{"_id":"755838c3fbb0afaef74f2b93542d8cea","slug":"hisar-musician-play-sitar-at-london-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सात समंदर पार गूंजी सुरों की तान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सात समंदर पार गूंजी सुरों की तान
अमर उजाला हिसार/ब्यूरो
Updated Mon, 16 Nov 2015 01:31 AM IST
विज्ञापन
डॉ. रेणुका गंभीर को विरासत में मिले सितार वादन के हुनर से निकले सुरों की तान सात समंदर पार भी सुनाई दी है।
सितार वादन की कला का भंडार बन चुकी डॉ. रेणुका के सितार की गूंज लंदन के प्रसिद्ध गॉर्जियस रेडियो के कार्यक्रम सुर तरंग के जरिए पूरे लंदन शहर को सुनाई दी थी।
हरियाणा की बेटी और इमदादखानी घराने की सितार वादिका डॉ. रेणुका गंभीर देशभर में सितार वादन के कार्यक्रम प्रस्तुत कर ढेरों सम्मान बटोर चुकी हैं।
उन्हें राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर अनेक उपाधियों से अलंकृत किया जा चुका है। अब हिसार के गवर्नमेंट कॉलेज में बतौर संगीत विशेषज्ञ अपनी सेवाएं दे रही डॉ. रेणुका युवाओं को संगीत के सुर सिखा रही हैं।
नौ साल की उम्र से सीखा संगीत
सितार वादिका डॉ. रेणुका गंभीर ने नौ वर्ष की छोटी उम्र से ही पिता प्रो. ओमप्रकाश व चाचा डॉ. वीरेंद्र कुमार से संगीत की शिक्षा ली।
उसके बाद भारत के टॉप ग्रेड के अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सितारवादक डॉ. हरविंद्र कुमार शर्मा से संगीत की शिक्षा प्राप्त की। डॉ. रेणुका ऑल इंडिया रेडियो से ए-ग्रेड कलाकार के रूप में सितार बजा रही हैं।
विज्ञापन
वर्ष 2013 में उनकी सितार वादन की सीडी भी रिलीज हो चुकी हैं, जिसे इंटरनेट पर काफी पसंद किया गया।
100 से ज्यादा मिले पुरस्कार
डॉ. रेणुका गंभीर नेशनल सेमिनारों, संगीत सम्मेलनों, ऑल इंडिया रेडियो के नेशनल प्रोग्राम में भी सितार बजा चुकी हैं।
उनकी इसी कला के चलते उन्हें राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर 100 से अधिक पुरस्कारों व विभिन्न उपाधियों से सम्मानित किया जा चुका है।
इसी साल 30 अक्तूबर को लंदन के रेडियो पर उनका कार्यक्रम प्रसारित होने के साथ ही उनकी एक और उपलब्धि बढ़ गई।
यू-ट्यूब पर प्रभावित हुए लंदन के रेडियो संचालक
लंदन के गॉर्जियस रेडियो के संचालकों ने यू-ट्यूब के माध्यम से डॉ. रेणुका का सितार वादन सुना तो वे भी प्रभावित हुए बिना नहीं रह सके।
उन्होंने ई-मेल के माध्यम से तुरंत रेणुका गंभीर से संपर्क किया और उन्हें लंदन में रेडियो पर उनके सितार वादन को सुनाने के बारे में आमंत्रित किया।
अब छात्र-छात्राओं को दे रही ट्रेनिंग
फिलहाल महाविद्यालय में बतौर एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रेणुका गंभीर छात्र-छात्राओं को संगीत की ट्रेनिंग दे रही हैं। उन्हीं से शिक्षा पाकर अनेक युवा संगीत के हुनर को निखार चुके हैं।
संगीत विभाग के साथ-साथ महाविद्यालय के अन्य विद्यार्थी भी संगीत में करियर बनाने के लिए उनसे शिक्षा लेकर आगे बढ़ते हैं।
विज्ञापन
सितार वादन की कला का भंडार बन चुकी डॉ. रेणुका के सितार की गूंज लंदन के प्रसिद्ध गॉर्जियस रेडियो के कार्यक्रम सुर तरंग के जरिए पूरे लंदन शहर को सुनाई दी थी।
हरियाणा की बेटी और इमदादखानी घराने की सितार वादिका डॉ. रेणुका गंभीर देशभर में सितार वादन के कार्यक्रम प्रस्तुत कर ढेरों सम्मान बटोर चुकी हैं।
उन्हें राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर अनेक उपाधियों से अलंकृत किया जा चुका है। अब हिसार के गवर्नमेंट कॉलेज में बतौर संगीत विशेषज्ञ अपनी सेवाएं दे रही डॉ. रेणुका युवाओं को संगीत के सुर सिखा रही हैं।
विज्ञापन
नौ साल की उम्र से सीखा संगीत
सितार वादिका डॉ. रेणुका गंभीर ने नौ वर्ष की छोटी उम्र से ही पिता प्रो. ओमप्रकाश व चाचा डॉ. वीरेंद्र कुमार से संगीत की शिक्षा ली।
उसके बाद भारत के टॉप ग्रेड के अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सितारवादक डॉ. हरविंद्र कुमार शर्मा से संगीत की शिक्षा प्राप्त की। डॉ. रेणुका ऑल इंडिया रेडियो से ए-ग्रेड कलाकार के रूप में सितार बजा रही हैं।
विज्ञापन
वर्ष 2013 में उनकी सितार वादन की सीडी भी रिलीज हो चुकी हैं, जिसे इंटरनेट पर काफी पसंद किया गया।
100 से ज्यादा मिले पुरस्कार
डॉ. रेणुका गंभीर नेशनल सेमिनारों, संगीत सम्मेलनों, ऑल इंडिया रेडियो के नेशनल प्रोग्राम में भी सितार बजा चुकी हैं।
उनकी इसी कला के चलते उन्हें राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर 100 से अधिक पुरस्कारों व विभिन्न उपाधियों से सम्मानित किया जा चुका है।
इसी साल 30 अक्तूबर को लंदन के रेडियो पर उनका कार्यक्रम प्रसारित होने के साथ ही उनकी एक और उपलब्धि बढ़ गई।
यू-ट्यूब पर प्रभावित हुए लंदन के रेडियो संचालक
लंदन के गॉर्जियस रेडियो के संचालकों ने यू-ट्यूब के माध्यम से डॉ. रेणुका का सितार वादन सुना तो वे भी प्रभावित हुए बिना नहीं रह सके।
उन्होंने ई-मेल के माध्यम से तुरंत रेणुका गंभीर से संपर्क किया और उन्हें लंदन में रेडियो पर उनके सितार वादन को सुनाने के बारे में आमंत्रित किया।
अब छात्र-छात्राओं को दे रही ट्रेनिंग
फिलहाल महाविद्यालय में बतौर एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रेणुका गंभीर छात्र-छात्राओं को संगीत की ट्रेनिंग दे रही हैं। उन्हीं से शिक्षा पाकर अनेक युवा संगीत के हुनर को निखार चुके हैं।
संगीत विभाग के साथ-साथ महाविद्यालय के अन्य विद्यार्थी भी संगीत में करियर बनाने के लिए उनसे शिक्षा लेकर आगे बढ़ते हैं।