, महासचिव, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ।
-केवल स्कूलों के नाम बदलकर उन्हें सीबीएसई से जोड़ने से कुछ नहीं बदलने वाला। जब भिवानी बोर्ड के पास कोई काम ही नहीं रहेगा तो उसमें कार्यरत हजारों कर्मचारियों के भविष्य का क्या होगा? गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए विभाग व सरकार हर स्कूल में टेक्नोलॉजी के संसाधनों का पूर्ण प्रबंध करें। हर कक्षा व विषय के लिए शिक्षकों की व्यवस्था करे और उससे भी जरूरी शिक्षकों से केवल शिक्षण कार्य ही लिया जाए। शासन स्तर से ही सभी प्रकार के गैर शैक्षणिक कार्यों पर पूर्णतया पाबंदी लगाई जाए।
सुनील बास, जिला महासचिव हिसार, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा।
सरकार के आदेश हमारे लिए सर्वमान्य होते हैं। सरकार के आदेशानुसार ही प्रदेश के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को पीएम श्री स्कूलों में कन्वर्ट करके सीबीएसई से जोड़ा गया है। इससे पहले मॉडल संस्कृति स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ा गया था। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड अपनी कमियों को दूर करके निरंतर आगे बढ़ रहा है। अभी हाल ही में हुई 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं को बिल्कुल नकल रहित करवाया है। नई शिक्षा नीति के तहत सरकारी स्कूलों में गुणवत्ता व रोजगार पर आधारित पढ़ाई के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है।
डॉ. वीपी यादव, चेयरमैन हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी।
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शिक्षकों का एक ही सवाल है कि एचबीएसई के सरकारी स्कूल सीबीएसई में क्यों बदले जा रहे हैं। बता दें कि हाल ही में हरियाणा सरकार के आदेश के अनुसार हरियाणा शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के 124 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को पीएम श्री स्कूलों में कन्वर्ट करके सीबीएसई बोर्ड से जोड़ दिया है। इससे पहले प्रदेश के 127 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को मॉडल संस्कृति स्कूलों में कन्वर्ट करके सीबीएसई से जोड़ा गया था। पिछले तीन सालों में अब तक प्रदेश के कुल 251 टॉप राजकीय विद्यालयों को सीबीएसई में जोड़ा जा चुका है। शिक्षकों का कहना है कि प्रदेश के टॉप राजकीय विद्यालयों को ही पीएम श्री व मॉडल संस्कृति स्कूल में कन्वर्ट करके सीबीएसई से जोड़ा गया है।
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एचबीएसई के रिजल्ट पर पड़ेगा असर
हरियाणा सरकार के आदेशानुसार प्रदेश के टॉप राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को पीएम श्री व मॉडल संस्कृति स्कूलों में कन्वर्ट करके सीबीएसई से जोड़ दिया है। इसका सीधा असर एचबीएसई के परीक्षा परिणाम पर पड़ेगा। इन टॉप राजकीय विद्यालयों का परीक्षा परिणाम हर साल मेरिट में रहता था। लेकिन इस सत्र से इन स्कूलों के विद्यार्थी सीबीएसई पैटर्न पर पढ़ाई करेंगे। परीक्षा परिणाम खराब आने से एचबीएसई बोर्ड की पहचान भी खराब होगी और बोर्ड का स्तर गिरेगा।
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- सरकार एक सोची समझी साजिश के साथ हरियाणा के राजकीय विद्यालयों का निजीकरण कर रही है। हरियाणा के टॉप राजकीय विद्यालयों को सीबीएसई से जोड़ कर हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड को खत्म करने की चाल चली जा रही है। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ इसका कड़े शब्दों में विरोध करता है।
प्रभु सिंह, महासचिव, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ।
-केवल स्कूलों के नाम बदलकर उन्हें सीबीएसई से जोड़ने से कुछ नहीं बदलने वाला। जब भिवानी बोर्ड के पास कोई काम ही नहीं रहेगा तो उसमें कार्यरत हजारों कर्मचारियों के भविष्य का क्या होगा? गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए विभाग व सरकार हर स्कूल में टेक्नोलॉजी के संसाधनों का पूर्ण प्रबंध करें। हर कक्षा व विषय के लिए शिक्षकों की व्यवस्था करे और उससे भी जरूरी शिक्षकों से केवल शिक्षण कार्य ही लिया जाए। शासन स्तर से ही सभी प्रकार के गैर शैक्षणिक कार्यों पर पूर्णतया पाबंदी लगाई जाए।
सुनील बास, जिला महासचिव हिसार, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा।
सरकार के आदेश हमारे लिए सर्वमान्य होते हैं। सरकार के आदेशानुसार ही प्रदेश के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को पीएम श्री स्कूलों में कन्वर्ट करके सीबीएसई से जोड़ा गया है। इससे पहले मॉडल संस्कृति स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ा गया था। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड अपनी कमियों को दूर करके निरंतर आगे बढ़ रहा है। अभी हाल ही में हुई 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं को बिल्कुल नकल रहित करवाया है। नई शिक्षा नीति के तहत सरकारी स्कूलों में गुणवत्ता व रोजगार पर आधारित पढ़ाई के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है।
डॉ. वीपी यादव, चेयरमैन हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी।