{"_id":"633c7b0283eb663fa535292f","slug":"hisar-news-hisar-news-hsr643756588","type":"story","status":"publish","title_hn":"निगमायुक्त से मिले विश्वासपुरम के लोग, बोले-सिर्फ ड्रोन से हुआ सर्वे, नगर निगम ने फिजिकली नहीं किया वेरिफाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निगमायुक्त से मिले विश्वासपुरम के लोग, बोले-सिर्फ ड्रोन से हुआ सर्वे, नगर निगम ने फिजिकली नहीं किया वेरिफाई
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हिसार। अवैध कॉलोनियों को वैध करने को लेकर हुए सर्वे की खामियों को लेकर विश्वासपुरम के लोग नगर निगम आयुक्त से मिले। इस दौरान कॉलोनियों ने कहा कि यह सर्वे सिर्फ ड्रोन से किया गया है। नगर निगम ने इस सर्वे रिपोर्ट को फिजिकली वेरिफाई नहीं किया। कॉलोनी में पांच पार्क, अस्पताल व 30 से 40 फुट चौड़ी सड़कें हैं, लेकिन इन्हें नक्शे पर चिह्नित नहीं किया गया। यही नहीं सर्वे में कॉलोनी के एरिया में एचएसवीपी की खाली पड़ी जमीन को शामिल कर लिया गया। कॉलोनीवासियों की बातें सुन निगम अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि सर्वे रिपोर्ट में इन बातों का उल्लेख भी किया जाएगा।
बता दें कि 29 सितंबर को निगम कार्यालय में शहर की 26 अवैध कॉलोनियों को वैध करने का प्रस्ताव पास के लिए हाउस की बैठक आयोजित की गई थी। इस दौरान पार्षदों ने यह आरोप लगाते हुए प्रस्ताव का बहिष्कार कर दिया था कि इन 26 कॉलोनियों में ज्यादातर बेनाम हैं। बिना नाम के वह इन कॉलोनियों का कैसे वैध करवा दे, जबकि इस सूची में हाउस में पास हुईं कॉलोनियों के नाम ही नहीं है।
कैटेगरी एक की शर्तों को पूरा करती है विश्वासपुरम कॉलोनी
निगम अधिकारियों से मुलाकात के दौरान विश्वासपुरम कॉलोनी निवासी ललित आर्य ने कहा कि रिहायश के हिसाब से उनकी कॉलोनी कैटेगरी एक की शर्तों को पूरा करती है। उनकी कॉलोनी 33 एकड़ 3 कनाल व 9 मरले जमीन पर बसी है, जबकि सर्वे में इसका एरिया 36.64 एकड़ दिखाया गया है। इसमें 3 एकड़ एचएसवीपी की जमीन को भी शामिल कर लिया गया है। इस दौरान कॉलोनीवासियों ने कॉलोनी के नक्शे पर पार्क, अस्पताल व सड़कों को चिह्नित करवाया। कॉलोनीवासियों ने निगम प्रशासन से कॉलोनी में फिजिकल सर्वे करवाने की मांग की।
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सर्वे में आबादी वाले एरिया को नहीं किया शामिल : पार्षद अनिल
उधर वार्ड 1 के पार्षद अनिल जैन का कहना है कि उनके वार्ड में तीन अवैध कॉलोनियां हैं, जिनमें भगत सिंह कॉलोनी पार्ट 1 व 2, न्यू सत्य नगर व आरएस कॉलोनी शामिल है। सर्वे में भगत कॉलोनी पार्ट टू व न्यू सत्य नगर को शामिल नहीं किया गया। वहीं आरएस कॉलोनी में सरकारी जमीन को शामिल कर लिया गया। पार्षद की मानें तो सर्वे में उनके वार्ड के उन एरिया को शामिल किया गया है, जहां नाममात्र की भी आबादी नहीं है।
सर्वे में शामिल की गई सरकारी जमीन को हटाने के लिए सरकार को लिखेंगे पत्र
निगम प्रशासन सर्वे में शामिल की गई सरकारी जमीन को हटाने के लिए सरकार को पत्र लिखेगा। इसके अलावा सर्वे रिपोर्ट में संशोधन किया जाएगा। इसमें कॉलोनियों के साथ रोड का नाम व लैंडमार्क का भी उल्लेख किया जाएगा ताकि कॉलोनी की पहचान हो सके। उधर, डीटीपी के अनुसार जिन पार्षदों को सर्वे पर आपत्ति है, उन पार्षदों के साथ उनके वार्ड में फिजिकली सर्वे करवाया जाएगा। बता दें कि सर्वे में आरएस कॉलोनी, विश्वासपुरम व सातरोड़ खुर्द की एक कॉलोनी में सरकारी जमीन को भी शामिल कर लिया है। जिन विभागों की जमीनों को शामिल किया है, उनमें एचएसवीपी व राजकीय पशुधन फार्म शामिल है।
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बता दें कि 29 सितंबर को निगम कार्यालय में शहर की 26 अवैध कॉलोनियों को वैध करने का प्रस्ताव पास के लिए हाउस की बैठक आयोजित की गई थी। इस दौरान पार्षदों ने यह आरोप लगाते हुए प्रस्ताव का बहिष्कार कर दिया था कि इन 26 कॉलोनियों में ज्यादातर बेनाम हैं। बिना नाम के वह इन कॉलोनियों का कैसे वैध करवा दे, जबकि इस सूची में हाउस में पास हुईं कॉलोनियों के नाम ही नहीं है।
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कैटेगरी एक की शर्तों को पूरा करती है विश्वासपुरम कॉलोनी
निगम अधिकारियों से मुलाकात के दौरान विश्वासपुरम कॉलोनी निवासी ललित आर्य ने कहा कि रिहायश के हिसाब से उनकी कॉलोनी कैटेगरी एक की शर्तों को पूरा करती है। उनकी कॉलोनी 33 एकड़ 3 कनाल व 9 मरले जमीन पर बसी है, जबकि सर्वे में इसका एरिया 36.64 एकड़ दिखाया गया है। इसमें 3 एकड़ एचएसवीपी की जमीन को भी शामिल कर लिया गया है। इस दौरान कॉलोनीवासियों ने कॉलोनी के नक्शे पर पार्क, अस्पताल व सड़कों को चिह्नित करवाया। कॉलोनीवासियों ने निगम प्रशासन से कॉलोनी में फिजिकल सर्वे करवाने की मांग की।
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सर्वे में आबादी वाले एरिया को नहीं किया शामिल : पार्षद अनिल
उधर वार्ड 1 के पार्षद अनिल जैन का कहना है कि उनके वार्ड में तीन अवैध कॉलोनियां हैं, जिनमें भगत सिंह कॉलोनी पार्ट 1 व 2, न्यू सत्य नगर व आरएस कॉलोनी शामिल है। सर्वे में भगत कॉलोनी पार्ट टू व न्यू सत्य नगर को शामिल नहीं किया गया। वहीं आरएस कॉलोनी में सरकारी जमीन को शामिल कर लिया गया। पार्षद की मानें तो सर्वे में उनके वार्ड के उन एरिया को शामिल किया गया है, जहां नाममात्र की भी आबादी नहीं है।
सर्वे में शामिल की गई सरकारी जमीन को हटाने के लिए सरकार को लिखेंगे पत्र
निगम प्रशासन सर्वे में शामिल की गई सरकारी जमीन को हटाने के लिए सरकार को पत्र लिखेगा। इसके अलावा सर्वे रिपोर्ट में संशोधन किया जाएगा। इसमें कॉलोनियों के साथ रोड का नाम व लैंडमार्क का भी उल्लेख किया जाएगा ताकि कॉलोनी की पहचान हो सके। उधर, डीटीपी के अनुसार जिन पार्षदों को सर्वे पर आपत्ति है, उन पार्षदों के साथ उनके वार्ड में फिजिकली सर्वे करवाया जाएगा। बता दें कि सर्वे में आरएस कॉलोनी, विश्वासपुरम व सातरोड़ खुर्द की एक कॉलोनी में सरकारी जमीन को भी शामिल कर लिया है। जिन विभागों की जमीनों को शामिल किया है, उनमें एचएसवीपी व राजकीय पशुधन फार्म शामिल है।