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Hisar News: स्वच्छता अभियान में पिछड़ा हिसार जोन
Mon, 13 Jan 2025 12:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Mon, 13 Jan 2025 12:46 AM IST
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हिसार। हिसार सहित आसपास के जिले स्वच्छता रैकिंग में सफाई व्यवस्था सुचारु नहीं होने के कारण पिछड़ता जा रहा है। शहर में सफाई व्यवस्था काफी लचर है। शहरों में काफी स्थानों पर कूड़े का अंबार लगा रहता है। हिसार में शहर की सफाई व्यवस्था पर नगर निगम हर माह 363 लाख रुपये खर्च कर रहा है। शहर में डोर टू डोर कचरा उठाने की व्यवस्था ठेके पर है। निगम में करीब 690 सफाई कर्मचारी है, जिनका जिम्मा सड़कों की सफाई का है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में नगर निगम की रैंकिंग में सुधार के बजाय 79 पायदान गिरकर 194 आई थी। वहीं, राज्यस्तरीय की रैंकिंग में पिछले वर्ष के मुकाबले एक पायदान का सुधार हुआ और नगर निगमों की सूची में हिसार का 7वें नंबर पर रहा था।
भिवानी को स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 में राष्ट्रीय स्तर पर 302वां और स्टेट रैंकिंग में 16वां स्थान मिला है। जबकि 2022 के स्वच्छता सर्वेक्षण में स्टेट रैंकिंग 18वां पायदान पर रहा था। राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छता रैंकिंग में भिवानी 61 रैंक पिछड़ गया था। भिवानी में नगर परिषद सफाई पर ही सालाना करीब 16 करोड़ का बजट खर्च कर रहा है। नगर परिषद के पास 269 सफाई कर्मचारी हैं, लेकिन अधिकांश दायरे में ठेके पर ही सफाई व्यवस्था चल रही है।
सिरसा में स्वच्छता अभियान पर 32 लाख रुपये प्रतिमाह एजेंसी पर खर्च करती है। साल में दो एजेंसियों पर 4 करोड़ रुपये का नगर परिषद भुगतान करती है। साल में कचरा निस्तारण पूर्ण रूप से नहीं होने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से 12 लाख रुपये का जुर्माना एजेंसियों पर लगाया गया है। इसके बावजूद 2020 के बाद स्वच्छता रैंकिग में सिरसा पिछड़ता जा रहा है। सिरसा जिले के डोर टू डोर उठान और कचरा निस्तारण का 22 साल के लिए टेंडर पूजा वेस्ट मैनेजमेंट एजेंसी को दिया गया है। सालों पुराना एक लाख मीट्रिक टन से ज्यादा पड़े कचरे का निपटान आज तक नहीं हो पाया है।
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फतेहाबाद शहर की सफाई पर प्रत्येक साल में सात करोड़ खर्च कर रहा है। इसके बावजूद रैंक नहीं सुधर रही है। नगर परिषद कचरा उठान पर दो करोड़ तो करीब 5 करोड़ रुपये कर्मचारियों की सैलरी पर खर्च कर रहा है। शहर फतेहाबाद की वर्ष 2022 में 13 रैंक थी तो वर्ष 2023 में 42 वें स्थान पर पहुंची।
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भिवानी को स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 में राष्ट्रीय स्तर पर 302वां और स्टेट रैंकिंग में 16वां स्थान मिला है। जबकि 2022 के स्वच्छता सर्वेक्षण में स्टेट रैंकिंग 18वां पायदान पर रहा था। राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छता रैंकिंग में भिवानी 61 रैंक पिछड़ गया था। भिवानी में नगर परिषद सफाई पर ही सालाना करीब 16 करोड़ का बजट खर्च कर रहा है। नगर परिषद के पास 269 सफाई कर्मचारी हैं, लेकिन अधिकांश दायरे में ठेके पर ही सफाई व्यवस्था चल रही है।
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सिरसा में स्वच्छता अभियान पर 32 लाख रुपये प्रतिमाह एजेंसी पर खर्च करती है। साल में दो एजेंसियों पर 4 करोड़ रुपये का नगर परिषद भुगतान करती है। साल में कचरा निस्तारण पूर्ण रूप से नहीं होने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से 12 लाख रुपये का जुर्माना एजेंसियों पर लगाया गया है। इसके बावजूद 2020 के बाद स्वच्छता रैंकिग में सिरसा पिछड़ता जा रहा है। सिरसा जिले के डोर टू डोर उठान और कचरा निस्तारण का 22 साल के लिए टेंडर पूजा वेस्ट मैनेजमेंट एजेंसी को दिया गया है। सालों पुराना एक लाख मीट्रिक टन से ज्यादा पड़े कचरे का निपटान आज तक नहीं हो पाया है।
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फतेहाबाद शहर की सफाई पर प्रत्येक साल में सात करोड़ खर्च कर रहा है। इसके बावजूद रैंक नहीं सुधर रही है। नगर परिषद कचरा उठान पर दो करोड़ तो करीब 5 करोड़ रुपये कर्मचारियों की सैलरी पर खर्च कर रहा है। शहर फतेहाबाद की वर्ष 2022 में 13 रैंक थी तो वर्ष 2023 में 42 वें स्थान पर पहुंची।