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लावारिस पशु फिर बने काल, हादसे में दो स्टूडेंट की मौत, तीसरा गंभीर
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार
Updated Fri, 25 Nov 2016 12:47 AM IST
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accident
- फोटो : Bureau
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हिसार-तोशाम रोड पर गांव भोजराज के पास हुए भीषण सड़क हादसे में दो कॉलेज स्टूडेंट्स की मौत हो गई। तीसरा दोस्त हेमंत कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। सड़क पर गाय आने के बाद स्विफ्ट कार कीकर के पेड़ से टकराने से यह हादसा हुआ, जिसमें जाट कॉलेज स्टूडेंट दीपक जाखड, बीए सेकेंड स्टूडेंट मंजीत की मौत हो गई।
बरवाला के वार्ड 13 लक्ष्मी कॉलोनी निवासी 22 वर्षीय दीपक जाखड़, इसी कॉलोनी के निवासी 21 वर्षीय मंदीप, खेदड़ निवासी हेमंत में आपस में गहरी दोस्ती थी। दीपक हिसार जाट कॉलेज बीए फाइनल का स्टूडेंट था। मंदीप बीए सेकेंड एयर का डीएन कॉलेज का स्टूडेंट था। हेमंत भी बीए का स्टूडेंट है। बरवाला में नियुक्त फूड सप्लाई इंस्पेक्टर बलवान के बेटे नवीन की बुधवार को शादी थी। बारात बरवाला से तोशाम गई थी। यह तीनों स्विफ्ट गाड़ी में सवार होकर तोशाम गए थे। शादी में शरीक होने के बाद देर रात अपनी स्विफ्ट कार में सवार होकर हिसार के लिए चल पड़े। कार को मंदीप कुमार चला रहा था। करीब एक बजे भोजराज गांव से कुछ आगे निकलते ही कार पेड़ से टकरा गई। बताया जा रहा है कि सड़क पर लावारिस गाय आने के कारण यह हादसा हुआ। भीषण हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। काफी प्रयास के बाद गाड़ी से इन तीनों को निकाला गया। हिसार नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों ने दीपक जाखड और मंजीत को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल हेमंत कुमार को शहर के एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
दीपक जाखड़ के पिता साधुराम जाखड़ बरवाला में विद्या भारती स्कूल के संचालक और भाजपा शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक हैं। कुछ समय पहले ही उन्हें प्रदेश सहसंयोजक बनाया गया था। एसआर जाखड़ बरवाला के कई सामाजिक संगठनों से भी जुडे़ हैं। मंजीत के पिता मास्टर मेवा सिंह सरकारी स्कूल में टीचर हैं। फिलहाल वह गांव खेदड़ में तैनात हैं। मूल रूप से सरसौद गांव के निवासी मास्टर मेवा पिछले कुछ समय से बरवाला की लक्ष्मी कॉलोनी में आवास बनाकर रह रहे हैं। हेमंत के पिता रमेश भी गांव खेदड़ में सरकारी स्कूल में टीचर हैं।
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सरकारी अस्पताल पहुंचे लोग
सदर थाना के हेडकांस्टेबल सुरेंद्र सिंह ने सूचना मिलने पर टीम समेत मौके पर पहुंचकर दोनों शव कब्जे में ले लिए। वीरवार को दोनों शवों का पोस्टमार्टम करने के बाद परिजनों के हवाले कर दिया गया। दो युवाओं की मौत की खबर सुनकर बरवाला के काफी लोग सरकारी अस्पताल में पहुंचे थे।
पशुओं ने दो साल में 12 लोगों की जान
लावारिस पशु पिछले करीब दो साल में 12 से अधिक लोगों की जान ले चुके हैं। पशुओं के कारण अब तक 45 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। प्रदेश सरकार की रिपोर्ट के अनुुसार जिले में करीब 13 हजार लावारिस पशु हैं। पशुओं को सड़क से हटाने के लिए गो अभयारण्य बनाने के लिए काम आधारशिला तक ही पहुंचा है।
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बरवाला के वार्ड 13 लक्ष्मी कॉलोनी निवासी 22 वर्षीय दीपक जाखड़, इसी कॉलोनी के निवासी 21 वर्षीय मंदीप, खेदड़ निवासी हेमंत में आपस में गहरी दोस्ती थी। दीपक हिसार जाट कॉलेज बीए फाइनल का स्टूडेंट था। मंदीप बीए सेकेंड एयर का डीएन कॉलेज का स्टूडेंट था। हेमंत भी बीए का स्टूडेंट है। बरवाला में नियुक्त फूड सप्लाई इंस्पेक्टर बलवान के बेटे नवीन की बुधवार को शादी थी। बारात बरवाला से तोशाम गई थी। यह तीनों स्विफ्ट गाड़ी में सवार होकर तोशाम गए थे। शादी में शरीक होने के बाद देर रात अपनी स्विफ्ट कार में सवार होकर हिसार के लिए चल पड़े। कार को मंदीप कुमार चला रहा था। करीब एक बजे भोजराज गांव से कुछ आगे निकलते ही कार पेड़ से टकरा गई। बताया जा रहा है कि सड़क पर लावारिस गाय आने के कारण यह हादसा हुआ। भीषण हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। काफी प्रयास के बाद गाड़ी से इन तीनों को निकाला गया। हिसार नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों ने दीपक जाखड और मंजीत को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल हेमंत कुमार को शहर के एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
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दीपक जाखड़ के पिता साधुराम जाखड़ बरवाला में विद्या भारती स्कूल के संचालक और भाजपा शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक हैं। कुछ समय पहले ही उन्हें प्रदेश सहसंयोजक बनाया गया था। एसआर जाखड़ बरवाला के कई सामाजिक संगठनों से भी जुडे़ हैं। मंजीत के पिता मास्टर मेवा सिंह सरकारी स्कूल में टीचर हैं। फिलहाल वह गांव खेदड़ में तैनात हैं। मूल रूप से सरसौद गांव के निवासी मास्टर मेवा पिछले कुछ समय से बरवाला की लक्ष्मी कॉलोनी में आवास बनाकर रह रहे हैं। हेमंत के पिता रमेश भी गांव खेदड़ में सरकारी स्कूल में टीचर हैं।
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सरकारी अस्पताल पहुंचे लोग
सदर थाना के हेडकांस्टेबल सुरेंद्र सिंह ने सूचना मिलने पर टीम समेत मौके पर पहुंचकर दोनों शव कब्जे में ले लिए। वीरवार को दोनों शवों का पोस्टमार्टम करने के बाद परिजनों के हवाले कर दिया गया। दो युवाओं की मौत की खबर सुनकर बरवाला के काफी लोग सरकारी अस्पताल में पहुंचे थे।
पशुओं ने दो साल में 12 लोगों की जान
लावारिस पशु पिछले करीब दो साल में 12 से अधिक लोगों की जान ले चुके हैं। पशुओं के कारण अब तक 45 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। प्रदेश सरकार की रिपोर्ट के अनुुसार जिले में करीब 13 हजार लावारिस पशु हैं। पशुओं को सड़क से हटाने के लिए गो अभयारण्य बनाने के लिए काम आधारशिला तक ही पहुंचा है।