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Haryana: चेन्नई में मिचौंग तूफान में फंसे हिसार के विद्यार्थी, बिस्कुट खाकर मिटाई भूख

Tue, 05 Dec 2023 11:07 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा) Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 05 Dec 2023 11:07 PM IST
सार

हिसार के दो विद्यार्थी चेन्नई में सीटीआई का कोर्स कर रहे हैं। दो दिन बाद परिजनों से बात हुई है। सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं मिली है। 

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Hisar students trapped in Michong storm in Chennai, quenched their hunger by eating biscuits
हॉस्टल में भरे पानी के बीच से गुजर कर खना लेकर आते विद्यार्थी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

चेन्नई में मिचौंग तूफान का असर अब कम होने लग रहा है। पानी का स्तर भी कम हो रहा है। मगर, वहां पर फंसे विद्यार्थियों की समस्या कम नहीं हो रही। हॉस्टल में विद्यार्थियों को पूरे दिन सोमवार को खाना नहीं मिला। मंगलवार को सुबह जब दुकान खुली और विद्यार्थियों ने बिस्कुट आदि खाकर भूख मिटाई। सरकार की तरफ से विद्यार्थियों के लिए किसी प्रकार की मदद मुहैया नहीं करवाई गई है। विद्यार्थी अपने स्तर पर इस विपदा से लड़ रहे हैं।

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दो दिन से बिजली आपूर्ति बंद
चेन्नई में फंसे रामायण गांव के विद्यार्थी सुमेर ने बताया कि वह चेन्नई में सीटीआई का कोर्स कर रहा है। तूफान की वजह से हॉस्टल में पानी भर गया था। 29 नवंबर से 6 दिसंबर तक दोबारा छुट्टी हो गई थी। हम छुट्टी के बाद 25 और 27 नवंबर को चेन्नई पहुंचे थे। दोबारा जाना संभव नहीं था इसलिए हॉस्टल में ही रुक गए थे। हमें पता नहीं था कि इतनी ज्यादा स्थिति खराब हो जाएगी। वहीं दो दिन से बिजली आपूर्ति नहीं हो रही थी।
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सुमेर बताते हैं कि रविवार को ही मैस का राशन समाप्त हो गया था। सोमवार सुबह और रात को खाना नहीं बना। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों के पास जो बिस्कुट या हल्का-फुल्का खाने को था उसी से गुजारा किया। आज मंगलवार को बरसात कम होने पर आस-पास जो दुकानें खुली हैं उनसे खाने सामान लेकर आए हैं और उन्हीं से काम चला रहे हैं। सरकार की तरफ से अभी तक किसी प्रकार की कोई मदद नहीं की गई है। हम अपने स्तर पर व्यवस्था कर रहे हैं।
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मंजर देख रूह कांप उठती है
ढाणी गोपाल के छात्र रोहित ने बताया कि तूफान के बाद का मंजर देखने के बाद रूह कांप उठती हैं। हॉस्टल के चारों तरफ पानी ही पानी भरा हुआ है। संपर्क न होने पर दो दिन से परिजनों से बात नहीं हो पा रही थी। सोमवार को आधे घंटे बिजली आई, जिससे फोन आदि चार्ज करने के बाद घरवालों से बात की है। उन्होंने बताया कि यहां 25 विद्यार्थी फंसे हैं। मंगलवार सुबह बारिश कम हुई है मौसम भी कुछ साफ हुआ है। जलस्तर भी कम हो रहा है, मगर चिंता अभी भी बनी हुई है। हॉस्टल के अंदर खाना नहीं मिल रहा।

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