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Hisar News: गीला-सूखा कचरा नहीं किया अलग तो एजेंसी पर लगेगा जुर्माना
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हिसार। स्वच्छ सर्वेक्षण में कचरे के सेग्रीगेशन (अलग-अलग करना) के महत्व को देखते हुए नगर निगम ने सफाई के टेंडर में नियम कड़े किए हैं। एजेंसी को डंपिंग स्थल पर ही गीले व सूखे कचरे को अलग-अलग करना होगा। एजेंसी निर्धारित समय में 100 प्रतिशत सेग्रीगेशन नहीं करवा पाती है तो जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, घर-घर कचरा उठान के दौरान शहरवासी गीला व सूखा कचरा अलग-अलग नहीं देते हैं तो एजेंसी के वाहन चालक कचरा उठाने से इन्कार कर सकते हैं।
इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण में कचरे का सेग्रीगेशन सिर्फ 15 प्रतिशत ही दिखाया गया। इस कारण नगर निगम के काफी अंक कटे। इसे देखते हुए निगम सेग्रीगेशन के लिए काफी गंभीर है। मुख्यालय की तरफ से जारी टेंडर की गाइडलाइन में भी इस पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
पहले लोगों को जागरूक करेगी एजेंसी
सफाई टेंडर के तहत एजेंसी एक माह तक शहरवासियों को जागरूक करेगी कि वे घर पर ही कचरे का सेग्रीगेशन करें और कचरा उठाने वाली गाड़ी में गीला व सूखा कचरा अलग-अलग ही डालें। इस कार्य के लिए कचरा उठाने वाली गाड़ी पर एक हेल्पर भी तैनात किया जाएगा, जिसका कार्य लोगों को सेग्रीगेशन के लिए जागरूक करना होगा। एजेंसी को हर माह कचरे के सेग्रीगेशन का लक्ष्य दिया जाएगा। धीरे-धीरे इस लक्ष्य को बढ़ाकर 100 प्रतिशत तक किया जाएगा।
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हर वार्ड में लगानी होगी 7-8 से गाड़ियां
एजेंसी को पहले के मुकाबले दोगुनी गाड़ियां लगानी होंगी। पुराने टेंडर में जहां 10 वार्डों में गाड़ियों की संख्या 35 से 40 होती थी, वहीं अब गाड़ियों की संख्या 70 से 80 के बीच में होंगी। पुराने टेंडर में एक गाड़ी दो से तीन चक्कर लगाती थी, जबकि इस बार एक गाड़ी एक ही चक्कर लगाएगी।
हर घर पर लगाई जाएगी आरएफ आईडी
नए टेंडर में घरों की संख्या के आधार पर एजेंसी को भुगतान किया जाएगा। एजेंसी जितने ज्यादा घराें से कचरा उठाएगी, उतना ज्यादा ही भुगतान किया जाएगा। इसके लिए एजेंसी को हर घर पर आरएफआईडी लगानी होगी। कचरा उठाने वाली गाड़ी पर तैनात हेल्पर प्रतिदिन घर पर लगी आरएफआईडी को स्कैन करेंगे। इस स्कैन रिपोर्ट से ही यह पता चलेगा कि एजेंसी ने कितने घरों से कचरा उठाया है।
वार्ड 1 से 10 के लिए तीन माह का टेंडर लगाया
नगर निगम प्रशासन ने वार्ड 1 से 10 के लिए तीन माह का टेंडर लगाया है। चूंकि अभी 5 साल वाली एजेंसी को काम शुरू करने में समय लगेगा। ऐसे में सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए निगम ने तीन माह का टेंडर लगाया है। हालांकि यह टेंडर 3 माह से पहले भी खत्म किया जा सकता है। इस टेंडर के लिए दो एजेंसियों ने आवेदन किया है। उधर, वार्ड 11 से 20 में जब तक नई एजेंसी काम शुरू नहीं करेगी तब तक नगर निगम ही कचरे का उठान करेगा।
टेंडर की आरएफपी में सेग्रीगेशन के बारे में विशेष तौर पर जिक्र किया गया है। इस बार जो एजेंसी कचरा उठान का कार्य करेगी, उसे घरों से गीला सूखा कचरा अलग-अलग लेना होगा। - जयवीर डूडी, एक्सईएन, नगर निगम।
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इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण में कचरे का सेग्रीगेशन सिर्फ 15 प्रतिशत ही दिखाया गया। इस कारण नगर निगम के काफी अंक कटे। इसे देखते हुए निगम सेग्रीगेशन के लिए काफी गंभीर है। मुख्यालय की तरफ से जारी टेंडर की गाइडलाइन में भी इस पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
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पहले लोगों को जागरूक करेगी एजेंसी
सफाई टेंडर के तहत एजेंसी एक माह तक शहरवासियों को जागरूक करेगी कि वे घर पर ही कचरे का सेग्रीगेशन करें और कचरा उठाने वाली गाड़ी में गीला व सूखा कचरा अलग-अलग ही डालें। इस कार्य के लिए कचरा उठाने वाली गाड़ी पर एक हेल्पर भी तैनात किया जाएगा, जिसका कार्य लोगों को सेग्रीगेशन के लिए जागरूक करना होगा। एजेंसी को हर माह कचरे के सेग्रीगेशन का लक्ष्य दिया जाएगा। धीरे-धीरे इस लक्ष्य को बढ़ाकर 100 प्रतिशत तक किया जाएगा।
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हर वार्ड में लगानी होगी 7-8 से गाड़ियां
एजेंसी को पहले के मुकाबले दोगुनी गाड़ियां लगानी होंगी। पुराने टेंडर में जहां 10 वार्डों में गाड़ियों की संख्या 35 से 40 होती थी, वहीं अब गाड़ियों की संख्या 70 से 80 के बीच में होंगी। पुराने टेंडर में एक गाड़ी दो से तीन चक्कर लगाती थी, जबकि इस बार एक गाड़ी एक ही चक्कर लगाएगी।
हर घर पर लगाई जाएगी आरएफ आईडी
नए टेंडर में घरों की संख्या के आधार पर एजेंसी को भुगतान किया जाएगा। एजेंसी जितने ज्यादा घराें से कचरा उठाएगी, उतना ज्यादा ही भुगतान किया जाएगा। इसके लिए एजेंसी को हर घर पर आरएफआईडी लगानी होगी। कचरा उठाने वाली गाड़ी पर तैनात हेल्पर प्रतिदिन घर पर लगी आरएफआईडी को स्कैन करेंगे। इस स्कैन रिपोर्ट से ही यह पता चलेगा कि एजेंसी ने कितने घरों से कचरा उठाया है।
वार्ड 1 से 10 के लिए तीन माह का टेंडर लगाया
नगर निगम प्रशासन ने वार्ड 1 से 10 के लिए तीन माह का टेंडर लगाया है। चूंकि अभी 5 साल वाली एजेंसी को काम शुरू करने में समय लगेगा। ऐसे में सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए निगम ने तीन माह का टेंडर लगाया है। हालांकि यह टेंडर 3 माह से पहले भी खत्म किया जा सकता है। इस टेंडर के लिए दो एजेंसियों ने आवेदन किया है। उधर, वार्ड 11 से 20 में जब तक नई एजेंसी काम शुरू नहीं करेगी तब तक नगर निगम ही कचरे का उठान करेगा।
टेंडर की आरएफपी में सेग्रीगेशन के बारे में विशेष तौर पर जिक्र किया गया है। इस बार जो एजेंसी कचरा उठान का कार्य करेगी, उसे घरों से गीला सूखा कचरा अलग-अलग लेना होगा। - जयवीर डूडी, एक्सईएन, नगर निगम।