एचएयू में प्लास्टिक मनी से ही भरी जा सकेगी फीस
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सरकार के कैशलेस भुगतान करने के अभियान को लेकर सतर्क एचएयू में अब कॉलेजों में भी स्वाइप मशीनें लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अब एचएयू में किसी भी तरह की फीस भरने के लिए केवल प्लास्टिक मनी का ही इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसके लिए एचएयू ने पूरी तैयारी कर ली है। इस कड़ी में एचएयूू के दो कॉलेजों में स्वाइप मशीनें लगाई जा चुकी हैं। वहीं सभी कॉलेजों का अकाउंट अटैच करने का काम अभी जारी है। इससे पहले विश्वविद्यालय ने कृषि एवं विक्रय केंद्रों पर 8 स्वाइप मशीनें लगाई थीं। एचएयू के कुलपति डॉ. केपी सिंह ने हाल ही में पूरे विश्वविद्यालय को कैशलेस करने के आदेश जारी किए थे।
कृषि विश्वविद्यालय में चार कॉलेज हैं। इनमें एग्रीकल्चर कॉलेज, एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग कॉलेज, कॉलेज ऑफ बेसिक साइंस एंड ह्यूमनिटीज और होम साइंस कॉलेज शामिल हैं। सभी कॉलेजों में अब नया सेशन जनवरी से शुरू हो जाएगा, जिसमें विद्यार्थियों को केवल अपने डेबिट कार्ड से ही फीस भरनी होगी। इसके अलावा विद्यार्थी अपनी फीस ऑनलाइन भी भर सकेंगे। विश्वविद्यालय के कॉलेजों के अलावा कैंपस स्कूल और नेहरू लाइब्रेरी में भी ये मशीनें लगाई जानी हैं।
इससे पहले लगाई गईं थीं आठ मशीनें
विश्वविद्यालय की ओर से इससे पहले आठ पीओएस मशीनें लगाई गई थीं, जिन्हें विश्वविद्यालय के विक्रय केंद्र, करनाल व अन्य सेलिंग प्वाइंट पर, आरडीएस, एचएयू पेट्रोल पंप आदि जगहों पर लगाई गई थी। अब छह और मशीनें मंगवाई गई हैं।
दो कॉलेजों में मशीनें लगा दी गई हैं। हमने एसबीआई से छह और मशीनें मंगवाई हुई हैं। 3 जनवरी तक इन मशीनों के आने की उम्मीद है।
- नवीन जैन, कंट्रोलर, एचएयू हिसार