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चालान के रुपये तो भरने पड़ेंगे, चाहे आप भरो या मैं : आरटीओ

Tue, 09 Feb 2021 12:41 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 09 Feb 2021 12:41 AM IST
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Hisar RTO say challan will have to deposit
आरटीओ डॉ. सुनील कुमार से मिलने पहुंचे किसान। - फोटो : Hisar
हिसार। राजस्थान के किसान की गाड़ी का हिसार में आरटीओ की ओर से चालान काटे जाने के खिलाफ सोमवार दोपहर करीब एक बजे करीब 20-25 किसान आरटीओ कार्यालय पहुंचे। यहां एक घंटा तक आरटीओ और किसानों के बीच बातचीत चलती रही। इस दौरान किसानों को शांत करने के लिए आरटीओ ने यहां तक कह दिया कि इसके समाधान में किसी भी प्रकार का बीच का रास्ता नहीं निकल सकता है।
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उन्होंने कहा कि चालान के पैसे तो भरने पड़ेंगे, वह चाहे आप भरो या मैं भरूं। इस पर किसान यूनियन के नेताओं ने कहा कि तो ठीक है आप ही भर देना। इस पर आरटीओ ने कह दिया कि चलो मैं भर देता हूं। इसके बाद उन्होंने गाड़ी की आरसी व लाइसेंस गाड़ी मालिक राकेश के हवाले कर दी और उसकी प्रतियां अपने पास रख लीं। इस दौरान मुख्य रूप से झुंझुनू के गांव पिचानवा निवासी गाड़ी चालक राकेश कुमार, काला कनोह, बबलू खरड़, सोमबीर भगाना, अमित नहला, नरसी कनोह, कुलदीप खरड़ व अन्य किसान मौजूद रहे।
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यह बोले भाकियू जिलाध्यक्ष
आरटीए कार्यालय में पहुंचे भाकियू जिलाध्यक्ष काला ने बताया कि आरटीओ को चालान रद्द करने और किसानों की गाड़ियों का चालान नहीं करने की मांग की है। काला के अनुुसार आरटीओ ने इस पर आश्वासन दिया है कि वे किसानों की गाड़ियों का चालान नहीं करेंगे। इस दौरान काला व अन्य किसानों ने बताया कि आरटीओ ने चालान स्वयं भरने की बात कही है।
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यह था मामला
राजस्थान के झुंझुनू के गांव पिचानवा निवासी राकेश ने बताया था कि वह 3 फरवरी को किसानों के समर्थन में सुबह करीब पांच बजे अपने साथी हरपाल, महेश, जगदीश और चरण सिंह के साथ पिकअप से टीकरी बॉर्डर के लिए निकला था। गाड़ी में प्याज की दो बोरी व दो बोरी आटा था। सुबह करीब साढ़े 7 बजे जिंदल पुल के पास पहुंचकर चाय पीने रुके थे। इस दौरान आरटीओ की गाड़ी आई और आरटीओ डॉ. सुनील कुमार ने उनसे कागजात मांगे। उसका आरोप था कि कागजात दिखाने के बावजूद उसका लाइसेंस व आरसी अधिकारी ने रख ली और कहा कि हरियाणा का टैक्स नहीं है। इस पर गाड़ी का 20 हजार रुपये का चालान कर दिया था।

चालान में छूट का कोई प्रावधान नहीं
राजस्थान की गाड़ी को हरियाणा में टैक्स भरना जरूरी होता है। राकेश ने अपनी गाड़ी का टैक्स नहीं भरा था, जिस कारण उसका चालान किया गया था। मामले के संबंध में उच्चाधिकारियों से बात की जाएगी, तब तक चालान पेंडिंग रहेगा। चालान को लेकर किसी प्रकार की छूट का प्रावधान नहीं है।
-डॉ. सुनील कुमार, आरटीओ, हिसार।
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